भारतीय तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी (Mohammed Shami) ने रणजी ट्रॉफी के सेमीफाइनल में अपने कमाल के प्रदर्शन से एक बार फिर टीम इंडिया का दरवाजा खटखटाया है. शमी पिछले एक साल से टीम इंडिया से बाहर हैं. चीफ सलेक्टर अजीत आगरकर के साथ उनके कोल्ड वॉर के कारण उनकी वापसी काफी मुश्किल नजर आती है. लेकिन शमी इतनी आसानी से हार नहीं मानने वाले. वो एक के बाद एक कमाल के स्पैल से लगातार सलेक्टर्स तक संदेश पहुंचा रहे हैं. रणजी ट्रॉफी के सेमीफाइनल में शमी ने करियर बेस्ट स्पैल डालकर अपने दावे को और पुख्ता कर दिया है.
मोहम्मद शमी की तरफ अब अगरकर और गंभीर को देखना ही पड़ेगा! रणजी में मचा दिया धमाल
मोहम्मद शमी ने रणजी ट्रॉफी मैच में धमाल मचा दिया है. एक पारी में आठ विकेट लिए हैं. शमी घरेलू क्रिकेट में नियमित तौर पर अच्छा प्रदर्शन करने में लगे हुए हैं. फिर भी उन्हें वेस्टइंडीज और साउथ अफ्रीका के खिलाफ घरेलू टेस्ट सीरीज में मौका नहीं दिया गया. उन्हें ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ वनडे सीरीज में भी मौका नहीं मिला.
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रणजी ट्रॉफी के सेमीफाइनल में शमी की बंगाल का सामना जम्मू और कश्मीर से था. बंगाल ने पहले बल्लेबाजी करते हुए पहली पारी में 328 रन बनाए. जम्मू ने जवाब में 302 रन बनाए. टीम के 8 बल्लेबाज मोहम्मद शमी का शिकार बने. शमी ने जम्मू के दोनों ओपनर शुभम खाजुरिया और यावेर हसन को एलबीडब्ल्यू किया. इसके बाद सबसे ज्यादा रन बनाने वाले अब्दुल सामद भी 82 रन बनाकर शमी का ही शिकार बने. विकेट कीपर बल्लेबाज कन्हैया वाधवान 29 और अबिद मुश्ताक 27 रन बनाकर आउट हुए. वंशराज शर्मा, आकिब नबी और आखिर में युद्धवीर सिंह भी शमी की गेंद पर बोल्ड हो गए. बचे हुए दो विकेट मुकेश कुमार के नाम रहे.
शमी ने 22.1 ओवर के स्पैल में 90 रन देकर 8 विकेट झटके. इस दौरान उनकी इकोनमी 4.10 की रही. यह शमी का करियर बेस्ट परफॉर्मेस हैं. 35 साल की उम्र में शमी ने इस प्रदर्शन के साथ सलेक्टर्स और गंभीर को सोचने को मजबूर कर दिया. सोशल मीडिया पर शमी को फैंस का भी काफी साथ मिल रहा है.
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शमी की नजर वापसी परमोहम्मद शमी जबसे टीम इंडिया से बाहर हुए हैं, उन्होंने घरेलू क्रिकेट में लगातार प्रदर्शन किया है. चाहे कोई भी फॉर्मेट हो शमी ने खुद को साबित किया है. रणजी ट्रॉफी की ही बात करें तो शमी ने अब तक सात मैचों में 38 विकेट लिए हैं, इसमें तीन पांच विकेट हॉल शामिल हैं. इससे पहले विजय हजारे ट्रॉफी में भी शमी का कमाल देखने को मिला था. शमी ने यहां सात मैचों में 6.09 के इकोनमी रेट से 15 विकेट झटके थे. इसके बावजूद न तो शमी को न्यूजीलैंड के खिलाफ वनडे सीरीज में मौका मिला और न ही टी20 वर्ल्ड कप में.
इसी रणजी सीजन में गुजरात के खिलाफ पांच विकेट हॉल लेने के बाद शमी से उनकी वापसी को लेकर सवाल किया गया था. तब उन्होंने कहा था,
इसमें बहुत मेहनत लगती है, और मेरा मानना है कि किस्मत भी अहम भूमिका निभाती है. हर कोई देश के लिए खेलना चाहता है. इसलिए, मैं इसके लिए (दोबारा) तैयार हूं. मेरा टारगेट है कि मैं फिट रहूं और हर समय भारतीय टीम के लिए उपलब्ध रहूं. मैदान पर मैं अपना प्रदर्शन जारी रखूंगा, बाकी सब चयनकर्ताओं पर निर्भर करता है.
मोहम्मद शमी को वेस्टइंडीज और साउथ अफ्रीका के खिलाफ घरेलू टेस्ट सीरीज में मौका नहीं दिया गया है. उन्हें ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ वनडे सीरीज में भी मौका नहीं मिला. शमी और घरेलू क्रिकेट में नियमित प्रदर्शन करने में लगे हुए हैं. शमी की कोशिश अब भी जारी है.
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