The Lallantop

चुनाव आयोग में 'ऑल इन नॉट वेल', DG लेवल अधिकारी की रिपोर्टिंग को लेकर विवाद

चुनाव आयोग में आईटी विभाग की महानिदेशक सीमा खन्ना की सुपरवाइजरी स्ट्रक्चर को लेकर विवाद सामने आया है. नए आदेश के मुताबिक, अब उन्हें डिप्टी इलेक्शन कमिश्नर प्रकाश राज पुरोहित को रिपोर्ट करना है. इससे पहले मनीष गर्ग उनकी निगरानी कर रहे थे.

Advertisement
post-main-image
सीमा खन्ना की सुपरवाइजरी स्ट्रक्चर में कोई बदलाव नहीं हुआ. (Courtesy- X/ECISVEEP)

Quick AI HighlightsClick here to view more

  • चुनाव आयोग ने 4 नवंबर को आदेश जारी किया कि DG (IT) सीमा खन्ना अब डिप्टी इलेक्शन कमिश्नर प्रकाश राज पुरोहित को रिपोर्ट करेंगी, जबकि पहले उनका सुपरविजन मनीष गर्ग करते थे।
  • 28 जुलाई को डिप्टी इलेक्शन कमिश्नर मनीष गर्ग ने आदेश दिया था कि सीमा खन्ना सीधे चुनाव आयोग को रिपोर्ट करेंगी, लेकिन चुनाव आयुक्तों की आपत्ति के बाद इसे लागू नहीं किया गया।
  • चुनाव आयोग के वरिष्ठ अधिकारी ने पुष्टि की कि सीमा खन्ना की रिपोर्टिंग संरचना में बदलाव नहीं हुआ है और अब वे प्रकाश राज पुरोहित को रिपोर्ट करेंगी।

चुनाव आयोग में आईटी विभाग की एक अधिकारी को लेकर विवाद खड़ा हो गया है. विवाद चुनाव आयोग की डायरेक्टर जनरल ऑफ इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी यानी DG (IT) सीमा खन्ना के रिपोर्टिंग अधिकारी को लेकर है. बुधवार, 4 नवंबर को आयोग ने काम बांटने से जुड़ा एक नया आदेश जारी किया. इसके बाद कहा गया कि अब सीमा खन्ना डिप्टी इलेक्शन कमिश्नर प्रकाश राज पुरोहित को रिपोर्ट करेंगी. पहले उनके कामकाज का सुपरविजन मनीष गर्ग करते थे.

Advertisement

इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, गुरुवार, 5 नवंबर को चुनाव आयोग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने न्यूज एजेंसी पीटीई से कहा कि सीमा खन्ना की सुपरवाइजरी स्ट्रक्चर (रिपोर्टिंग व्यवस्था) में कोई बदलाव नहीं हुआ है.

सीमा खन्ना की रिपोर्टिंग को लेकर असमंजस

सीमा खन्ना नेशनल इन्फॉर्मेटिक्स सेंटर (NIC) की अधिकारी हैं. वो चुनाव आयोग के आईटी विभाग की जिम्मेदारी संभालती हैं. इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, सीमा पर डिजिटल वोटर लिस्ट के बेसिक इन्फ्रा को कथित तौर पर व्यवस्थित करने का जिम्मा है. साथ ही, चुनाव से जुड़े सॉफ्टवेयर सिस्टम में लगाई गई पाबंदियों को लेकर उठे विवाद के केंद्र में भी हैं.

Advertisement

इस विवाद की शुरुआत 28 जुलाई को हुई थी. उस दिन डिप्टी इलेक्शन कमिश्नर मनीष गर्ग ने एक आदेश जारी किया. इसमें कहा गया कि सीमा खन्ना सीधे चुनाव आयोग को रिपोर्ट करेंगी. इससे पहले वो डिप्टी इलेक्शन कमिश्नर संजय कुमार को रिपोर्ट करती थीं. संजय कुमार का दिल्ली सरकार में ट्रांसफर हो गया था. लेकिन चुनाव आयुक्त एसएस संधू और विवेक जोशी ने इस आदेश पर आपत्ति जताई. इसके बाद आदेश को रोक दिया गया.

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट सामने आने के बाद चुनाव आयोग ने एक प्रेस नोट जारी किया. इसमें आयोग ने कहा, 

संबंधित अधिकारी की ओर से कामकाज के बंटवारे को लेकर जारी किए गए आदेशों को दोनों चुनाव आयुक्तों के निर्देश के बाद लागू नहीं किया गया. आईटी विभाग की निगरानी की जिम्मेदारी भी उप चुनाव आयुक्त से कभी नहीं हटाई गई थी.

Advertisement

यह भी पढ़ें : ट्रंप की पार्टी को जिताने के लिए मस्क ने फूंके 4 हजार करोड़, अब डेमोक्रेट्स करेंगे ठेकों की जांच?

अब किसे रिपोर्ट करेंगी सीमा खन्ना?  

न्यूज एजेंसी पीटीआई से बात करते हुए चुनाव आयोग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, ‘वह आदेश लागू ही नहीं हुआ था. इसलिए, संजय कुमार के चुनाव आयोग से जाने के बाद भी सीमा खन्ना की रिपोर्टिंग मनीष गर्ग को ही थी. अब वो प्रकाश राज पुरोहित को रिपोर्ट करेंगी, जो कुछ दिन पहले डिप्टी इलेक्शन कमिश्नर बने हैं.’संजय कुमार के चुनाव आयोग छोड़ने के बाद मनीष गर्ग को उनका 'लिंक ऑफिसर' नियुक्त किया गया था. यानी संजय कुमार के पास जो जिम्मेदारियां थीं, उनके जाने के बाद वे सभी जिम्मेदारियां मनीष गर्ग को सौंप दी गई थीं.

वीडियो: जंतर-मंतर हिंसा की रिपोर्ट एक महीने में देने का आदेश, सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा?

Advertisement