रिटायरमेंट. एक ऐसा शब्द, जो हर नौकरीपेशा व्यक्ति के जीवन में आता है. इसकी आम धारणा 60 साल से जुड़ी है. हालांकि, इसको एक महिला ने 29 साल की उम्र में कॉर्पोरेट जॉब छोड़कर तोड़ दिया. उसने अपने लिए एक जमीन खरीदी. अब वो फल-फूलों से लेकर साग-सब्जी की खेती कर रही है. महिला का दावा है कि अर्ली रिटायरमेंट के बाद वो अपनी जिंदगी को प्रकृति के बेहद करीब गुजार रही है. उनकी कहानी सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बनी हुई है.
इस महिला ने 29 साल की उम्र में 'रिटायरमेंट' ले लिया, खुद बताया अब जिंदगी कैसी है
स्नेहा राजगुरू पुणे में अपने परिवार के साथ रहती हैं. baapbetifarm नाम से उनका इंस्टाग्राम अकाउंट है. उनके अच्छे एक लाख से ज्यादा फॉलोअर्स भी हैं. स्नेहा छोटे-छोटे व्लॉग्स शेयर करती हैं. सोमवार, 24 अगस्त को उन्होंने एक वीडियो शेयर किया. इसमें उन्होंने अपनी जॉब से ‘रिटायरमेंट’ लेने के बारे में बताया.

स्नेहा राजगुरू पुणे में अपने परिवार के साथ रहती हैं. baapbetifarm नाम से उनका इंस्टाग्राम अकाउंट है. उनके अच्छे एक लाख से ज्यादा फॉलोअर्स भी हैं. स्नेहा छोटे-छोटे व्लॉग्स शेयर करती हैं. सोमवार, 24 अगस्त को उन्होंने एक वीडियो शेयर किया. इसमें उन्होंने अपनी जॉब से ‘रिटायरमेंट’ लेने के बारे में बताया. साथ ही अपने फॉलोअर्स को ‘बेहतर लाइफ जीने के 4 स्टेप्स’ भी बताए.
29 साल की उम्र में रिटायरमेंटस्नेहा ने पोस्ट के कैप्शन में लिखा,
‘क्या आप भी ऐसी लाइफ का सपना देखते हैं? हमारे साथ जुड़ें. आपका सफर यहीं से शुरू हो सकता है.’
स्नेहा ने वीडियो में पहला स्टेप जमीन खरीदना बताया. उन्होंने कहा,
‘एक छोटे से जमीन के टुकड़े को खरीदना चाहिए. फिर उसका ऐसा नाम रखिए, जो आपके दिल के बेहद करीब हो.'
दूसरे स्टेप में बताया कि इस जमीन पर फलों के पौधे लगाएं. ये पौधे आपके साथ ही बड़े होते हैं और आपको सालों तक स्वादिष्ट फल भी देंगे.
स्नेहा ने तीसरे स्टेप के बारे में आगे बताया,
‘अपना खाना खुद उगाना शुरू करिए. क्योंकि, अगर भविष्य में कोई जंग या लॉकडाउन जैसी स्थिति आती है, तो आप खाने के लिए किसी दूसरे पर डिपेंड नहीं रहेंगे. यहां तक की सरकार पर भी नहीं.’
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स्नेहा ने चौथे स्टेप के बारे में बताते हुए सलाह दी,
‘अपनी खरीदी हुई जमीन को सुंदर और खूबसूरत फूलों से भर दें. क्योंकि, अगर आपका दिमाग रोजाना अपने आस-पास सुंदरता को देखेगा, तो उसे कभी भी अस्पताल की जरूरत नहीं पड़ेगी.’
उन्होंने कहा कि सबसे जरूरी बात यह है कि आप अपने पास एक ऐसी जगह जरूर बनाएं, जो आपको और आपकी आत्मा को खुशियों से भरे, न कि सिर्फ आपके पेट को. स्नेहा का मानना है कि रिटायरमेंट का उम्र से कोई लेना-देना नहीं है. रिटायरमेंट का असल मकसद ‘दबाव के बजाय शांति को चुनना है'.
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