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उधार से खरीदा था पहला बैट, भारत के खिलाफ 3 शतक ठोक छा गए सोनल दिनुशा

भारत के खिलाफ टेस्ट सीरीज में श्रीलंका के बैटर सोनल दिनुशा (Sonal Dinusha) का बल्ला खूब चला. उन्होंने सबसे ज्यादा रन बनाए. सोनल के क्रिकेटर बनने की राह आसान नहीं रही. एक समय उनकी फैमिली के पास बैट खरीदने के लिए पैसे नहीं थे.

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सोनल दिनुशा ने टेस्ट सीरीज में सबसे ज्यादा रन बनाए. (फोटो- PTI)

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  • सोनल दिनुशा ने भारत के खिलाफ कोलंबो में खेले गए दूसरे टेस्ट मैच में दो सेंचुरी बनाकर टेस्ट सीरीज में सबसे ज्यादा 420 रन बनाए और प्लेयर ऑफ द मैच अवॉर्ड जीता।
  • दिनुशा के संघर्ष की कहानी है कि उनके परिवार के पास क्रिकेट के लिए पर्याप्त पैसे नहीं थे, और उनका पहला बैट उनकी बहन ने उधार लिए पैसों से खरीदा था।
  • दिनुशा की शानदार बैटिंग ने श्रीलंका को टेस्ट सीरीज में क्लीन स्वीप से बचाया, जिससे उनकी अंतरराष्ट्रीय पहचान और करियर में नए मौके पैदा हुए।

श्रीलंका के बल्लेबाज सोनल दिनुशा (Sonal Dinusha) ने टेस्ट सीरीज में इंडियन बॉलर्स को सबसे ज्यादा परेशान किया. भारतीय गेंदबाज उनकी काट ढूंढने में नाकाम रहे. दो मैचों की टेस्ट सीरीज के दौरान वह श्रीलंका की सबसे बड़ी खोज बनकर उभरे. इस टेस्ट सीरीज के चलते उन्हें इंटरनेशनल क्रिकेट में पहचान मिली. आज सोनल की तारीफ भले पूरी दुनिया में हो रही हो लेकिन, उनके क्रिकेटर बनने की राह आसान नहीं रही. एक समय ऐसा था, जब उनकी फैमिली के पास बैट खरीदने के लिए भी पैसे नहीं थे. उन्हें पहला बैट दिलाने के लिए उनकी बहन ने किसी से पैसे उधार लिए थे. 

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कोच ने बताई संघर्ष की कहानी

भारत-श्रीलंका के बीच दो टेस्ट मैचों की सीरीज 27 अगस्त को खत्म हुई. कोलंबो में खेला गया दूसरा टेस्ट इस सीरीज का आखिरी मैच था. इस मैच के हीरो सोनल दिनुशा रहे. इस मुकाबले के बाद सोनल के कोच अशान प्रियंजन ने उनकी क्रिकेट जर्नी के बारे में बात की. इस दौरान उन्होंने दिनुशा के क्रिकेट के शुरुआती दिनों को याद किया. उन्होंने कहा कि उस समय हालात काफी मुश्किल थे. दिनुशा की फैमिली ने उनके लिए बहुत सैक्रिफाइस किया. PTI से बात करते हुए सोनल के कोच अशान प्रियंजन ने कहा,

उसकी बहन ने कुछ पैसे उधार लिए थे. उन्हीं पैसों से दिनुशा के लिए पहला क्रिकेट बैट खरीदा गया था. फैमिली के पास ज्यादा पैसे नहीं थे. अब फैमिली की अर्निंग दिनुशा की वजह से है. यह उनकी इनकम का एकमात्र जरिया है.

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कोच ने आगे बताया कि वह अपने पैरेंट्स और भाई बहनों से बहुत जुड़े हुए हैं. 

बास्केटबॉल प्लेयर बनना चाहते थे दिनुशा

दिनुशा स्कूल के दिनों में बास्केटबॉल प्लेयर बनना चाहते थे. वह बास्केटबॉल को लेकर काफी सीरियस थे. स्कूल के कोच सुसंता फेलिक्स डायस ने उन्हें खेलते हुए देखा. इसके बाद उन्होंने दिनुशा को क्रिकेट टीम में शामिल कर लिया. उस समय दिनुशा के पास बैट और क्रिकेट का जरूरी सामान भी नहीं था. उसकी बहन ने पैसे उधार लेकर उनके लिए पहला बैट खरीदा. कोच अशान प्रियंजन ने दिनुशा को पहली बार कोलंबो क्रिकेट क्लब में प्रैक्टिस करते देखा था. उस समय दिनुशा की उम्र करीब 11 या 12 साल थी.प्रियंजन ने उनके टैलेंट को पहचान लिया.

प्रियंजन के मुताबिक,

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मैंने एक बार दिनुशा से कहा था कि स्पिन बॉलर्स के खिलाफ सक्सेस होने के लिए अच्छा स्वीप शॉट होना जरूरी है. क्योंकि, उसे एशियन कंट्रीज में काफी क्रिकेट खेलना होगा. इसके बाद उसने नेट्स में करीब दो घंटे तक सिर्फ स्वीप शॉट की प्रैक्टिस की.

दिनुशा ने की बेहतरीन तैयारी

दिनुशा के कोलंबो टेस्ट में बड़ी पारियां खेलने के पीछे उनकी खास तैयारी थी. मैच से पहले उन्होंने अपने कोच प्रियंजन से संपर्क किया. इस दौरान उन्होंने भारत के स्पिन अटैक से निपटने को लेकर चर्चा की. इसके बाद दिनुशा ने दूसरे टेस्ट के लिए खास तैयारी की. उन्होंने कोलंबो क्रिकेट क्लब में स्वीप और रिवर्स स्वीप शॉट की प्रैक्टिस की. दिनुशा ने लेफ्ट हैंड स्पिनर और ऑफ-स्पिनर के खिलाफ इन शॉट्स पर जमकर काम किया.

कोलंबो टेस्ट की दोनों पारियों में जड़े शतक

श्रीलंका की टीम जब कोलंबो पहुंची तो वह टेस्ट सीरीज में 0-1 से पीछे थी. गॉल टेस्ट में भारत ने उसे 165 रनों से हराया था. दूसरे टेस्ट में श्रीलंका को हर हाल में कमबैक करना था. श्रीलंका नहीं चाहता था कि टेस्ट सीरीज में उसका क्लीन स्वीप हो. कोलंबो के SSC क्रिकेट ग्राउंड पर खेले गए दूसरे टेस्ट में भारत ने पहली पारी 9 विकेट पर 503 रन बनाकर घोषित की. श्रीलंका के बैटर्स ने बड़े टोटल का प्रेशर महसूस किया. टीम ने लगातार विकेट खोए. 

ऐसे में सातवें नंबर पर बैटिंग करने आए सोनल दिनुशा टिक गए. उनका साथ पासिंदु सूर्यबंदारा ने दिया. पासिंदु 80 रन बनाकर आउट हुए लेकिन, सोनल जमे रहे. उन्होंने शानदार बैटिंग करते हुए श्रीलंका को 290 रनों तक पहुंचाया. सोनल ने पहली पारी में 103 रनों की पारी खेली. श्रीलंका कोलंबो टेस्ट में फॉलोऑन नहीं बचा पाया. टीम को फॉलोऑन खेलना पड़ा. जब दूसरे टेस्ट में भारत की जीत तय लग रही थी, तब सोनम दिनुशा फिर टीम इंडिया के आड़े आ गए. 

श्रीलंका की दूसरी पारी में वह छठे नंबर पर बैटिंग करने आए थे. उन्होंने पहली इनिंग्स की तरह दूसरी पारी में भी शानदार बल्लेबाजी की. श्रीलंका की टीम दूसरी इनिंग्स में 218 रनों पर 6 विकेट खो चुकी थी. ऐसे में भारत की जीत तय थी. लेकिन, दिनुशा ने जबरदस्त बैटिंग करके मैच ड्रॉ करा दिया. श्रीलंका की दूसरी पारी में दिनुशा ने नॉट आउट 133 रन बनाए. इस टेस्ट में यह उनकी दूसरी सेंचुरी थी. उन्होंने बेहतरीन बैटिंग से श्रीलंका को क्लीन स्वीप होने से बचा लिया.

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सीरीज में बनाए सबसे ज्यादा रन

भारत के खिलाफ टेस्ट सीरीज में सोनल दिनुशा का बल्ला जमकर बोला. वह टेस्ट सीरीज में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बैटर रहे. उन्होंने 420 रन स्कोर किए. 3 सेंचुरी और एक हाफ सेंचुरी लगाई. टेस्ट सीरीज में उन्होंने चार पारियों में से तीन में सेंचुरी जड़ी. दिनुशा ने गॉल टेस्ट में भी शतक लगाया था. सोनल दिनुशा भारत के खिलाफ नाइटमेयर साबित हुए. टेस्ट सीरीज में उन्होंने अपने स्वीप शॉट्स से टीम इंडिया को खूब छकाया. 

भारत का कोई स्पिनर उन पर इम्पैक्ट नहीं डाल पाया. आंकड़ों पर नजर डालें, तो सोनल ने भारतीय स्पिनर्स के खिलाफ 173 रन स्वीप शॉट्स पर बनाए. टेस्ट  सीरीज में उन्होंने रवींद्र जडेजा, कुलदीप यादव, मानव सुथार और सारांश जैन के खिलाफ खूब स्वीप और रिवर्स स्वीप शॉट खेले. दूसरे टेस्ट में बेहतरीन बैटिंग करने के लिए उन्हें ‘प्लेयर ऑफ द मैच अवॉर्ड’ से नवाजा गया. 

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