जम्मू-कश्मीर (Jammu & Kashmir) की टीम ने रणजी ट्रॉफी में इतिहास रच दिया है. सेमीफाइनल में बंगाल (Bengal) को हराकर उसने पहली बार रणजी ट्रॉफी (Ranji Trophy) के फाइनल में जगह बना ली. जम्म-कश्मीर को मैच जीतने के लिए 126 रनों का टारगेट मिला, जिसे उसने 4 विकेट के नुकसान पर हासिल कर लिया. 67 साल इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ जब जम्मू-कश्मीर की टीम पहली बार इस डोमेस्टिक टूर्नामेंट के फाइनल में पहुंची है. टीम को फाइनल में पहुंचाने में आकिब नबी (Aqib Nabi) का अहम योगदान रहा. जिन्होंने सेमीफाइनल में गेंद और बल्ले से धमाकेदार परफॉर्मेंस दी.
बंगाल को हराकर जम्मू-कश्मीर पहली बार रणजी फाइनल में, शमी की बेस्ट बॉलिंग भी काम ना आई
जम्मू-कश्मीर (Jammu &Kashmir) की टीम ने रणजी ट्रॉफी के फाइनल में पहुंच गई. सेमीफाइनल में उसने बंगाल को 6 विकेट से हराया. जम्म-कश्मीर की टीम पहली बार रणजी ट्रॉफी के फाइनल में पहुंची है.


जम्मू-कश्मीर के मीडियम पेसर आकिब नबी ने खतरनाक बॉलिंग करते हुए कहर बरपाया. उनकी धारदार गेंदबाजी के आगे बंगाल के बल्लेबाज टिक नहीं पाए. उन्होंने मैच की दोनों पारियों में 9 विकेट झटके. यह उनकी बॉलिंग का कमाल था जिसकी वजह से बंगाल की टीम दूसरी पारी में 25.1 ओवर्स में 99 रनों पर ढेर हो गई. आकिब नबी ने पहली पारी में 5 और दूसरी इनिंग्स में 4 विकेट लिए. इसके अलावा आकिब नबी डार ने पहली पारी में महत्वपूर्ण 42 रन भी बनाए. पहली पारी में 328 रन बनाने वाली बंगाल की टीम दूसरी इनिंग्स में पूरी तरह बिखर गई.
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पहली पारी में 302 रन बनाने वाली जम्मू कश्मीर को मैच जीतने के लिए 126 रनों का टारगेट मिला. तीसरे दिन का खेल समाप्त होने तक उसने 2 विकेट पर 43 रन बनाए. चौथे दिन बंगाल ने शुरुआत में 2 विकेट लेकर जम्मू-कश्मीर को झटका दिया. शुभम पुंडीर 27 और कप्तान पारस डोगरा 9 रन बनाकर आउट हुए. इसके बाद, वंशज शर्मा और अब्दुल समद ने बेहतरीन बैटिंग करते हुए टीम को रणजी ट्रॉफी के फाइनल में पहुंचा दिया. वंशज ने नॉट आउट 43 रन की पारी खेली, वहीं, अब्दुल समद 30 रन बनाकर आउट नहीं हुए.
जम्मू-कश्मीर को शमी का रिकॉर्ड भी नहीं रोक पायाजम्मू कश्मीर के खिलाफ सेमीफाइनल में बंगाल के पेसर मोहम्मद शमी ने करियर बेस्ट बॉलिंग की. उन्होंने पहली पारी में 90 रन देकर 8 विकेट लिए. रणजी ट्रॉफी में शमी की यह बेस्ट बॉलिंग परफॉर्मेंस है. इसके बाद, उन्होंने दूसरी पारी में एक विकेट लिया. इस तरह शमी ने मैच में 9 विकेट लिए.
67 साल में पहली बार फाइनल मेंजम्मू कश्मीर की टीम पहली बार रणजी ट्रॉफी के फाइनल में पहुंची है. इससे पहले टीम रणजी ट्रॉफी में कभी नॉकआउट मुकाबले से आगे नहीं बढ़ पाई थी. उसे फाइनल में पहुंचने में 67 साल लगे. साल 1959-1960 में पहली बार रणजी ट्रॉफी का आयोजन हुआ था.
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