अश्विन नियमों की बात कर रहे थे, आज एक ऐसे ही नियम ने उनकी टीम के छक्के छुड़ा दिए
व्हाट गोज़ अराउंड, कम्स अराउंड.
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फोटो - thelallantop
जाको राखे साइयां, मार सके न कोय.
जाके पांव न फटी बिवाई वह क्या जाने पीर पराई. ये दो पंक्तियां एक ही समय पर एक-एक कर के दो टीमों पर लागू हो रही थीं. मामला था किंग्स इलेवन पंजाब और कोलकाता नाइट राइडर्स के बीच हो रहे मैच का. दोनों टीमें एक एक मैच जीत चुकी थीं. मैदान कोलकाता का ही था. दिनेश कार्तिक की टीम पहले बैटिंग कर रही थी और सुनील नारायण ने उन्हें सॉलिड स्टार्ट भी दिला दी थी. लेकिन इनिंग्स के दूसरे हिस्से में पंजाब की टीम वापसी करती दिख रही थी. एक वक़्त ऐसा आया जब 8 गेंदों में 4 रन भी नहीं बन सके थे. टी-20 मैच के हिसाब से ये एक चिंतनीय स्थिति कहलाएगी. इसी दौरान एक वाकया हुआ. कोलकाता के ताबड़तोड़ बैट्समैन आंद्रे रसेल खेल रहे थे. उन्हें मोहम्मद शमी ने बोल्ड कर दिया. वो 5 गेंद पर 3 रन बनाकर आउट हुए और जाने लगे. शमी ने शानदार यॉर्कर फ़ेंकी थी. तभी अम्पायर ने नो-बॉल का इशारा किया. अश्विन को समझ में नहीं आया. अम्पायर ने बताया कि नो-बॉल फ़ील्डिंग रेस्ट्रिक्शन की थी. असल में पंजाब के मात्र 2 फील्डर ही 30 गज के सर्किल के अंदर थे. ये नियमों के ख़िलाफ़ है. नो-बॉल हुई और फ्री हित भी मिली. आंद्रे रसेल ने एक ही रन और बनाया. लेकिन इसके बाद वो भन्ना गए. उन्होंने अगली 12 गेंदों पर 45 रन बनाये. 5 छक्के मारे और 3 चौके. मोहम्मद शमी, जिन्होंने उन्हें बोल्ड किया था, के एक ओवर में रसेल ने 22 रन ठोंके.
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