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जयपाल ने भारत को दिलाया LA ओलंपिक का पहला कोटा, मनु और सुरुचि चूकीं!

ISSF World Championship : मध्य प्रदेश के 23 साल के शूटर Jaipal Malviya ने इतिहास रच दिया. मेंस 10 मीटर एयर पिस्टल इवेंट में उन्होंने सिल्वर मेडल जीतकर 2028 लॉस एंजिल्स ओलंपिक के लिए भारत को पहला शूटिंग कोटा दिलाया.

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जयपाल मालवीय ने दोहा में सिल्वर मेडल अपने नाम किया. (Courtesy : X/ ISSF World)

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  • जयपाल मालवीय ने दोहा में ISSF वर्ल्ड चैंपियनशिप में मेंस 10 मीटर एयर पिस्टल इंडिविजुअल इवेंट में सिल्वर मेडल जीतते हुए 2028 के लॉस एंजिल्स ओलंपिक के लिए भारत को पहला शूटिंग कोटा दिलाया।
  • मनु भाकर और सुरुचि इंदर सिंह जैसे अनुभवी निशानेबाजों के ओलंपिक कोटा हासिल न कर पाने के बाद जयपाल मालवीय ने इस प्रतियोगिता में भारत के लिए ओलंपिक कोटा जीतने का अवसर बनाया।
  • जयपाल की इस उपलब्धि से भारतीय शूटिंग में नया उभरता सितारा सामने आया है और भारत के लिए 2028 ओलंपिक में भागीदारी सुनिश्चित करने का रास्ता खुला है।

जयपाल मालवीय ने दोहा में चल रहे ISSF वर्ल्ड चैंपियनशिप में इतिहास रच दिया. उन्होंने मेंस 10 मीटर एयर पिस्टल इंडिविजुअल इवेंट में सिल्वर मेडल अपने नाम किया. इसी के साथ, 2028 के लॉस एंजिल्स ओलंपिक के लिए भारत को पहला शूटिंग कोटा भी दिला दिया.

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जयपाल मध्य प्रदेश से आते हैं. महज 23 साल के हैं. 8 शूटर्स के फाइनल में उन्होंने ये कारनामा किया. उनका कुल स्कोर 242.2 रहा. इसी के साथ उन्होंने रजत तमगा अपने नाम कर लिया. चीन के काई हू ने 243.9 पॉइंट्स के साथ गोल्ड मेडल पर कब्जा जमाया. वहीं, चेकिया के जिंद्रिच डुबोवी को ब्रॉन्ज मिला. उनका स्कोर 220.9 रहा.

मालवीय की इस कामयाबी से भारतीय शूटिंग खेमे ने राहत की सांस ली है. वजह हैं भारत की दो बड़ी शूटर्स मनु भाकर और सुरुचि इंदर सिंह. दोनों विमेंस 10 मीटर एयर पिस्टल में ओलंपिक कोटा हासिल नहीं कर पाईं.

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मनु, सुरुचि और संयम ने जीता सिल्वर 

मनु भाकर ने पेरिस 2024 ओलंपिक में दो ब्रॉन्ज मेडल जीते थे. लेकिन दोहा में वह 179.9 के स्कोर के साथ 5वें नंबर पर रहीं. दूसरी तरफ सुरुचि ने 158.3 पॉइंट्स जुटाए. वह छठे नंबर पर रहकर बाहर हो गईं. दोनों ने टॉप-8 के फाइनल में तो जगह बनाई थी. लेकिन दांव पर लगे तीन ओलंपिक कोटा में से एक भी नहीं जीत सकीं.

हालांकि, महिला टीम इवेंट में भारत को निराशा नहीं मिली. वहां देश की झोली में सिल्वर मेडल आया. मनु, सुरुचि और संयम की तिकड़ी ने मिलकर 1738 पॉइंट्स जोड़े. चीन की टीम ने 1745 पॉइंट्स के साथ गोल्ड मेडल जीता.

कुल मिलाकर जयपाल मालवीय के सिल्वर ने भारत की लाज रख ली. इंडिविजुअल ओलंपिक कोटा की रेस से भारत खाली हाथ नहीं लौटा. जयपाल के इस प्रदर्शन ने एक बात तो साफ कर दी. भारतीय शूटिंग को एक नया स्टार मिल गया.

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मालवीय ने रचा इतिहास

क्वालिफिकेशन राउंड में भी जयपाल का जलवा रहा था. उन्होंने 6 सीरीज में 585 का स्कोर किया. तीसरे नंबर पर रहे और फाइनल का टिकट कटाया. मेडल राउंड में भी उन्होंने यही लय बरकरार रखी. हालांकि, फाइनल में उनकी शुरुआत थोड़ी डगमगाई हुई थी.

शुरुआती पांच शॉट्स की सीरीज ही देख लीजिए. अपने दूसरे शॉट में उन्होंने महज 9.2 का स्कोर किया. लेकिन आखिरी शॉट पर 10.6 लगाकर तगड़ी वापसी की. इस सीरीज में उनके कुल 50.5 पॉइंट्स हुए. वह काई हू के पीछे तीसरे नंबर पर आ गए.

अगली सीरीज के बाद उनका कुल स्कोर 100 हुआ. यहां जयपाल चौथे पायदान पर खिसक गए. लेकिन उन्होंने हिम्मत नहीं हारी. मुकाबला बेहद कड़ा हो चुका था. तभी जयपाल ने 10.7 का एक सटीक निशाना लगाया. इस एक शॉट ने उनकी मैच में वापसी करा दी.

इसके बाद जयपाल सीधे दूसरे नंबर पर आ गए. चीनी शूटर हू से उनका फासला घटकर सिर्फ 0.5 अंक रह गया था. तभी 9.7 के एक शॉट ने फिर से सांसें अटका दीं. उनकी दावेदारी खतरे में पड़ गई थी. लेकिन जयपाल ने तुरंत 10.7 का तगड़ा शॉट मारा और खुद को मुकाबले में मज़बूती से टिकाए रखा.

जयपाल ने क्या कहा?

आखिरकार, भारतीय शूटर की मेहनत रंग लाई. उन्होंने सिल्वर मेडल पर निशाना साध ही लिया. वर्ल्ड चैंपियनशिप में यह एक ऐतिहासिक पदक है. साथ ही लॉस एंजिल्स ओलंपिक 2028 के लिए भारत का खाता भी खुल गया है. इस ऐतिहासिक जीत के बाद जयपाल काफी खुश नजर आए. उन्होंने कहा,

यहां का माहौल एकदम शानदार है. दर्शकों का शोर बहुत ज्यादा था. इससे मुझे काफी जोश और प्रेरणा मिली. मैं फेडरेशन, SAI, OGQ, मध्य प्रदेश सरकार और भारत सरकार को शुक्रिया कहना चाहता हूं. मैं समरेश जंग सर का भी शुक्रगुजार हूं. मुझे बहुत खुशी है कि मैं देश के लिए कोटा और मेडल दोनों ला सका.

इस युवा शूटर का यूं उभरना वाकई दिल खुश करने वाला है. उन्होंने नई दिल्ली में 2026 के नेशनल सिलेक्शन ट्रायल्स में भी कमाल किया था. वहां मेंस 10 मीटर एयर पिस्टल के ट्रायल-1 में गोल्ड जीता था. तब वह 7वें नंबर पर रहकर फाइनल में पहुंचे थे. लेकिन, फाइनल में 245.6 का बड़ा स्कोर खड़ा कर दिया था.

इससे पहले, हांगझू में 2026 ISSF वर्ल्ड कप हुआ था. वहां जयपाल 9वें नंबर पर रहे थे. क्वालिफिकेशन राउंड में उन्होंने 585 अंक बनाए थे. लेकिन बहुत मामूली अंतर से फाइनल में जगह बनाने से चूक गए थे. अब दोहा में उन्होंने वह सारी कसर पूरी कर दी. इस जीत के साथ लॉस एंजिल्स ओलंपिक की दौड़ में भारतीय शूटिंग का शानदार आगाज हो चुका है.

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