IPL 2026 मुंबई इंडियंस के लिए अब तक बहुत खराब रहा है. टीम अब तक 8 मुकाबलों में सिर्फ 2 जीत हासिल कर सकी है. ऐसे में हर तरफ न सिर्फ टीम मैनेजमेंट की आलोचना हो रही है. कप्तान हार्दिक पंड्या भी रडार पर हैं. कई क्रिकेट एक्सपर्ट्स का मानना है कि मुंबई को ट्रॉफी जीतनी है तो हार्दिक को कप्तानी से हटाना ही होगा. हालांकि, इस पूरी बहस में कितना दम है वो भी समझ लेते हैं.
क्या मुंबई इंडियंस में ये हार्दिक पंड्या का अंतिम सीजन है?
IPL 2026 : मुंबई इंडियंस के कप्तान Hardik Pandya की अगुवाई में एक बार फिर टीम का संघर्ष जारी है. हालांकि, इसे लेकर एक बार फिर बहस छिड़ गई है कि टीम को अब हार्दिक पंड्या से आगे बढ़ने का समय आ गया है.


दरअसल, इस कहानी की शुरुआत होती है दिसंबर 2023 से. मुंबई इंडियंस एक बड़ा कॉल लेती है. हार्दिक पंड्या को वापस मुंबई में लाने का कॉल. गुजरात टाइटंस से उनका ये ऑफ सीजन ट्रेड पूरी लाइमलाइट बटोरती है. कारण गुजरात टाइटंस के लिए पंड्या के दोनों सीजन. 2022 में उनकी कप्तानी में टीम चैंपियन बनती है. वहीं, 2023 में टीम रनर्स अप रहती है.
मुंबई का टीम मैनेजमेंट ये देख उनमें फ्यूचर देखता है. 2024 में रोहित की जगह हार्दिक कप्तान बनते हैं. पहले सीजन MI के फैन्स हार्दिक कोे खूब बू करते हैं. टीम पॉइंट्स टेबल के बॉटम पर फिनिश करती है. लेकिन, 2025 में टीम कमबैक करती है. प्लेऑफ में जगह बनाती है. हालांकि, फाइनल में जगह बनाने से चूक जाती है. 2026 की शुरुआत भी दमदार होती है.
14 साल बाद MI सीजन का पहला मुकाबला जीतती है. लेकिन, इसके बाद टीम बेपटरी हो जाती है. अगले 7 मुकाबलों में सिर्फ एक जीत मिलती है और अब टीम एलिमिनेट होने के कगार पर है. ऐसे में पिछले 3 साल में मैनेजमेंट की पूरी प्लानिंग धाराशाई ही नज़र आ रही है.
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एक्सपर्ट्स का क्या है मानना?यानी अगर एक्सपर्ट्स की बातों पर गौर करें तो उनकी बातों में दम है. हार्दिक का इंडिविजुअल परफॉर्मेंस सवालों के घेरे में ही है. साइमन डुल ने क्रिकबज पर बात करते ये तक कह दिया कि मुंबई इंडियंस को हार्दिक को न सिर्फ कप्तानी से हटाना चाहिए बल्कि उन्हें रिलीज भी कर देना चाहिए. कप्तानी को लेकर पॉमी मबांग्वा का भी यही मानना है.
अब अगर पिछले मुकाबले पर गौर करें तो हार्दिक बहुत क्लूलेस नज़र आ रहे थे. सबसे पहले उन्होंने टॉस जीतकर बैटिंग चुनकर हैरान कर दिया. मुंबई में इससे पहले पिछले 28 मुकाबलों में टॉस जीतने वाले कप्तान ने बॉलिंग ही चुनी थी. वजह जगजाहिर है ओस. लेकिन, फिर भी हार्दिक ने बैटिंग का फैसला किया. टीम ने 243 बनाए. लेकिन, डिफेंड नहीं कर सकी.
दूसरी सबसे बड़ी हैरानी रही बतौर इंपैक्ट प्लेयर शार्दुल ठाकुर को उतारना. वो पिछले 3 साल में पहले इंपैक्ट प्लेयर बन गए, जिन्होंने न ही बैटिंग की और न ही बॉलिंग. अब ये सोचने लायक है कि अगर उनसे सिर्फ फील्डिंग ही करानी थी तो इंपैक्ट प्लेयर के तौर पर उतारने की क्या जरूरत थी? बॉलिंग चेंजेज को लेकर भी वो बहुत क्लूलेस ही नज़र आ रहे हैं. यही कारण है कि टीम इस सीजन अपने संघर्ष को खत्म नहीं कर पा रही है.
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