कोहली का जो कैच कुलदीप ने लिया वो देख लोगे तो 'लोहा' फ़िल्म के धर्मेन्द्र की याद आ जाएगी
आईपीएल के धरम-गरम बन गए कुलदीप यादव.
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फोटो - thelallantop
आईपीएल 2019. 17वां मैच. मैच का 18वां ओवर. कुलदीप यादव 3 ओवर में 22 रन दे चुके थे. अपने चौथे ओवर में जा रहे थे. सामने विराट कोहली खड़े हुए थे. कोहली ने 48 गेंदों में 84 रन बनाए हुए थे. आरसीबी को इस पूरे टूर्नामेंट में हार ही नसीब हुई थी. उसे जीत की सख्त ज़रूरत थी. ऐसे में कोहली की ये इनिंग्स आरसीबी के लिए टॉनिक का काम कर रही थी. कुलदीप यादव ने ओवर की पहली गेंद कोहली के ज़ोन में फ़ेंकी. टॉस की हुई गेंद जो कि फ़ुल लेंथ थी. कोहली ने अपनी पूरी ताकत से बल्ले को गेंद से मिलाया. गेंद एक ही सेकण्ड में गोली बन गई. और जिस दिशा से आ रही थी, उसकी उल्टी दिशा में दौड़ पड़ी. सामने कुलदीप यादव ने हाथ लगा दिया. गेंद उनकी हथेली में जाकर कैद हो गई. बैंगलोर का सबसे बड़ा विकेट गिर चुका था. विराट कोहली एक और आईपीएल सेंचुरी से चूक चुके थे. कुलदीप यादव एक शानदार कैच ले चुके थे.
कुलदीप यादव का लिया ये कैच इतना ज़्यादा तगड़ा था कि एक फ़िल्म की याद आ गई. फ़िल्म थी लोहा. साल 1987 में रिलीज़ हुई. फ़िल्म में धर्मेन्द्र और मिथुन, दोनों थे. नाम ही से मालूम दे रहा है कि ऐक्शन फ़िल्म थी. तिस पर भी 80 के दशक की ऐक्शन फ़िल्म. यानी मज़ेदार ऐक्शन फ़िल्म. फ़िल्म अपने अंत के करीब होती है और एक गुफ़ा से निकलकर रामी रेड्डी आते हैं. उनके सामने एक पत्थर पर बैठे होते हैं धर्मेन्द्र. दोनों पहले तो डायलॉग बतियाते हैं और फिर रामी रेड्डी धर्मेन्द्र पर गोली चला देते हैं. धर्मेन्द्र उसे अपनी हथेली से रोकते हैं और कहते हैं, "तुम्हारी ये गोली, लोहे के इस शरीर के पार नहीं जा सकती." यकीन मानिए, कोहली ने जितनी ज़ोर से गेंद मारी थी, वो गोली ही थी जो कुलदीप यादव के शरीर के पार जा नहीं सकी.
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