2018 में भी बेंगलोर की टीम 14 मैच में 6 मैच जीतकर छठे स्थान पर रही थी. 2017 में बेंगलोर का तो और भी बुरा हाल था. इस सीजन में बेंगलोर 14 में 3 मैच जीतकर आख़िरी स्थान पर रही थी. अब बेंगलोर के लगातार हारने के बाद कप्य्तान कोहली पर सवाल उठने शुरू हो गए हैं. 5 अप्रैल को हुए मैच में कोहली ने शानदार बैटिंग करते हुए 84 रन बनाए लेकिन मैदान में झल्लाए और परेशान दिखे. मैच के बाद भी कोहली प्रेस कॉन्फ्रेंस में अपनी ये झल्लाहट जाहिर करते दिखे. कोहली ने कहा-
आख़िरी के चार ओवर्स में हमने जिस तरह की बॉलिंग की है, हम हार डिजर्व करते हैं. अगर आप आखिरी के ओवर्स में बेहतर खेल नहीं दिखाते हैं तो आप रसेल जैसे पॉवर हिटर्स के खिलाफ हमेशा संघर्ष करते दिखेंगे. हम दबाव में बिखर गए और यही कहानी है. अगर 20-25 रन और होते तो शायद हमें मदद मिलती? लेकिन अगर आप आख़िरी के 4 ओवर में 75 रन का बचाव नहीं कर सकते तो मुझे नहीं लगता है कि आप 100 रन का भी बचाव कर सकते हैं. हम इस बात पर बात कर सकते हैं कि हमने क्या गलत किया लेकिन इसके अलावा आप कुछ खास नहीं कह सकते. यह सीजन अब तक निराश करने वाला रहा है, लेकिन हमें यकीन करना होगा कि हम चीजें बदल सकते हैं.

मिसफील्ड होने के बाद झल्लाए से विराट कोहली (हॉटस्टार स्क्रीनशॉट)
इस मैच में बेंगलोर ने पहले बैटिंग करते हुए 205 रन बनाए थे. आख़िरी के 4 ओवर में कोलकाता को मैच जीतने के लिए 66 रन चाहिए थे जिसे कोलकाता ने 5 गेंद रहते ही बना लिया. इस मैच में आरसीबी ने कई मौके गंवाए. कई कैच ड्रॉप किए और फील्डिंग भी अच्छी नहीं थी. हरेक मिसफील्ड और कैच ड्रॉप होने के बाद कोहली का चेहरा गुस्सा-झल्लाया हुआ था. चेहरा ऐसा सा था मानो कह रहें हो ऐसे में मैं क्या ही कर सकता हूं, मैं हर जगह नहीं रह सकता. इरिटेट लग रहे थे.

परेशान विराट कोहली (हॉटस्टार स्क्रीनशॉट)
कोहली के खेल के ऑब्जर्व करने वाले लोग ये भी कहते हैं कि कोहली शानदार बैट्समैन हैं. कल के मैच में 84 रन की बढ़िया पारी भी खेली. जब अपने ज़ोन में रहते हैं तो किसी तरह के बॉलिंग अटैक उनसे बेहतर नहीं हो सकता. मौजूदा वक्त में वो दुनिया के बेस्ट बैट्समेन में से एक हैं. जब वो फील्डिंग साइड में होते हैं और किसी प्लेयर को आउट करने पर कोहली के जो कमेंट्स सामने आते हैं, उनको सही नहीं कहा जा सकता. दुनिया को लगता है कि कोहली ऐसे इंसान हैं जिन्होंने क्रमिक विकास (Human Evolution) को स्किप कर दिया है. आप अच्छे हैं. आप कभी महान नहीं हो सकते!
इसी मैच में बेंगलोर की टीम ने जब भी कोलकाता के विकेट चटकाए उस वक्त कोहली का एग्रेशन देखा जा सकता है. ऐसा कोहली अधिकतर करते हैं. इंटरनेशनल मैच में भी. जब भी कोहली फ्रंटफुट पर होते हैं कुछ ज्यादा ही एग्रेसिव होते हैं. लोग कोहली से ऐसी हरकतों की उम्मीद नहीं करते क्योंकि वह अब 2008 वाले कोहली नहीं हैं. 2019 के खिलाड़ी हैं जो भारतीय टीम को इंटरनेशनल लेवल पर लीड करते हैं.

एग्रेसिव मोड में कोहली (AP)
विराट कोहली को कई बार मैदान पर झल्लाते और गुस्साते हुए देखा गया है. ऐसे में उन्हें महेंद्र सिंह धोनी से सीखने की सलाह दी जाती है. लोग कहते हैं कि कोहली में कूलत्व की कमी है. इस कूल तत्त्व का खामियाज़ा विराट कोहली के साथ-साथ कई बार टीम को भी भुगतना पड़ा है.
वीडियो- हार्दिक पंड्या ने धोनी के हेलीकॉप्टर शॉट को पूरी तरह कॉपी कर लिया है










