सौरव गांगुली और इरफान पठान. टीम इंडिया के लिए खेले बाएं हाथ के दो बल्लेबाज. दोनों ही ऑलराउंडर थे, यानी बैटिंग और बोलिंग दोनों करते थे. अब दोनों ही रिटायर हो चुके हैं. इरफान जहां कॉमेंट्री से लेकर तमाम रिटायर्ड लीग तक में खेल रहे हैं, तो दादा BCCI के प्रेसिडेंट बन इंडियन क्रिकेट को चला रहे हैं. इन दोनों की बैटिंग स्टाइल के साथ इनमें एक चीज और कॉमन है.
इन लोगों के चलते एक-दूसरे से नहीं खेल पाते भारत-पाकिस्तान!
ये अड़चन हटेगी तभी हो पाएंगे INDvsPAK मुकाबले.


इनका हाईएस्ट टेस्ट स्कोर. जी हां, इन दोनों ने अपने हाईएस्ट टेस्ट स्कोर एक ही टीम के खिलाफ़ बनाए थे. और वो भी एक ही मैच में. वो टीम थी पाकिस्तान. और मैच खेला गया था बेंगलुरु के चिन्नास्वामी स्टेडियम में. क्या ही दिन हुआ करते थे. पाकिस्तानी पेसर्स के सामने भारतीय बैटिंग होती थी. कमाल के मैच खेले जाते थे. खूब मौज आती थी. लेकिन अब तो ये सब स्वप्न हो गया है. टेस्ट छोड़िए, ये टीम्स लिमिटेड ओवर्स में भी एक-दूसरे के सामने पड़ने से बचती हैं.
भारत और पाकिस्तान. दो भाई. ऐसा सो कॉल्ड अमनपसंद लोग कहते हैं. भारत और पाकिस्तान. दो कट्टर दुश्मन. ऐसा बचे हुए लोग कहते हैं. हां तो ये लोग जो कुछ भी कहें, लेकिन भूगोल कहता है कि भारत और पाकिस्तान दो पड़ोसी हैं. जिनकी इन दिनों बिल्कुल नहीं बनती. सरहदों पर तनाव रहता है. लेकिन इस पर बात कभी और. राजनीति और खेल को आपस में नहीं मिलाते हैं. अब सीधे बल्ले और गेंद पर आते हैं.
भारत और पाकिस्तान के बीच 15 साल से टेस्ट सीरीज़ नहीं हुई है. जबकि लिमिटेड ओवर्स सीरीज़ में यह 2012-13 में आखिरी बार भिड़े थे. और इसके बाद दोनों ओर राजनीतिक हालात बदले. और इसका सबसे बड़ा असर पड़ा क्रिकेट पर. आईसीसी के इवेंट में इंडिया और पाकिस्तान भिड़ लेते हैं, लेकिन जैसे ही बात द्विपक्षीय क्रिकेट सीरीज़ की होती है, मतलब जहां बस यही दो देश एक दूसरे के खिलाफ खेलें, आगे कोई बात नहीं हो पाती.
शायद इसका मलाल दोनों मुल्क के क्रिकेट प्रेमियों के अलावा एक और देश/संस्था को है. इंग्लैंड क्रिकेट बोर्ड को. तभी तो हाल ही में वहां के बोर्ड ने दोनों देशों के बीच टेस्ट सीरीज़ होस्ट करने का ऑफर हवा में तैराया था. और इस ऑफर के खुले में आने के कुछ ही घंटों बाद BCCI और PCB दोनों ने विनम्रतापूर्वक इसे नकार भी दिया. इस मसले पर एक BCCI अधिकारी ने PTI से कहा,
"सबसे पहले, ECB ने भारत-पाकिस्तान सीरीज़ के लिए PCB से बात की. जो थोड़ी अजीब है. किसी भी हाल में, पाकिस्तान के खिलाफ़ होने वाली सीरीज़ ऐसा विषय है जिस पर BCCI नहीं बल्कि सरकार को फैसला लेना है. अभी के लिए, हमारी स्थिति पहले वाली ही है. हम पाकिस्तान के खिलाफ़ सिर्फ मल्टी-टीम इवेंट्स में ही खेलते हैं."
ये तो हुआ BCCI का स्टैंड. और गेंद सीधे सरकार के पाले में चली गई. दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय सीरीज़ खेले जाने के सवाल पर हर बार यही दलील सामने आती है कि दोनों देशों के बीच रिश्ते ठीक नहीं हैं. और रिश्तों के मौजूदा हाल को देखते हुए ये दलील सहमत होने लायक दिखती भी है. लेकिन क्रिकेट प्रेमी को क्या चाहिए? रोमांच से भरा एक बढ़िया क्रिकेट मैच.
जरा सोचिए....मल्टी-नेशन इवेंट्स से इतर जैसे ही विराट के बल्ले पर हारिस की गेंद पड़ेगी, कैसा विस्फोट होगा - मतलब हवा तो ऐसी ही बनाई गई है. और क्यों बनाई गई है? कोई नहीं जानता. कम से कम आम लोगों के लिए तो ऐसा कहा ही जा सकता है. इधर बाबर तो उधर विराट के चाहने वाले तो बहुत हैं. और इन देशों को आपस में खेलते देखने वालों की संख्या भी लाखों में है. तभी तो मल्टी-नेशन इवेंट में जब भी यह दोनों सामने पड़ते हैं, टिकट्स मिनटों में खत्म हो जाती हैं. इस बात को लिखने-बोलने में कोई संदेह नहीं कि लोग इन्हें आपस में खेलते देखना चाहते हैं.
पर ये चाहत फिलहाल तो पूरी होती नहीं दिखती. खैर..द्विपक्षीय सीरीज ना सही. ICC T20 वर्ल्ड कप में कम से कम एक बार तो भारत का पाक से सामना हो जाएगा. किस्मत अच्छी हुई तो उससे ज़्यादा. रोमांच के नाम पर अभी के लिए इतना ही.
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