फीफा वर्ल्ड कप 2026 की सबसे बड़ी बहस. फीफा अर्जेंटीना को फेवर कर रहा है. इस बहस से अर्जेंटीना की टीम और कोच भी अछूते नहीं रहे. स्विट्जरलैंड के खिलाफ क्वार्टर फाइनल मुकाबले से पहले ये सवाल स्कालोनी तक भी पहुंच गया. अर्जेंटीनी काेच ने बताया कि सोशल मीडिया पर चल रही इस नैरेटिव से प्लेयर्स भी अनजान नहीं हैं. उनके मुताबिक, ऐसी चीजें टीम के मोटिवेशन को बढ़ाने का ही काम करती हैं. साथ ही उन्होंने कहा कि ऐसे नैरेटिव फैलाने वाले नहीं चाहते कि हम जीतें और ऐसा पहली बार नहीं हो रहा है.
मेसी की टीम को फेवर कर रहा फीफा? कोच स्कालोनी ने दे दिया जवाब
FIFA World Cup 2026 : अर्जेंटीना को क्वार्टर फाइनल में अब स्विट्जरलैंड का सामना करना है. Lionel Messi की अगुवाई वाली इस टीम को लेकर सोशल मीडिया पर खूब माहौल टाइट है. आरोप लगे हैं कि फीफा जानबूझकर इस टीम को फेवर कर रहा है. अब इस पर कोच Lionel Scaloni का जवाब भी आ गया है.


अर्जेंटीनी टीम ब्राजील के बाद लगातार दूसरा खिताब जीतने का सपना लेकर चल रही है. इसी कड़ी में 12 जुलाई को उनका सामना क्वार्टर फाइनल में स्विट्जरलैंड से है. इस अहम मुकाबले से पहले हुए प्रेस कॉन्फ्रेंस में लियोनल स्कालोनी पहुंचे थे. इसी दौरान उनसे ये सवाल किया गया कि क्या फीफा उनकी टीम को फेवर कर रही है?
ये बहस वैसे तो टूर्नामेंट के शुरुआत से ही चल रही है. लेकिन, राउंड ऑफ 16 में इजिप्ट के खिलाफ अर्जेंटीना की जीत के बाद ये नैरेटिव काफी ज़्यादा वायरल हो गया था. दरअसल, इस मुकाबले में इजिप्ट का एक गोल VAR रिव्यू के बाद खारिज कर दिया गया था. लेकिन, बाद में जब इजिप्ट ने वैसी ही स्थिति में पेनल्टी की मांग की तो उनकी मांग ठुकरा दी गई. इसे लेकर इजिप्ट के कोचिंग स्टाफ और सपोर्टर्स ने रेफरी पर सवाल उठाए थे.
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कोच स्कालोनी ने क्या कहा?कुछ फैंस का ये भी मानना है कि इसके पीछे की वजह कमर्शियल है. उनके मुताबिक, आर्थिक नुकसान के डर से फीफा लियोनल मेसी और अर्जेंटीना को टूर्नामेंट से बाहर नहीं होने देना चाहता है. लेकिन, ये दावे हवा हवाई ही हैं. इसके पीछे कोई तथ्य नहीं है. कोच स्कालोनी के मुताबिक, उनकी टीम गत चैंपियन है. यही कारण है कि उन्हें एक खास वर्ग दोबारा जीतते नहीं देखना चाहता है. उन्होंने कहा,
असली वजह ये है कि बहुत लोग हमें दोबारा जीतते नहीं देखना चाहते हैं. हमें ये समझ में आता है. प्लेयर्स भी इन नैरेटिव्स को देखते हैं. हम अपनी आलोचनाओं या इन कॉमेंट्स को अपने परफॉर्मेंस में तब्दील करना चाहते हैं.
स्कालोनी ने इस दौरान 1986 के दौर की भी बात की. 1986 में भी अर्जेंटीनी टीम को लेकर ऐसे ही नैरेटिव्स गढ़े गए थे. उन्होंने आगे कहा,
हमारे साथ ऐसा पहली बार नहीं हो रहा है. ये पिछले 40 साल से चला आ रहा है. 1986 से ही. तब भी हमें लेकर यही कहा जाता था कि अर्जेंटीना को फेवर किया जाता है. ये कोई नया नहीं है. अर्जेंटीना हमेशा से टूर्नामेंट की एक मजबूत टीम रही है. प्लेयर्स को ये पहले से भी पता था. ये बहुत नॉर्मल है. इसमें कोई बड़ी बात नहीं कि दूसरे देश के लोग आपको जीतते नहीं देखना चाहते हैं.
वहीं, VAR को लेकर पूछे जाने पर 47 साल के कोच ने कहा कि इसके साथ मैनिपुलेशन संभव नहीं है. उन्होंने बताया कि VAR बहुत कम मौका देता है. इससे मदद मिलने की बात बिल्कुल गतल है. वर्ल्ड कप से पहले वीडियो दिखाकर फीफा पहले ही समझा देता है कि इस बार किस तरह चीजें काम करेंगी. जैसे वो बताते हैं हम अभी वही होते देखते हैं.
क्वार्टर फाइनल में सामने स्विस चुनौतीवहीं, अर्जेंटीनी टीम की फॉर्म की बात करें तो, टीम अब तक इस टूर्नामेंट में अजेय है. ग्रुप स्टेज में टॉप करने के बाद टीम ने राउंड ऑफ 32 में कापो वर्डे और राउंड ऑफ 16 में इजिप्ट को हराकर क्वार्टर फाइनल में जगह बनाई है. अब क्वार्टर फाइनल में टीम का सामना 12 जुलाई को स्विट्जरलैंड से होगा. अगर गत चैंपियन ये मुकाबला जीतती है तो सेमीफाइनल में नॉर्वे और इंग्लैंड के बीच होने वाले क्वार्टर फाइनल के विजेता से टीम भिड़ेगी.
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