ब्रिस्बेन टेस्ट ने ऋषभ पंत ने मैच जिताऊ पारी खेली. (तस्वीर: एपी)
भारतीय टीम ब्रिसबेन टेस्ट मैच जीत चुकी है. साथ ही सीरीज़ भी. हमने एक बार फिर ऑस्ट्रेलिया को बॉर्डर-गावस्कर सीरीज़ में हरा दिया है. ब्रिसबेन की जीत के हीरो रहे विकेटकीपर ऋषभ पंत. पंत ने ब्रिसबेन टेस्ट की दूसरी पारी में नाबाद 89 रन बनाए और भारतीय टीम को जीत दिलाई. इस शानदार पारी के लिए उन्हें मैन ऑफ़ द मैच का ख़िताब भी मिला है. मैच के बाद ऋषभ पंत ने मीडिया से बात करते हुए कहा-
यह मेरे अब तक के जीवन का सबसे बड़ा क्षण है. मैं खुश हूं कि जब मैं नहीं खेल रहा था उस वक्त भी सभी साथियों और सहयोगी स्टाफ ने मेरा समर्थन किया. यह एक ड्रीम सीरीज़ रही. मुझे टीम मैनेजमेंट ने हमेशा सपोर्ट किया है और मुझे बताया है कि मैं मैच विनर हूं और मुझे टीम ने लिए मैच जीतना होगा. मैं हर दिन यह सोचता रहता हूं कि भारत के लिए मैच जीतूं और आज मैंने यह किया है.
पांचवें दिन की पिच को लेकर उन्होंने कहा-
यह पांचवें दिन की पिच थी और गेंद थोड़ा घूम रही थी. ऐसे में मैंने सोचा कि मुझे अनुशासन के साथ शॉट्स खेलने चाहिए.
Pant के लिए कैसी रही ये सीरीज़?
चार टेस्ट मैचों की इस सीरीज़ के पहले मैच में पंत को नहीं खिलाया गया था. बाद के 3 मैच में पंत ने 68 से अधिक की औसत से 274 रन बनाए. पंत सीरीज़ में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाजों की लिस्ट में तीसरे स्थान पर रहे. 89 रन की पारी के साथ पंत टेस्ट क्रिकेट में सबसे तेज़ एक हज़ार रन बनाने वाले भारतीय विकेटकीपर बल्लेबाज़ भी बन गए हैं. पंत ने 27वीं इनिंग्स में यह रिकॉर्ड बनाया है. उन्होंने धोनी का रिकॉर्ड तोड़ा. धोनी को टेस्ट मैच में पहले हज़ार रन पूरे करने में 32 पारियां लगी थीं.