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CM हिमंता ने फखरुद्दीन अली मेडिकल कॉलेज का नाम बदला, बोले- 'उनका नाम जिंदा रहेगा'

Assam के मुख्यमंत्री Himanta Biswa Sarma ने बताया कि हमने Fakhruddin Ali Ahmed Medical College का नाम बदलकर बारपेटा मेडिकल कॉलेज करने का फैसला किया है. 2011 में कांग्रेस के शासनकाल में यह मेडिकल कॉलेज बना था.

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फखरुद्दीन अली अहमद मेडिकल कॉलेज 2011 में बना था.

अगले कुछ महीनों में असम में विधानसभा चुनाव होना है. मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा अपनी कुर्सी बचाने के लिए जी-तोड़ कोशिश कर रहे हैं. हाल ही में उन्होंने जन आशीर्वाद यात्रा का दूसरा चरण भी पूरा किया. 10 मार्च को कैबिनेट की बैठक में उन्होंने राज्य के सांस्कृतिक और ढांचागत विकास के लिए कई अहम फैसले भी लिए. सीएम हिमंता ने यह भी ऐलान किया कि बारपेटा स्थित फखुरुद्दीन अली अहमद मेडिकल कॉलेज का नाम बदला जाएगा.

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भारत के पूर्व राष्ट्रपति फखुरुद्दीन अली अहमद के नाम वाले मेडिकल कॉलेज का नाम बदलने का फैसला आगामी चुनाव को देखते हुए काफी अहम माना जा रहा है. वोटर्स को संदेश देने के लिए अक्सर राजनीतिक पार्टियां नाम बदलने का पैटर्न फॉलो करती हैं. अब ये मेडिकल कॉलेज, बारपेटा मेडिकल कॉलेज के नाम से जाना जाएगा.

हिमंता बिस्वा सरमा ने मेडिकल कॉलेज का नाम बदलने पर कहा कि असम में सभी 15 मेडिकल कॉलेज का नाम उनकी भौगोलिक पहचान के हिसाब से रखा गया है. उन्होंने उदाहरण देते हुए बताया, जैसे- गुवाहाटी में गुवाहाटी मेडिकल कॉलेज और धुबरी में धुबरी मेडिकल कॉलेज.

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असम के मुख्यमंत्री ने आगे कहा,

"लेकिन किसी तरह बारपेटा मेडिकल कॉलेज का नाम फखरुद्दीन अली अहमद मेडिकल कॉलेज रख दिया गया. इससे कुछ कन्फ्यूजन हुआ है, और कई बार लोगों को लगता है कि वह एक प्राइवेट मेडिकल कॉलेज है क्योंकि बाकी सभी मेडिकल कॉलेजों के नाम ज्योग्राफिकल लोकेशन के हिसाब से रखे गए हैं."

हिमंता बिस्वा सरमा ने बताया कि हमने फखरुद्दीन अली अहमद मेडिकल कॉलेज का नाम बदलकर बारपेटा मेडिकल कॉलेज करने का फैसला किया है. हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि नाम बदलते समय कैबिनेट ने भारत के पूर्व राष्ट्रपति फखरुद्दीन अली अहमद के कद के हिसाब से एक और संस्थान का नाम उनके नाम पर रखने का फैसला किया है.

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द हिंदू की रिपोर्ट के मुताबिक, मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने कहा,

"क्योंकि फखरुद्दीन अली अहमद भारत के राष्ट्रपति थे और असम से पहले राष्ट्रपति थे, इसलिए कैबिनेट ने फैसला किया कि उनके नाम पर उसी या उससे भी ऊंचे दर्जे के किसी दूसरे एजुकेशनल या कल्चरल इंस्टिट्यूशन का नाम रखा जाएगा. हम उनके नाम को जिंदा रखने के लिए इस बारे में फैसला लेंगे."

2011 में कांग्रेस के शासनकाल में फखरुद्दीन अली अहमद मेडिकल कॉलेज बना था. यह मेडिकल कॉलेज श्रीमंत शंकरदेव यूनिवर्सिटी ऑफ हेल्थ साइंसेज से जुड़ा हुआ. इसमें 2012 से अंडरग्रेजुएट कोर्स और 2019 से पोस्टग्रेजुएट मेडिकल एजुकेशन दी जा रही है.

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