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IPL फाइनल में किस बात पर अंपायर से भिड़ गए रजत पाटीदार? कोहली भी दिखे नाखुश

IPL Final 2026 : आईपीएल 2026 के खिताबी मुकाबले मे गुजरात और आरसीबी आमने-सामने हैं. इस मैच में आरसीबी ने टॉस जीतकर गुजरात को बैटिंग का न्योता दिया है. पहले बैटिंग करते हुए गुजरात मुश्किल में नजर आ रही है. वहीं उनकी इनिंग के दौरान एक कैच को लेकर विवाद भी हो गया. आरसीबी कैप्टन रजत पाटीदार इसको लेकर अंपायर से बहस करते नजर आए.

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आरसीबी और गुजरात के बी एक कैच को लेकर विवाद होता नजर आया. (एक्स)

अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में गुजरात और आरसीबी के बीच खिताबी मुकाबला चल रहा है. गुजरात की टीम शुरुआती विकेट गंवाकर मुश्किल में फंसती नजर आ रही है. इस बीच मैच में गुजरात के बैटर वाशिंगटन सुंदर के एक कैच को लेकर हाईवोल्टेज ड्रामा भी नजर आया, जब अंपायर ने उनको नॉट आउट करार दे दिया. आरसीबी कैप्टन रजत पाटीदार बीच मैदान अंपायर से बहस करते नजर आए.

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ये वाकया 10वें ओवर की आखिरी बॉल का है. क्रीज पर वाशिंगटन सुंदर थे. बॉल जैकब डफी के हाथों में थी. उन्होंने लेग स्टंप पर शॉर्ट लेंग्थ की बॉल की. सुंदर ने बॉल को फाइन लेग की ओर पुल किया. लेकिन शॉट मिस टाइम हो गया और बॉल फाइन लेग पर खड़े जॉर्डन कॉक्स की ओर गई. कॉक्स ने आगे की डाइव करते हुए कैच पकड़ा और आरसीबी के प्लेयर्स जश्न मनाने लगे. लेकिन ऑन फील्ड अंपायर्स कैच को लेकर श्योर नहीं थे. उन्होंने थर्ड अंपायर की मदद मांगी.

थर्ड अंपायर ने कैच को चेक किया. रिप्ले में दिख रहा था कि बॉल पूरी कॉक्स की उंगलियों में फंसी थी. लेकिन इस दौरान बॉल का कुछ हिस्सा ग्राउंड को भी टच कर रहा था. उन्होंने सुंदर को नॉट आउट करार दिया. थर्ड अंपायर का फैसला आने के बाद आरसीबी के कप्तान रजत पाटीदार ऑनफील्ड अंपायर नितिन मेनन से बहस करते दिखे. वहीं विराट कोहली भी अंपायर के फैसले से खुश नहीं दिखे.

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पहले भी हुआ है विवाद

ये पहला मौका नहीं है जब आईपीएल 2026 में किसी कैच को लेकर विवाद हुआ है. इससे पहले 30 अप्रैल को गुजरात और आरसीबी के मुकाबले में ही एक कैच को लेकर विवाद हुआ था. तब आरसीबी के कप्तान रजत पाटीदार खुद बैटिंग कर रहे थे.

पाटीदार ने गुजरात के बॉलर अरशद खान की शॉर्ट बॉल पर पुल लगाया. गेंद डीप फाइन लेग पर खड़े होल्डर के पास गई. उन्होंने दौड़ लगाकर कैच पकड़ा. लेकिन इस कैच को लेकर सवाल खड़े हो गए. रिप्ले में दिखा कि होल्डर ने गेंद को जमीन पर भी सटा दिया. यहां तक कि उठने के लिए भी बॉल को जमीन पर लगाकर ही वो खड़े हुए. हालांकि, थर्ड अंपायर का यही मानना था कि इस दौरान वो पूरे कंट्रोल में नज़र आ रहे थे. इसलिए ये कैच क्लीन था. विराट इसे बर्दाश्त नहीं कर सके. पहले उन्होंने अपने साथियों से इसका विरोध जताया. फिर वो डगआउट के पास खड़े अंपायर से भी भिड़ गए.

क्या है कैच को लेकर नियम?

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IPL के प्लेइंग कंडीशंस के क्लॉज 33.2 के मुताबिक, एक कैच को फेयर इन परिस्थि‍तियों में ही माना जाएगा.

  •  कोई कैच तभी 'फेयर' माना जाता है, जब कैच पूरा होने से पहले गेंद या गेंद के संपर्क में आया कोई भी फील्डर किसी भी समय बाउंड्री के बाहर जमीन को न छुए.
  • कोई कैच तब भी 'फेयर' माना जाता है, यदि गेंद फील्डर के एक या दोनों हाथों में हो, भले ही गेंद पकड़े हुए हाथ ज़मीन को छू रहे हों.
  • कोई कैच तब भी 'फेयर' माना जाता है, यदि गेंद शरीर से सटाकर पकड़ी गई हो. फील्डर की ओर से पहने गए बाहरी सुरक्षात्मक उपकरणों में फंस गई हो, या गलती से फील्डर के कपड़ों में अटक गई हो.
  • कोई कैच तब भी 'लीगल' माना जाता है, यदि फील्डर उसे तब पकड़े जब बैटर ने गेंद को एक से अधिक बार वैध रूप से हिट किया हो. बशर्ते कि पहली बार हिट होने के बाद से गेंद ने ज़मीन को न छुआ हो.
  • कोई कैच तब भी 'फेयर' माना जाता है, यदि गेंद विकेट, अंपायर, किसी अन्य फील्डर, या दूसरे बैटर को छूने के बाद पकड़ी गई हो.
  • कोई कैच तब भी 'लीगल' हो सकता है, यदि गेंद हवा में ही बाउंड्री पार कर गई हो पर कैच पूरा होने से पहले, फील्डर और गेंद बाउंड्री-रोप के बाहर ज़मीन को न छुएं.
  • कोई कैच तब भी 'फेयर' माना जाता है, यदि गेंद बाउंड्री के भीतर किसी ऐसी रुकावट से टकराकर पकड़ी गई हो, जिसे अंपायरों की ओर से बाउंड्री का हिस्सा घोषित न किया गया हो.

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