खेल के मैदान पर भारतीय नेवी और आर्मी आमने-सामने आ गई हैं. नेवी की तरफ से यह शिकायत की गई है कि उनके खिलाड़ियों को काबिलियत के बावजूद मौका नहीं मिल रहा. उन्होंने बाकायदा स्पोर्ट्स सेक्रेटरी को खत लिखकर सिलेक्शन में कॉन्फ्लिक्ट ऑफ इंटरेस्ट की बात कही है.
सेना के बॉक्सर को एशियन चैंपियनशिप में भेजा तो नेवी क्यों भड़क गई?
28 मार्च से शुरू हो रही एशियन चैंपियनशिप के लिए 10 खिलाड़ियों का चयन किया गया है. इनमें से नौ खिलाड़ी आर्मी से हैं. 10वां खिलाड़ी डिफेंस से नहीं है. 70 किलोग्राम कैटेगरी में नेवी के हितेश गुलिया की जगह आर्मी के दीपक को चुना गया है. नेवी अधिकारी इसी से निराश हैं. उन्होंने इसकी शिकायत करने का फैसला किया है.


दरअसल, 28 मार्च से शुरू हो रही एशियन चैंपियनशिप (Asian Championship) के लिए 10 खिलाड़ियों का चयन किया गया है. इनमें से नौ खिलाड़ी आर्मी से हैं. 10वां खिलाड़ी डिफेंस से नहीं है. 70 किलोग्राम कैटेगरी में नेवी के हितेश गुलिया की जगह आर्मी के दीपक को चुना गया है. नेवी अधिकारी इसी से निराश हैं. उन्होंने इसकी शिकायत करने का फैसला किया है.
स्पोर्ट्स सेक्रेटरी को लिखा खतइसे लेकर वाइस एडमिरल हरी रंजन राव ने स्पोर्ट्स सेक्रेटरी को खत लिखकर कहा कि बॉक्सिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया ने जो सिलेक्शन कमेटी बनाई है उसमें कॉन्फलिक्ट ऑफ इंटरेस्ट का मामला बनता दिखता है. रंजन ने कहा कि कमेटी में दो सदस्य उसी संस्था से हैं जिसके खिलाड़ी क्वालिफिकेशन की रेस में हैं. ऐसे में सिलेक्शन में पक्षपात का मुद्दा उठता है.
रंजव राव ने बताया कि टीम में आर्मी के जिस दीपक को मौका दिया गया है उन्हें नेवी के हितेश गुलिया ने पिछले साल इंटर सर्विसेज चैंपियनशिप और नेशनल्स 2026 में हराया है. उन्होंने इंडियन एक्सप्रेस से कहा,
BFI ने आरोपों को नकारागुलिया के वर्चस्व और इंटरनेशनल मेडल रिकॉर्ड के बावजूद उन्हें दीपक के नीचे रखा गया है. यहां सिलेक्शन ट्रायल्स कम होते हैं. यहां तक कि मैचों के वीडियो रिकॉर्डिंग भी उपलब्ध नहीं है. इस तरह के सिलेक्शन के कारण ही भारत 2024 पेरिस ओलंपिक में बॉक्सिंग में बिना मेडल के लौटा.
बीएफआई के एक्सिक्यूटिव डायरेक्टर कर्नल अरुण मलिक ने इन आरोपों को गलत बताया है. उनका कहना है कि हेड कोच सीए कटप्पा के अलावा सेना का कोई भी शख्स सिलेक्शन कमेटी का हिस्सा नहीं था. कटप्पा भी कई साल पहले रिटायर हो चुके हैं. अरुण मलिक ने दीपक के सिलेक्शन की भी वजह बताई. उन्होंने कहा कि फेडरेशन ने उसी को चुना जो बेस्ट था और उपलब्ध था. उन्होंने आगे कहा,
आप यह नहीं कह सकते कि अगर कोच आर्मी से है तो हम उसे चयन समिति में रख नहीं सकते. अगर हम किसी खास को चुनने की कोशिश में किसी औसत खिलाड़ी को चुनते हैं तो हम बहुत बेवकूफ होंगे. दीपक ने इस वेट कैटेगरी के स्पैरिंग सेशन में अच्छा किया.
इसके अलावा बीएफआई ने भी अपने सिलेक्शन प्रकिया का बचाव किया. अपने एक बयान में उन्होंने कहा,
सभी मैच को रिकॉर्ड किया जाता है. यह रिकॉर्डिंग स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया के साथ शेयर किए हैं. आमतौर पर यह रिकॉर्डिंग बॉक्सर्स और उनके कैंप के लोगों से शेयर नहीं की जाती हैं. इन बाउट का मतलब विजेता चुनना नहीं होता है. इससे खिलाड़ियों को सभी पैमानों पर आंका जाता है.
एशियन चैंपियनशिप के लिए चुनी गई पुरुष टीम
विश्वनाथ सुरेश (50 किग्रा), जदुमणि सिंह मंडेंगबाम (55 किग्रा), सचिन (60 किग्रा), आदित्य प्रताप यादव (65 किग्रा), दीपक (70 किग्रा), आकाश (75 किग्रा), अंकुश (80 किग्रा), लोकेश (85 किग्रा), हर्ष चौधरी (90 किग्रा), नरेंद्र (90+किग्रा).
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