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FIFA वर्ल्ड कप 2026 : तंजानिया के रिफ्यूजी क्लब में हुआ था पैदा, अब बना ऑस्ट्रेलिया का हीरो

ग्रुप डी में गुरुवार को ऑस्ट्रेलिया का सामना तुर्किये से था. नेस्टोरी इरंकुंडा ने तीन डिफेंडरों से घिरे होने के बावजूद 27वें मिनट में निचले शॉट से गोल करके ऑस्ट्रेलिया को बढ़त दिलाई. वह इस देश के लिए फीफा वर्ल्ड कप में गोल करने वाला सबसे युवा खिलाड़ी बने.

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नेस्टोरी इरंकुंडा 20 साल के ही हैं. (Photo-AP)

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  • नेस्टोरी इरंकुंडा ने 13 जून को फीफा वर्ल्ड कप में ऑस्ट्रेलिया के लिए गोल किया और सबसे युवा स्कोरर बन गए।
  • इरंकुंडा का जन्म तंजानिया के रिफ्यूजी कैंप में हुआ था, और उनके परिवार ने फुटबॉल में उनकी प्रतिभा को विकसित करने के लिए कई त्याग किए।
  • उनके गोल से ऑस्ट्रेलिया ने तुर्की के खिलाफ मैच में बढ़त हासिल की, और आगे उनका फुटबॉल करियर बढ़ने की संभावना बनी।

साल 2006. किगोंबी का रिफ्यूजी कैंप. बुरुंदी का एक परिवार सिविल वॉर से जान बचाकर यहां रह रहा था. सात बच्चों के साथ इस कैंप में गुजारा आसान नहीं था. तभी परिवार में एक और नन्हीं जान आई. शायद इस बच्चे की किस्मत ने ही परिवार को तंजानिया से पर्थ पहुंचा दिया. भाइयों के साथ बैकयार्ड में फुटबॉल खेलते-खेलते परिवार का सबसे छोटा बच्चा ऑस्ट्रेलिया की फुटबॉल टीम में शामिल हो गया. 13 जून की रात वह इस देश के लिए फीफा वर्ल्ड कप में गोल करने वाला सबसे यंग खिलाड़ी बना. नाम है नेस्टोरी इरंकुंडा.

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इरंकुंडा का गोल

ग्रुप डी में गुरुवार को ऑस्ट्रेलिया का सामना तुर्किये से था. नेस्टोरी इरंकुंडा ने तीन डिफेंडरों से घिरे होने के बावजूद 27वें मिनट में निचले शॉट से गोल करके ऑस्ट्रेलिया को बढ़त दिलाई. इरंकुंडा ने गोल के लिए खास सेलिब्रेशन भी किया. उन्होंने ऑस्ट्रेलियाई फुटबॉल के दिग्गज टिम कहिल के योगदान को याद करने के लिए कॉर्नर फ्लैग पर मुक्का मारकर जश्न मनाया. इस गोल के साथ ही वह वर्ल्ड कप के इतिहास में ऑस्ट्रेलिया के सबसे युवा स्कोरर बने. इसके बाद कॉर्नर मेटकाफ ने 75वें मिनट में गोल दागा और ऑस्ट्रेलिया 2-0 से आगे हो गया. फाइनल हूटर तक यह लीड बनी रही.

परिवार ने किया सपोर्ट

इरंकुंडा पहली बार फीफा वर्ल्ड कप खेल रहे हैं. तंजानिया भले ही उनका जन्म स्थान हो, लेकिन ऑस्ट्रेलिया उनके लिए हर मायने में घर बना. इरंकुंडा ने बहुत कम उम्र में ही ऑस्ट्रेलियाई फुटबॉल में अपनी जगह बना ली थी. उन्हें एक लोकल क्लब के अंडर 10 कोच ने स्पॉट किया. 8 साल की उम्र में उन्होंने पैराफील्ड गार्डन के लिए अपना पहला फुटबॉल क्लब मैच खेला. परिवार इस समय तक यह समझने लगा था कि इरंकुंडा बहुत प्रतिभाशाली है और आगे काफी कुछ कर सकते हैं. उनके पिता नौकरी छोड़कर बेटे के साथ मैचों के लिए ट्रेवल करते थे. वहीं, दोनों बड़े भाइयों ने इरंकुंडा का खर्च उठाने का फैसला किया. उन्होंने खुद फुटबॉल खेलना छोड़ा और नौकरी करने लगे, ताकि इरंकुंडा की फुटबॉल फीस दी जा सके.

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जब वह महज 15 साल के थे जब उन्होंन एडिलेड के लिए ए-लीग डेब्यू किया. मैदान पर उनका इम्पैक्ट साफ दिखता था. चाहे उनकी पावरफुल स्ट्राइक हो या फिर रन डाउन. मैदान पर फैंस की नजरें उनपर जमी रहती थी.

बायर्न म्यूनिख में हुए शामिल

उनके खेल के मुरीद सिर्फ ऑस्ट्रेलिया ही नहीं, बल्कि ऑस्ट्रेलिया से बाहर भी थे. जर्मनी के क्लब बायर्न म्यूनिख ने उनपर अपनी नज़र बनाए रखी थी. साल 2023 में उन्होंने इरंकुंडा का साइन कर लिया. इसी समय पर वह ऑस्ट्रेलियाई सेटअप में भी ग्रो करने लगे. उन्होंने पहले यूथ टीम का प्रतिनिधित्व किया. कुछ समय बाद जाकर उनको टीम में जगह मिली. 14 जून को उन्होंने अपनी टीम को जीत तो दिलाई ही साथ ही यह भी साबित कर दिया कि आने वाले समय में वह इस टीम के लिए कई बड़े कारनामे करेंगे. 

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