पिछले साल 1 नवंबर को जयपुर में एक 9 साल की छात्रा ने स्कूल में अपनी जान दे दी थी. उसके माता-पिता ने आरोप लगाया था कि स्कूल में कुछ बच्चे लगातार उसे परेशान कर रहे थे. उन्होंने स्कूल प्रशासन से इसकी शिकायत भी की थी, लेकिन कथित तौर पर उन्होंने ध्यान नहीं दिया. अब 8 महीने बाद उसी नीरजा मोदी स्कूल की एक CCTV फुटेड सामने आई है.
स्कूल में जान देने वाली छात्रा के साथ क्लास में क्या-क्या हुआ था? CCTV में सब दिखा
Jaipur girl jumped school: जयपुर के नीरजा मोदी स्कूल में 9 साल की छात्रा की खुदकुशी से पहले का CCTV फुटेज आया है. मृतक के पैरेंट्स ने वीडियो जारी किया है.


8 मिनट का ये वीडियो पीड़िता की मौत से ठीक पहले का बताया जा रहा है. वीडियो क्लासरूम के अंदर का है. इसमें दिखा कि बच्ची सबसे पहले क्लासरूम में आ जाती है. वो एकदम सामान्य नजर आ रही है. कुछ ही देर में क्लासरूम के बाकी स्टूडेंट्स भी अंदर आने लगे. बच्ची चौथी सीट पर अकेले बैठी थी. बाकी बच्चे क्लास में एक दूसरे से बात करते, खेलते हुए नजर आ रहे थे. इसके बाद मृतक के आगे बैठे बच्चे एक डिजिटल स्लेट निकालते हैं. कुछ लिखते हैं, फिर उसे दिखाते हैं. आमतौर पर डिजिटल स्लेट को स्कूल में लाने की परमिशन नहीं होती है.
डिजिटल स्लेट देखते ही अब तक एकदम नार्मल नजर आने वाली छात्रा के हाव भाव बदल जाते हैं. वो कुछ परेशान नजर आने लगती है. कुछ बच्चे बार-बार उसके पास जाकर उसे कुछ दिखाते, कुछ बोलते नजर आ रहे हैं. तंग आकर छात्रा अपनी सीट से उठकर टीचर के पास जाती है. उनसे बातचीत करती है. इतने में स्लेट दिखाने वाला एक स्टूडेंट भी टीचर के पास आकर कुछ कहने लगता है. बातचीत के बाद दोनों अपनी सीट पर आ जाते हैं. लेकिन फिर वो बच्चे मृतक से कुछ बोलते हुए और स्लेट दिखाते नजर आते हैं. पीड़िता फिर टीचर के पास जाती है. और वापस सीट पर आकर बैठ जाती है.
टीचर जब क्लासरूम में अन्य बच्चों के पास होती है, तब कोई छात्र मृतक की तरफ इशारा करते हुए कुछ कहता है. जिसे देख मृतक अपना हाथ पहले मुंह और फिर सिर पर रख लेती है. इसके बाद वह एक स्टूडेंट के पास जाती है. कुछ देर रुकती है. फिर अपनी सीट पर लौट जाती है. कुछ देर बाद वो आखिरी बार टीचर के पास जाती है. और बातचीत के दौरान ही बाहर निकल जाती है. उसके हावभाव से लगा कि वो टीचर के रवैये से काफी ज्यादा निराश थी.
CCTV फुटेज में वो तेजी से सीढ़ियों की तरफ जाती हुई नजर आती है. इसके कुछ ही देर उसने स्कूल बिल्डिंग के चौथे फ्लोर से कूदकर अपनी जान दे दी. बच्ची की मौत की खबर के बाद परिवार ने लगातार उसके साथ स्कूल में हुई बुलिंग के आरोप लगाए. उन्होंने स्कूल के मालिक सौरभ मोदी और प्रिंसिपल इंदु दुबे की भूमिका पर गंभीर सवाल उठाए. लेकिन स्कूल प्रशासन शुरुआत से ही इस बात को मानने से इनकार करता रहा.
बीते 8 महीनों से पुलिस इस मामले की जांच कर रही थी. अब जाकर पुलिस ने जांच पूरी कर कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की है. चार्जशीट में सौरभ मोदी, प्रिंसिपल इंदु दुबे, टीचर पुनीता शर्मा और सफाईकर्मी राम को आरोपी बनाया गया है. परिवार का आरोप है कि चार्जशीट में कई आरोपियों को बचाने की कोशिश की जा रही है.
उन्होंने ये भी आरोप लगाया कि इन महीनों में पुलिस की तरफ से उन्हें बहुत परेशान किया गया. आजतक से जुड़े देव अंकुर वधावन से बात करते हुए बच्ची की मां शिवानी ने सवाल पूछते हुए कहा,
पुलिस, तीन आयोग, आईपीएस लेवल के तीनों ऑफिसर्स क्यों नहीं पता लगा पाए कि उस क्लासरूम में बच्चे के साथ क्या हुआ? मेरी बच्ची ग्राउंड फ्लोर से 4 फ्लोर पर जाती है. उसे किसी ने नहीं रोका.
शिवानी ने आरोप लगाया कि टीचर ने उनकी बेटी को कुछ ऐसा बोला कि ‘चलो-चलो.’ अगर वो घर आ जाती, तो ये नहीं होता. वो वहां से भागी है. ऐसा लग रहा है कि वो अपनी जान बचाकर भाग रही है. ये सिर्फ डेढ़ घंटे में हुआ.
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बच्ची के पिता विजय ने कहा कि स्कूल काफी पावरफुल है. उनकी अप्रोच काफी ज्यादा है. तभी हमारे साथ ऐसा रवैया दिखाया. हम कोशिश कर रहे हैं. न्याय की गुहार लगा रहे हैं. हमें अदालत से उम्मीद है कि न्याय मिलेगा.
अदालत की चार्जशीट का विरोधफिलहाल परिवार का कहना है कि वो अदालत में इस चार्जशीट का विरोध करेंगे. परिवार ने ये भी कहा कि अगर जरूरत पड़ी तो वो चार्जशीट के विरोध में राजस्थान हाईकोर्ट जाएंगे.
मामले पर DCP साउथ राजर्षि राज का कहना है कि जांच के दौरान सामने आए सबूतों और तथ्यों के आधार पर ही चार्जशीट अदालत में पेश की गई. जांच में जो तथ्य स्थापित हुए उन्हीं के आधार पर आरोप तय किए गए हैं. अब कोर्ट में अंतिम निर्णय चार्जशीट, सबूतों और दोनों पक्षों की दलीलों के आधार पर फैसला किया जाएगा.
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