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BCCI के ब्लंडर ने चेन्नई सुपरकिंग्स को IPL2022 से बाहर कराया?

पिछले तीन मैच में कॉन्वे ने चेन्नई के लिए 87, 56 और 85 रन की पारियां खेली थी. इस इन-फॉर्म ओपनर की बदौलत चेन्नई की परफॉर्मेंस में परिवर्तन देखने को मिला है. उनके आउट होने पर खूब बवाल कटा. फैन्स ने ‘No DRS’ ट्रेंड करवा दिया.

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डेवन कॉन्वे के DRS नही ले पाने पर ट्विटर की जनता ने खूब बवाल काटा है (Courtesy: BCCI)

रोहित शर्मा बनाम एमएस धोनी. यानी मुंबई इंडियंस का मुकाबला चेन्नई सुपर किंग्स से हो रहा था. इस सीजन दोनों के सितारे गर्दिश में रहे हैं. आठ मैच हारकर मुंबई प्लेऑफ की रेस से पहले ही बाहर हो चुकी थी. चेन्नई की हल्की-फुल्की उम्मीद बची हुई थी. उस पर मुंबई ने पानी फेर दिया. हालांकि चेन्नई के फ़ैन्स की मानें तो उनकी इस हार का जिम्मेदार BCCI है. जिसके पास स्टेडियम में सही व्यवस्थाएं नहीं हैं.

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मैच की बात करें तो टॉस जीतकर रोहित शर्मा ने बोलिंग करने का फैसला लिया. पहले ही ओवर में डेवन कॉन्वे और मोईन अली वापस चले गए. और इसके बाद चेन्नई की पारी कभी संभली ही नही. चेन्नई के लिए कप्तान एमएस धोनी ने सर्वाधिक 36 रन बनाए. चेन्नई ने कुल 97 रन बनाए.

चेज आसान थी, पर मुकेश चौधरी ने मुंबई की परेशानियां बढ़ा दी. अपने चार ओवर में चौधरी ने तीन विकेट निकाले. मुंबई ने भी 33 रन पर चार विकेट गंवा दिए थे. इसके बाद ऋतिक शौकीन और तिलक वर्मा ने एक पार्टनरशिप बनाई और मुंबई को पांच विकेट से मैच जिताया. लेकिन इस रिजल्ट के बाद ट्विटर की सारी चर्चा मुंबई और वानखेडे की बिजली पर मुड़ गईं.

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मामला चेन्नई की पारी की दूसरी बॉल का है. डेनियल सैम्स की ये फुल लेंथ गेंद मिडल स्टंप पर गिरकर लेग स्टंप को मिस करती हुई नजर आई. लेकिन अंपायर ने उंगली उठा दी थी. और कॉन्वे चाहकर भी DRS नही ले सकते थे. स्टेडियम में बिजली नहीं होने की वजह से DRS अवेलेबल नही था.

मैच के पहले टॉस भी देर से हुआ, क्योंकि बिजली न होने के कारण फ्लडलाइट्स बंद हो गई थीं. गौरतलब है कि चेन्नई की पारी के चौथे ओवर में ही पावर सप्लाई वापस आ गई थी. कमेंटेटर आकाश चोपड़ा ने फै़न्स को मैच के दौरान ही ये बताया. अब वापस कॉन्वे के विकेट पर आते हैं. उन्हें गलत आउट देना चेन्नई पर बहुत भारी पड़ा.

पिछले तीन मैच में कॉन्वे ने चेन्नई के लिए 87, 56 और 85 रन की पारियां खेली थी. इस इन-फॉर्म ओपनर की बदौलत चेन्नई की परफॉर्मेंस में परिवर्तन देखने को मिला है. उनके आउट होने पर खूब बवाल कटा. फैन्स ने ‘No DRS’ ट्रेंड करवा दिया. इस पर लेजेंडरी स्पिनर लक्ष्मण शिवरामकृष्णन ने लिखा,

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‘इस मैच में दोनों टीम्स को DRS की सुविधा नहीं मिलनी चाहिए थी. #CSKvsMI’

एक अन्य यूजर ने लिखा –

इतनी बड़ी लीग, जिसमें इतना पैसा लगा है, वहां पावरकट के कारण DRS नहीं है ? डेवन कॉन्वे के साथ वहां सरासर गलत हुआ. वैसे यह एक और अंपायरिंग की गलती थी! बॉल लेग स्टंप से बाहर जा रही थी और अंपायर ने आसानी से गलत फैसला दे दिया.

एक और यूजर ने लिखा,

‘दुनिया की सबसे बड़ी लीग में DRS नहीं है और अंपायर भी ऐसे हैं!’

इस गलती का इल्ज़ाम किस पर जाएगा? ऐसी परिस्थितियों की लिए कोई विकल्प क्यों नहीं रखा गया? ऐसी स्थिति में निर्णय बैट्समेन के फेवर में होना चाहिए या नहीं? क्या मैच थोड़ी देर से शुरू नहीं किया जाना चाहिए था? या दोनों टीम्स के लिए DRS हटा देना चाहिए था? चेन्नई सुपर किंग्स के फै़न्स लगातार सोशल मीडिया पर ये सवाल कर रहे हैं. आपको बता दें कि चेन्नई अब अपने बाकी दोनों मैच जीतकर भी सिर्फ 12 पॉइंट पर ही जा पाएगी, जो प्लेऑफ के लिए काफी नहीं होगा.

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