30 अप्रैल को तेल की कीमत युद्ध जैसी स्थिति की वजह से फिर हाई लेवल पर पहुंच गई. प्राइस 120 प्रति डॉलर बैरल से ऊपर चला गया. लेकिन बाद में उतार-चढ़ाव के बीच थोड़ी कमी आई. चिंता ये है कि अगर ईरान और होर्मुज को लेकर तनाव बढ़ता है, तो वेस्ट एशिया से तेल की सप्लाई लंबे समय तक प्रभावित हो सकती है. दुनियादारी में इस पर बात करेंगे. साथ ही ये भी जानेंगे कि न्यूयॉर्क सिटी के मेयर जोहरान ममदानी ने ऐसा क्यों कहा कि वे यूनाइटेड किंगडम (UK) के किंग चार्ल्स तृतीय से कोहिनूर लौटाने के लिए बात करेंगे?
दुनियादारी: ईरान के खिलाफ अब क्या बड़ा करने वाले हैं डॉनल्ड ट्रंप?
30 अप्रैल को तेल की कीमत युद्ध जैसी स्थिति की वजह से फिर हाई लेवल पर पहुंच गई.
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