FIFA World Cup 2026 चल रहा है. फुटबॉल का ये सबसे बड़ा इवेंट अमेरिका, कनाडा और मेक्सिको में हो रहा है. लेकिन एक टीम है जो हर मैच के पहले और मैच के बाद भी लड़ रही है. ये टीम सिर्फ विपक्षी टीम से नहीं, बल्कि ट्रैवल रूल्स, थकान और सिस्टम से भी मुकाबला कर रही है. ये टीम है ईरान की. न्यूजीलैंड के खिलाफ मैच के तुरतं बाद ईरान की पूरी टीम को अमेरिका में छोड़ने को कह दिया गया.
ईरान की टीम को मैच के बाद अमेरिका छोड़ना पड़ा, कोच ने FIFA को भयंकर लताड़ा
ईरान की टीम का बेस कैंप मेक्सिको के तिजुआना में है. अमेरिका में मैच खेलने के लिए उन्हें हर बार फ्लाइट पकड़नी पड़ती है. न्यूजीलैंड के खिलाफ मैच खत्म होते ही उन्हें वापस मेक्सिको लौटने को कह दिया गया.


16 जून को लॉस एंजेलिस के सोफी स्टेडियम में ईरान ने न्यूजीलैंड के साथ 2-2 का रोमांचक ड्रॉ खेला. रामिन रेजाएयन और मोहम्मद मोहेब्बी ने गोल किया. ईरान की टीम दो बार पीछे आने के बाद बराबरी पर आई. लेकिन मैच के बाद जश्न मनाने की जगह टीम के खिलाड़ी और कोच अपनी परेशानी बताते दिखे.
टीम के हेड कोच अमीर घलेनोई ने कहा,
“हमारी टीम पूरे वर्ल्ड कप में सबसे ज्यादा परेशान की गई टीम है.”
स्ट्राइकर मेहदी तारेमी सीधे शब्दों में बोले,
“हमारे लिए सब कुछ डिजास्टर जैसा है.”
दरअसल, ईरान की टीम का बेस कैंप मेक्सिको के तिजुआना में है. अमेरिका में मैच खेलने के लिए उन्हें हर बार फ्लाइट पकड़नी पड़ती है. न्यूजीलैंड के खिलाफ मैच खत्म होते ही उन्हें वापस मेक्सिको लौटने को कह दिया गया. मैच के बाद रात 11 बजे के आसपास उनकी फ्लाइट थी. स्टेडियम से बस 10:07 पर निकली. टीम का मैच 8 बजे खत्म हुआ था. यानी, उनके पास रेडी होने का भी समय नहीं था.
ईरान के प्लेयर्स चाहते थे कि मैच के अगले दिन लॉस एंजेलिस में रिकवरी सेशन करें, लेकिन उन्हें मना कर दिया गया. टीम के कोच ने The Athletic को बताया,
“वो कह रहे हैं कि हमें तुरंत जाना होगा. हमें समझ नहीं आ रहा क्यों ऐसा हो रहा है. लगता है कोई और हमारे लिए प्लानिंग कर रहा है.”
ये सिर्फ एक मैच की बात नहीं है. खिलाड़ी बताते हैं कि मैच से एक दिन पहले ही वो लॉस एंजेलिस आए. उन्हें दो दिन पहले आने की इजाजत नहीं मिली. इससे थकान बढ़ जाती है. तारेमी बताते हैं,
“वर्ल्ड कप में अगले मैच की अच्छी तैयारी जरूरी है. लेकिन हमें वो सपोर्ट नहीं मिल रहा. FIFA को हमारी ज्यादा मदद करनी चाहिए.”
पर ईरान की टीम के लिए ये मुश्किलें अचानक नहीं आईं. फरवरी में अमेरिका-इजराइल के ईरान पर हमलों के बाद से ही स्थिति बिगड़ी हुई है. टीम को वीजा की समस्या हुई. ईरानी फुटबॉल फेडरेशन के अधिकारी बताते हैं कि 11 स्टाफ मेंबर्स को अमेरिका में एंट्री नहीं मिली. टीम प्रेसिडेंट, मीडिया, मैनेजमेंट अमेरिका नहीं पहुंच पाए.
ईरान ने टूर्नामेंट शुरू होने से पहले अमेरिका में ज्यादा मैच खेलने की जगह मेक्सिको में बेस बनाने की कोशिश की. लेकिन पूरा समाधान नहीं मिला.
इन्फेंटिनो का एंट्रीपर इस कहानी में एक पॉजिटिव मोमेंट भी आया. न्यूजीलैंड के खिलाफ मैच के बाद FIFA प्रेसिडेंट जियानी इन्फांतिनो ईरानी टीम के लॉकर रूम में पहुंचे. तारेमी ने बताया कि इन्फांतिनो करीब 10 मिनट रुके और मदद करने का वादा किया.
कुछ दिन पहले मेक्सिको सिटी में इन्फांतिनो ने कहा था,
“अगर जरूरत पड़ी तो मैं तेहरान से बस लेकर खुद ईरानी टीम को यहां ले आऊंगा.”
तारेमी ने आगे बताया,
“हम मेक्सिको के लोगों के पास वापस जाना पसंद करते हैं, लेकिन टेक्निकली यहां पर ही रुकना बेहतर होता.”
वो कहते हैं कि हालात मुश्किल होते जा रहे हैं, लेकिन हम अपना बेस्ट देते रहेंगे.
ईरान के प्लेयर्स अपनी तैयारियों के अलावा इन सारी बाधाओं से भी लड़ रहे हैं. क्या FIFA और आयोजक उनकी परेशानी सुनेंगे? इन्फांतिनो का वादा कितना असर करेगा? आगे के मैचों में ये देखना दिलचस्प होगा.
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