
शुभमन गिल में लंबी पारियां खेलने का भरपूर टैलंट है.
सचिन तेंडुलकर की वीडियो देख-देख कर उन्हें कॉपी करने वाला 18 साल के शुभमन गिल अब इंडिया की अंडर-19 टीम का वाइस कैप्टन है और वो सचिन की तरह ही स्ट्रेट ड्राइव, कवर ड्राइव, पुल और हुक शॉट मारता है. क्रिकेट के जानकार इसे इंडिया की क्रिकेट का भविष्य बता रहे हैं. पाकिस्तान के खिलाफ इस सेमीफाइनल में शुभमन ने अपनी 102 रनों की नाबाद पारी में 94 गेंदें लीं और 7 चौके जड़े. गिल की इस पारी के दम पर भारतीय बॉलरों ने पाकिस्तान को 69 रनों पर समेट दिया. मैच 203 रनों से जीत अब इंडिया फाइनल में पहुंच गई है. वर्ल्ड कप में अभी तक खेले 5 मैचों की 4 पारियों में शुभमन ने 341 रन बनाए हैं. इसमें ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ नाबाद 63, जिम्बाव्बे के खिलाफ 90, बांग्लादेश के खिलाफ 86 और अब पाकिस्तान के खिलाफ नाबाद 102 रन की पारी खेली.शुभमन की क्रिकेट जर्नी

अंडर-19 टीम के वाइस कैप्टन हैं शुभमन.
8 साल के शुभमन को पिता ने मोहाली में पंजाब क्रिकेट असोसिएशन (PCA)में दाखिल करा दिया. तीन साल तक खूब पसीना बहाया. फिर 11 साल का हुआ तो पहली बार 2014 में पंजाब के अंडर-16 इंटर-डिस्ट्रिक्ट टूर्नामेंट में खेलने का मौका मिला. इस टूर्नामेंट में शुभमन ने 351 रन की पारी खेली और पंजाब के ही निर्मल सिंह के साथ 587 रनों की रिकॉर्ड साझेदारी की. फिर पंजाब के लिए अंडर-16 टीम में विजय मर्चेंट ट्रॉफी में डेब्यू करते हुए नाबाद दोहरा शतक मार दिया.
जूनियर क्रिकेट में शुभमन के नाम एक के बाद एक रिकॉर्ड जुड़ने लगे. कारण एक ही रहा है. वो है भरपूर होम वर्क. पिता लखविंदर कहते हैं, "शुभमन ने कम उम्र से ही रोजाना प्रैक्टिस का जो नियम और अनुशासन अपनाया वो आज उसके काम आ रहा है. वो कहते हैं कि शुभमन रोजाना करीब 500 गेंदों पर बल्ला चलाता है. मोहाली के नेट्स में भी और उसके बाहर भी. नेट प्रैक्टिस इतनी जबरदस्त करता है कि बड़ी पारियां खुद-ब-खुद बल्ले से निकल आती हैं. " अपने धांसू क्रिकेट टैलंट और रिकॉर्ड्स के चलते शुभमन को साल 2013-14 और 2014-15 में बीसीसीआई की तरफ से बेस्ट जूनियर क्रिकेटर का अवॉर्ड मिला. इस दौरान विराट कोहली भी स्टेज पर थे और इनसे मिली मोटिवेशन शुभमन में और भूख पैदा कर गई.
द्रविड़ ने देखते ही प्लैन कर लिया

राहुल द्रविड़ की कोचिंग में शुभमन की परफॉर्मेंस और निखरी है.
इंडिया अंडर-19 टीम के कोच राहुल द्रविड़ की प्लैनिंग का शुभमन अहम हिस्सा है. वर्ल्ड कप से पहले फरवरी 2017 में जब इंग्लैंड अंडर-19 टीम इंडिया आई तो इस यूथ ODI सीरीज में चार मैचों में शुभमन ने 351 रन मार दिए. वो भी तब जब वो पहले दो मैचों में 29 और 24 रन ही मार पाया था. द्रविड़ ने प्लैन में बदलाव किया और शुभमन को ओपनिंग करने को कहा. अभी तक वो तीसरे नंबर पर खेलता रहा है.
अपने एक इंटरव्यू में शुभमन ने बताया कि द्रविड़ ने उससे ये कहा कि सोचो तुम पंजाब के लिए ही ओपनिंग करने जा रहे हो. मैं डर गया कि ओपनिंग कैसे करूंगा, मैं तो वन डाउन ही खेलता हूं. फिर जब पापा को कॉल किया तो उन्होंने भी कहा कि वैसा ही जैसा बताया जा रहा है,बस तब तक हवा में शॉट न मारना जब तक कि सेट न हो जाओ." फिर क्या था तीसरे मैच में ओपनिंग करते हुए शुभमन के बल्ले से नाबाद 138 और चौथे में 160 रन की पारियां निकलीं. फिर जब टीम इंग्लैंड गई तो भी 278 रन मारने वाले शुभमन टॉप स्कोरर रहे. पिता लखविंदर जो बेटे के क्रिकेट में उसका साथ देते-देते खुद क्रिकेट एक्सपर्ट हो गए हैं, कहते हैं कि शुभमन में वनडे में डबल सेंचुरी मारने का भरपूर दम है. बस वो पूरे 50 ओवर तक खड़ा रहे.

शुभमन का अगला लक्ष्य विराट कोहली की टीम इंडिया में शामिल होना है.
2016-17 में पंजाब के लिए विजय हजारे ट्रॉफी में हरभजन सिंह की कप्तानी में शुभमन को खेलने का मौका मिला. इसी टीम में युवराज सिंह भी थे. इस दौरान इस युवा खिलाड़ी ने 121 रनों की पारी खेली और सीरीज में 247 रन जोड़े. शुभमन पंजाब में बड़ा नाम हो चुके हैं और बीते सीजन में पंजाब रणजी भी खेले हैं. नवंबर 2017 में अपने पहले रणजी मैच में 50 और दूसरे में सेंचुरी (129 रन) मार दी.
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