बीते कुछ दिनों से एथलेटिक्स में डोपिंग के कई मामले सामने आए हैं. अब शूटिंग में भी डोपिंग का मामला सामने आया है. एशियन गेम्स के लिए टीम में शामिल किए गए पिस्टल शूटर गौरव कुमार मसूरी डोपिंग टेस्ट में फेल हो गए हैं. फेडरेशन ने तुरंत एक्शन लेते हुए उन्हें न सिर्फ एशियन गेम्स, बल्कि उससे पहले होने वाले ISSF वर्ल्ड कप की टीम से भी बाहर कर दिया है.
पिस्टल शूटर डोप टेस्ट में फेल, एशियन गेम्स से पहले टीम से किया गया बाहर
NRAI ने कहा कि एशियन गेम्स खेलों की टीम में गौरव का नाम बदलने का फ़ैसला लेना पड़ा. अगर वह फ़ैसला लेने में देर करते, तो एशियन गेम्स के लिए समय रहते यह बदलाव नहीं कर पाते.


द ट्रिब्यून की रिपोर्ट के मुताबिक, 28 अप्रैल से 15 मई के बीच नई दिल्ली में हुए कुमार सुरेंद्र सिंह मेमोरियल शूटिंग चैंपियनशिप के दौरान गौरव का सैंपल लिया गया था. मसूरी के सैंपल में propranolol और metabolite 4-hydroxy-propranolol पाया गया.
गौरव को दिया गया नोटिसयह ड्रग बीटा ब्लॉकर है. इसकी मदद से हार्ट रेट कम रखा जाता है. शूटिंग जैसे खेल में इससे खिलाड़ियों का अतिरिक्त मदद मिलती है. इस रिपोर्ट के मुताबिक, नेशनल एंटी डोपिंग एजेंसी (NADA) ने उत्तर प्रदेश के बागपत से आने वाले गौरव को एडवर्स एनालिटिकल फाइंडिंग (AAF) का नोटिफिकेशन भेजा है, जिसमें उन्हें जानकारी दी गई है कि उनके टेस्ट में प्रतिबंधित पदार्थ पाया गया है. मसूरी को अभी प्रोविजनली सस्पेंड नहीं किया गया है. वह अब भी कंपीट कर सकते हैं. लेकिन, फेडरेशन ऐसा नहीं चाहती.
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NRAI ने एशियन गेम्स के लिए आकाश भारद्वाज को मसूरी का रिप्लेसमेंट बनाया है. वह अब एशियन गेम्स में 10 मीटर एयर पिस्टल इवेंट में हिस्सा लेंगे. एशियन गेम्स से पहले हांगझू में आईएसएसएफ वर्ल्ड कप भी होना है. इस वर्ल्ड कप के आयोजकों ने मसूरी के रिप्लेसमेंट को खेलने की अनुमति नहीं दी है.
गौरव का पक्षNRAI ने कहा कि एशियन गेम्स की टीम में गौरव का नाम बदलने का फ़ैसला लेना पड़ा. अगर वह फ़ैसला लेने में देर करते, तो एशियन गेम्स के लिए समय रहते यह बदलाव नहीं कर पाते. गौरव की तरफ से उनके कोच शेखर तोमर ने मामले को लेकर NADA ने जवाब दिया है. उन्होंने बताया कि गौरव ने पेन किलर ली थी. इसी में वह ड्रग था. सीधे तौर पर इसका सेवन नहीं किया गया है. इसके बावजूद उन्होंने अपने B सैंपल की टेस्टिंग न करवाने का फ़ैसला किया है. वह NADA के फ़ैसले का इंतज़ार कर रहे हैं.
दरअसल, एथलीट्स के A सैंपल के साथ B सैंपल भी लिए जाते हैं. अगर A सैंपल फेल हो जाता है, तो एथलीट्स B सैंपल की जांच करने के लिए चैलेंज कर सकते हैं. गौरव की टीम ने फैसले को चैलेंज नहीं करने का फैसला किया है.
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