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'पाकिस्तानी ट्रोल्स' के लिए बोलिंग करते हुए क्या बोल गए शोएब अख्तर?

नेक्स्ट लेवल ही चले गए शोएब.

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Shoaib Akhtar ने फिक्सिंग ट्रेंड वालों की ओर से बोलिंग शुरू कर दी है (फाइल फोटो)
पाकिस्तान क्रिकेट टीम T20 वर्ल्ड कप में अच्छा कर रही है. लेकिन उनके फ़ैन्स हर गुजरते दिन के साथ बेग़ैरत होते जा रहे हैं. भारतीय टीम की हर जीत के बाद सोशल मीडिया पर बेहूदी बातें ट्रेंड होती हैं. पाकिस्तानी फ़ैन्स लॉजिक को किनारे रख अपने ख्याली पुलाव परोसने लगते हैं. और अब इस परोसा-परोसी में पूर्व क्रिकेटर शोएब अख्तर भी शामिल हो गए हैं. इस पुलाव परोसने वाली भीड़ में घुसकर वेटर बनने को बेताब अख्तर ने घोषणा कर दी है, कि अगर अफ़ग़ानिस्तान की टीम न्यूज़ीलैंड को हरा देगी तो सोशल मीडिया पर बवाल होना तय है. बता दें कि भारत के कमाल के कमबैक के बाद यह मैच तीनों ही टीमों के लिए बेहद महत्वपूर्ण हो गया है. इंडिया चाहता है कि अफ़ग़ानिस्तान की टीम न्यूज़ीलैंड को हरा दे. जिससे सेमीफाइनल के लिए भारत के मौके बेहतर हो जाएं. # Shoaib Akhtar Rant अगर ऐसा हुआ तो भारतीय टीम को अपने आखिरी मैच में नामीबिया को पीटना होगा. और फिर वे अपने ग्रुप में दूसरे नंबर पर फिनिश करते हुए सेमीफाइनल में पहुंच जाएंगे. और ऐसा होने से पहले, इसके ख्याल ने ही पाकिस्तानी फ़ैन्स की नींद उड़ा दी है. अफ़ग़ानिस्तान और स्कॉटलैंड के खिलाफ भारत की बड़ी जीत के बाद अनाप-शनाप ट्रेंड्स से इन फ़ैन्स का पेट भरा नहीं है. और ऐसे में उन्होंने अभी से आगे की तैयारियां शुरू कर दी हैं. और इन तैयारियों में शोएब भी शामिल हो गए हैं. उन्होंने अपने यूट्यूब चैनल पर कहा,
'अब भारत का भाग्य न्यूज़ीलैंड के हाथों में है. अगर न्यूज़ीलैंड की टीम अफ़ग़ानिस्तान से हार जाती है तो बहुत से सवाल उठेंगे. मैं पहले ही आपको चेतावनी दे रहा हूं. मुझे डर है कि यह एक और ट्रेंडिंग टॉपिक बन जाएगा. मैं किसी विवाद में नहीं पड़ना चाहता लेकिन न्यूज़ीलैंड को लेकर पाकिस्तान के लोगों की भावनाएं उफान पर हैं. मेरा मानना है कि न्यूज़ीलैंड एक अच्छी टीम है जो अफ़ग़ानिस्तान को हरा सकती है. अगर वो ना जीती, और अगर वो अच्छा ना खेले तो समस्या होगी. अगर ऐसा हुआ तो सोशल मीडिया को कोई रोक नहीं पाएगा.'
शोएब की बातों से एक चीज साफ है. उनकी नज़र में न्यूज़ीलैंड की टीम अफ़ग़ानिस्तान से बेहतर है. और ऐसे हाल में सिर्फ और सिर्फ न्यूज़ीलैंड को ही जीतना चाहिए. मतलब सीरियसली? सच में? ऑन पेपर जो टीम अच्छी हो उसका जीतना पहले से फिक्स है तो हम ये टूर्नामेंट्स कराते क्यों हैं? ICC रैंकिंग देखें और फिर ऑन पेपर टीम देख लें. और इतना होने के बाद ट्रॉफी उठाएं और उस टीम के घर तक पहुंचा दें. इतने पैसे क्यों खर्च करने, इतनी जद्दोजहद क्यों करनी? यकीन नहीं होता कि शोएब अख्तर साब सालों तक क्रिकेट खेले थे. मतलब ऐसी बातें करेंगे तो कैसे ही भरोसा होगा? जो इंसान स्टेप बाइ स्टेप चढ़ते हुए दुनिया के सबसे खतरनाक बोलर्स में से एक बना, वो सस्ते... सॉरी पाकिस्तान में तो महंगा इंटरनेट है. हां तो महंगे इंटरनेट पर चलते वाले ट्रोल्स की भाषा बोलेगा तो कन्फ्यूजन तो होगी ही.

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