The Lallantop

दिल्ली हाई कोर्ट पहुंचे कोच गौतम गंभीर, AI से जुड़ा है मामला

गंभीर ने हाल ही में भारत को 2026 वर्ल्ड कप दिलाया है. इसके बाद उनके कई वीडियो अलग-अलग प्लेटफॉर्म पर शेयर किए गए. इसमें से कई वीडियो AI से बने थे

Advertisement
post-main-image
गौतम गंभीर ने दिल्ली कोर्ट में याचिका दायर की है. (Photo-Reauters)

भारतीय टीम के हेड कोच गौतम गंभीर (Gautam Gambhir) हाई कोर्ट पहुंच गए हैं. इसका ताल्लुक क्रिकेट से नहीं, बल्कि उनकी पहचान से है. गंभीर ने आरोप लगाया है कि AI से बनाई गई डीपफेक वीडियो के जरिए उनकी पहचान का गलत इस्तेमाल किया जाता है. उन्होंने कोर्ट से अपील की है कि यह सारे वीडियो हटा दिए जाना चाहिए.

Advertisement

गंभीर ने हाल ही में भारत को 2026 वर्ल्ड कप दिलाया है. इसके बाद, उनके कई वीडियो अलग-अलग प्लेटफॉर्म पर शेयर किए गए. इसमें से कई वीडियो AI से बने थे. गंभीर ने इनके खिलाफ ही कोर्ट में शिकायत दी है.

गौतम गंभीर ने कहा,

Advertisement

मेरी पहचान मेरा नाम, मेरा चेहरा, मेरी आवाज़  का गलत जानकारी फैलाने और पैसे कमाने के लिए हथियार के तौर पर इस्तेमाल किया गया है. यह व्यक्तिगत आहत का मामला नहीं है; यह कानून, गरिमा और AI के युग में हर सार्वजनिक हस्ती को मिलने वाली सुरक्षा का मामला है.

16 लोग और संस्था बने आरोपी

गंभीर के डीपफेक वीडियो में उन्हें इस्तीफे देते हुए दिखाया गया. इस पर 29 लाख से ज्यादा व्यूज थे. वहीं, एक अन्य वीडियो में वह सीनियर क्रिकेटर्स की बुराई करते हुए नजर आए. इस केस में Amazon और Flipkart जैसे ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर उनके नाम और चेहरे का इस्तेमाल करके बिना इजाज़त के सामान बेचने का मुद्दा भी उठाया गया है. कुल 16 लोगों/संस्थाओं को आरोपी बनाया गया है  इनमें सोशल मीडिया अकाउंट से लेकर Meta Platforms Inc., X Corp. और Google LLC जैसे प्लेटफॉर्म शामिल हैं. साथ ही इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय और दूरसंचार विभाग जैसे सरकारी निकाय भी शामिल हैं.

याचिका में कॉपीराइट अधिनियम 1957, ट्रेड मार्क्स अधिनियम 1999 और कॉर्मिशियल कोर्ट एक्ट  2015 के प्रावधानों के साथ-साथ व्यक्तित्व अधिकारों को मान्यता देने वाले दिल्ली हाई कोर्ट के पूर्व फैसलों का हवाला दिया गया है.

Advertisement

यह भी पढ़ें- रोहित शर्मा को लेकर इरफान पठान ने दी सलाह, मुंबई इंडियंस का मैनेजमेंट सुनेगा? 

गंभीर ने AI, डीपफेक, मॉर्फिंग या फेस-स्वैपिंग सहित अपनी पहचान के किसी भी गलत उपयोग को रोकने के लिए रिस्ट्रेन की मांग की है. इस तरह की सामग्री को तत्काल हटाने और मामले की सुनवाई होने तक इसके आगे प्रसार पर रोक लगाने के लिए एक तत्काल याचिका भी दायर की गई है.

वीडियो: India vs New Zealand: संजू सैमसन के फाइनल में भी खेली शानदार पारी

Advertisement