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ईशान किशन ने खेली ऐतिहासिक पारी, जीत के करीब ईस्ट जोन

ईशान किशन ने साउथ जोन के खिलाफ फाइनल मैच में रनों का अंबार लगा लिया. उन्होंने पहली पहली पारी में 270 रन बनाए थे. वहीं दूसरी पारी में 80 रन स्कोर किए. अब वह दलीप ट्रॉफी के इतिहास में एक मैच में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले खिलाड़ी बन गए हैं.

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ईशान किशन ने दलीप ट्रॉफी फाइनल में दोहरा शतक लगाया था. (Photo-Pti)

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  • ईशान किशन ने दलीप ट्रॉफी के फाइनल मैच में पहली पारी में 270 और दूसरी पारी में 80 रन बनाकर सबसे ज्यादा रन बनाने का रिकॉर्ड तोड़ा और अपनी टीम को जीत के करीब पहुंचाया।
  • ईस्ट जोन ने पहली पारी में 708 रन बनाकर बड़ी बढ़त बनाई जबकि साउथ जोन ने 336 रन पर पारी सिमटाई, जिससे मैच पर ईस्ट जोन का प्रभुत्व स्थापित हुआ।
  • मैच के अंतिम दिन अगर कोई परिणाम नहीं निकलता है तो मैच ड्रॉ रहेगा और ईस्ट जोन दलीप ट्रॉफी का खिताब जीत जाएगी क्योंकि उनकी बढ़त प्रबल है।

ईशान किशन की कप्तानी वाली ईस्ट जोन दलीप ट्रॉफी जीतने के करीब पहुंच गई है. साउथ जोन के कप्तान तिलक वर्मा ने 99 रन की पारी के दम पर मैच बचाने की कोशिश जरूर की, लेकिन ऐसा हो नहीं पाया. दूसरी पारी में कप्तान ईशान किशन के 80 रन की बदौलत ईस्ट जोन अब जीत के करीब पहुंच गई हैं. अपनी इस पारी से ईशान ने दलीप ट्रॉफी का बड़ा रिकॉर्ड भी अपने नाम कर लिया.

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ईशान किशन की रिकॉर्ड पारी

ईशान किशन ने साउथ जोन के खिलाफ फाइनल मैच में रनों का अंबार लगा लिया. उन्होंने पहली पहली पारी में 270 रन बनाए थे. वहीं दूसरी पारी में 80 रन स्कोर किए. अब वह दलीप ट्रॉफी के इतिहास में एक मैच में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले खिलाड़ी बन गए हैं. उन्होंने नॉर्थ जोन के रमन लांबा का रिकॉर्ड तोड़ा. लांबा ने वेस्ट जोन के खिलाफ 1987 में 320 रन बनाए थे. ईशान की पारी का उनकी टीम को भी काफी फायदा हुआ.  

तिलक की 211 गेंद में 99 रन की पारी के बावजूद साउथ जोन की टीम ईस्ट जोन की पहली पारी के 708 रन के जवाब में 336 रन पर सिमट गई. ईस्ट जोन ने इस तरह 372 रन की बढ़त हासिल की.

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ईस्ट जोन ने नहीं दिया फॉलोऑन

मैच की बात करें तो ईस्ट जोन ने साउथ जोन को फॉलोआन नहीं दिया. उन्होंने दूसरी पारी में खुद खेलने का फैसला किया. दिन का खेल खत्म होने तक टीम ने पांच विकेट पर 212 रन बना लिए थे. इसके साथ ही उनकी कुल बढ़त को 584 रन तक पहुंचा दिया. दिन का खेल खत्म होने पर कुमार कुशाग्र 34 जबकि कोनेन कुरैशी 26 रन बनाकर खेल रहे थे. दोनों छठवें विकेट के लिए 52 रन की अटूट साझेदारी कर चुके हैं.

10 सितंबर मैच का आखिरी दिन है. ईस्ट जोन ने पहली पारी में बड़ी बढ़त हासिल की थी. ऐसे में अगर मैच ड्रॉ की ओर जाता है तो जीत ईस्ट जोन की ही होगी. इसी कारण ईस्ट जोन का खिताब जीतना लगभग तय हो गया है.

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तिलक वर्मा शतक से चूके

इससे पहले अपनी पहली पारी में तिलक ने कमाल का प्रदर्शन किया. लेकिन अपना शतक पूरा नहीं कर सके. मैच के चौथे दिन वह 56 रन के स्कोर से आगे खेलने उतरे थे. साउथ जोन की पारी में एक तरफ से तिलक टिके रहे. हैदराबाद के तिलक ने दूसरे छोर पर विकेट गिरने के बावजूद डिफेंसिव खेल दिखाया. लेकिन आखिर में वह बड़ा शॉट खेलने की कोशिश में ऑफ स्पिनर कुरैशी को कैच दे बैठे. दिन की शुरुआत छह विकेट पर 242 रन से करने वाली साउथ जोन की टीम उनकी पारी की बदौलत 300 रन का आंकड़ा पार करने में सफल रही.

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