मंज़ूर अहमद डार एक ऑटोमोबाइल शोरूम में सिक्योरिटी गार्ड का काम करते हैं. कश्मीर के बहुत छोटे से गांव सुगनपोरा से आईपीएल की चकाचौंध तक का उनका सफ़र दिल खुश करने वाला है. जम्मू-कश्मीर के वो इकलौते खिलाड़ी हैं जो इस साल के आईपीएल में खेलेंगे. भारत की टीम के लिए खेल चुके परवेज़ रसूल और तेज़ गेंदबाज़ उमर नज़ीर को नहीं ख़रीदा गया है.

जम्मू कश्मीर के पूर्व सीएम ओमर अब्दुल्लाह के साथ मंज़ूर अहमद डार.
मंज़ूर अहमद डार को उनके सर्कल में ताबड़तोड़ बैटिंग के लिए जाना जाता है. 6 फीट 2 इंच हाईट वाले मंज़ूर लंबे-लंबे छक्के मारने के लिए मशहूर हैं. उनका निक नेम पांडव है. अपने सिलेक्शन से मंज़ूर बहुत खुश हैं. वो इसे अपने संघर्ष का फल मानते हैं.
संघर्ष तो वाकई खूब किया है मंज़ूर ने. वो एक मज़दूर के बेटे हैं. घर के बड़े लड़के होने के नाते मंज़ूर पर अपने परिवार की ज़िम्मेदारी थी. इसी ज़िम्मेदारी ने उन्हें सिक्योरिटी गार्ड बना दिया. चार साल से वो गार्ड हैं. पहले उन्हें 2800 रुपए मिलते थे, अब 3000 मिलते हैं. उम्मीद है इन 20 लाख रुपयों से उनकी माली दुश्वारियों का अंत हो जाएगा.

आईपीएल नीलामी के दौरान प्रीती ज़िंटा और वीरेंद्र सहवाग.
दस साल की उम्र से मंज़ूर शौकिया तौर पर क्रिकेट खेलते रहे हैं. जल्द ही उनका टैलेंट पहचान लिया गया और लोकल टूर्नामेंट में उन्हें जगह मिलने लगी. वहां उन्होंने फियरलेस बैटिंग की. उनका नाम ही 'सिक्सर मैन' पड़ गया. फिर वो वक़्त भी आया जब उन्हें जम्मू-कश्मीर की टीम में सिलेक्ट किया गया. पिछले साल विजय हज़ारे ट्रॉफी में वो खेलें. अब आईपीएल ने भी उनके टैलेंट को पहचान लिया है. प्रीती ज़िंटा की टीम की तरफ से उन्हें खेलते देखना उम्दा नज़ारा होगा. ऑल दी बेस्ट मंज़ूर!














