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अब गिल को कैसे टीम इंडिया से बाहर रखेंगे अजीत आगरकर?

शुभमन गिल इस साल टी20 वर्ल्ड कप जीतने वाली टीम का हिस्सा नहीं थे. वह टीम के वाइस-कैप्टन थे लेकिन वर्ल्ड कप से ठीक पहले उन्हें टीम से बाहर कर दिया.

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शुभमन गिल की कप्तानी में गुजरात टाइटंस फाइनल में पहुंच गई है. (Photo-PTI)

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  • शुभमन गिल को वर्ल्ड कप से पहले भारत की टी20 टीम की उप-कप्तानी दी गई थी, लेकिन IPL 2026 में गुजरात टाइटंस को फाइनल तक पहुंचाकर उन्होंने अपनी टीम में वापसी पक्की की।
  • शुभमन गिल को टी20 वर्ल्ड कप से पहले टीम इंडिया से बाहर किया गया था, जिससे उनके चयन को लेकर सवाल उठे, लेकिन उन्होंने आईपीएल में बेहतर प्रदर्शन कर जवाब दिया।
  • गिल के नेतृत्व में गुजरात टाइटंस ने दूसरे क्वालिफायर में जीत हासिल की, जिससे उनकी टीम फाइनल में पहुंची और गिल को प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया।

शुभमन गिल (Shubman Gill), वह खिलाड़ी जो फिलहाल भारत की T20 टीम का हिस्सा नहीं है. वह खिलाड़ी, जिससे वर्ल्ड कप से ठीक पहले उप-कप्तानी ले ली गई. वह खिलाड़ी, जिसकी टी20 टीम में वापसी लोगों को मुश्किल नजर आ रही थी. लेकिन, IPL 2026 ने इन सब दावों और सवालों को खत्म कर दिया. शुभमन गिल ने गुजरात टाइटंस (Gujarat Titans) को फाइनल में पहुंचाकर साबित कर दिया कि बोर्ड के लिए अब उन्हें टीम से बाहर रखना आसान नहीं होने वाला है.

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गिल के लिए अहम था IPL

गिल इस साल टी20 वर्ल्ड कप जीतने वाली टीम का हिस्सा नहीं थे. वह घर बैठकर टीम इंडिया को चीयर कर रहे थे. उनके लिए पोस्ट कर रहे थे. लोग हैरान थे कि बोर्ड ने इतना बड़ा फैसला लेते हुए टूर्नामेंट से ठीक पहले गिल को बाहर कर दिया. किसी भी खिलाड़ी के लिए यह समय आसान नहीं होता है. गिल ने यह समय बिताया और फिर खुद को साबित करने IPL में आ गए.

टीम की शुरुआत अच्छी नहीं रही थी. पहले दो मैच में उन्हें हार मिली. पहले मैच में गिल केवल 39 रन ही बना सके. वहीं, दूसरे मुकाबले में वह नहीं खेले. लेकिन, फिर GT ने लगाई जीत की हैट्रिक. टीम इसके बाद टीम केवल तीन और मैच हारी. लीग राउंड खत्म होने के बाद गुजरात टाइटंस की टीम 9 जीत और पांच हार के साथ दूसरे स्थान पर रही. इस प्रदर्शन का बड़ा श्रेय गिल को ही जाता है. गिल ने कप्तानी में तो कमाल की ही. बतौर बल्लेबाज भी उन्होंने कमाल किया.

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बतौर कप्तान हिट रहे शुभमन गिल

लीग राउंड में 13 मैचों में शुभमन गिल ने 616 रन बनाए. इस दौरान उन्होंने 6 फिफ्टी प्लस स्कोर भी बनाए. लीग राउंड में टीम की स्थिति काफी कंर्फटेबल थी. वह ज्यादातर समय टॉप चार में ही रहे और आखिरकार टॉप दो में फिनिश किया. लेकिन, इसके बाद आया पहला क्वालिफायर. वह मैच जहां एक बार फिर गिल कठघरे में खड़े हो गए. RCB ने इस मैच में पांच विकेट पर 254 रन बनाए. जवाब में GT 20 ओवर भी नहीं खेल सकी. इस अहम मुकाबले में गिल ने केवल 2 रन बनाए और भुवनेश्वर की गेंद पर बोल्ड हो गए. लेकिन, खिलाड़ी वही है जो अपनी गलतियों से सीखे और कमबैक करे. यही हुआ दूसरे क्वालिफायर में. शुभमन गिल ने सोच लिया कि चाहे जो हो जाए, टीम को फाइनल में पहुंचाना है.

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बतौर बल्लेबाज भी शुभमन गिल ने किया कमाल

इस अहम मुकाबले में गिल ने बतौर कप्तान तो खुद को साबित किया ही, बतौर बल्लेबाज भी टीम के लिए अपना काम कर दिया. राजस्थान की टीम पहले बल्लेबाजी करनी उतरी और पहले ही ओवर में उन्होंने यशस्वी जायसवाल का विकेट खो दिया. वैभव सूर्यवंशी और रविंद्र जडेजा के अलावा कोई भी सहज नहीं दिखा. पूरी टीम 200 पार जाने के संघर्ष में ही लगी रही. जेसन होल्डर, मोहम्मज सिराज और कगिसो रबाडा ने राजस्थान के बल्लेबाजों को खूब छकाया. फिर जब बात आई चेज की तो यहां गिल बतौर बल्लेबाज चमके. 

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उन्होंने टीम के बल्लेबाजों पर दबाव नहीं आने दिया. साई सुदर्शन के साथ उन्होंने पहले विकेट के लिए 167 रन की साझेदारी कर ली. इस साझेदारी ने ही राजस्थान को मैच से बाहर कर दिया. गिल ने इस नॉकआउट मैच में 53 गेंदों में 104 रन बनाए. इस पारी में 15 चौके और तीन छक्के शामिल थे. गिल जब तक आउट हुए टीम का स्कोर 182 तक पहुंच चुका था और टीम जीत के करीब थी. बचा हुआ काम बाकी खिलाड़ियों ने पूरा कर दिया. क्वालिफायर-2 में कप्तान गिल प्लेयर ऑफ द मैच रहे. 

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