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'हाथ मिलाना हमारा कल्चर नहीं', नो-हैंडशेक पॉलिसी पर मिथुन मन्हास का स्टैंड क्लियर

भारत की नो-हैंडशेक पॉलिसी एशिया कप 2025 से शुरू हुई. पहलगाम अटैक के बाद भारतीय कप्तान सूर्यकुमार यादव ने एशिया कप में पाकिस्तानी कप्तान से हाथ नहीं मिलाया था. इसके बाद टीम के बाकी खिलाड़ियों ने भी मैच के बाद पाकिस्तानी प्लेयर्स से हाथ नहीं मिलाया.

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भारत और पाकिस्तान के बीच एशिया कप 2025 के बाद से हैंडशेक नहीं फॉलो किया जा रहा है. (Photo-PTI)

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  • 11 जून से महिला T20 वर्ल्ड कप शुरू होने जा रहा है, जिसमें भारत और पाकिस्तान की टीमें आमने-सामने खेलेंगी और BCCI अध्यक्ष ने हैंडशेक को लेकर स्पष्ट पॉलिसी की घोषणा की है।
  • भारत और पाकिस्तान के बीच नो-हैंडशेक पॉलिसी का कारण 2025 के एशिया कप दौरान हुए सुरक्षा मुद्दे और बाद में स्थापित राजनैतिक स्थिति है, जिससे दोनों टीमों के खिलाड़ियों ने एक-दूसरे से हैंडशेक नहीं किया।
  • नो-हैंडशेक पॉलिसी जारी रहने के चलते खिलाड़ियों के व्यवहार में यह बदलाव देखा गया है, और भविष्य में इस नीति में किसी भी बदलाव के लिए वर्तमान राजनीतिक और सुरक्षा हालात पर विचार किया जाएगा।

11 जून से महिला T20 वर्ल्ड कप की शुरुआत होने वाली है. ICC के इस टूर्नामेंट में एक बार फिर भारत और पाकिस्तान की टीमें आमने-सामने होंगी. इसलिए एक बार फिर से चर्चा शुरू हो गई है कि क्या इस बार भारत और पाकिस्तान के प्लेयर्स हैंडशेक करेंगे? या नो-हैंडशेक पॉलिसी फॉलो की जाएगी. BCCI के अध्यक्ष मिथुन मन्हास ने हैंडशेक को लेकर अपना स्टैंड साफ कर दिया है.

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जारी रहेगी नो हैंड शेक पॉलिसी

इंडियन एक्सप्रेस को दिए इंटरव्यू में मिथुन ने क्रिकेट को लेकर काफी बातें शेयर कीं. उन्होंने कहा कि पाकिस्तान के साथ बाइलेट्रल सीरीज खेलने का फैसला सरकार का ही होगा. BCCI अध्यक्ष ने कहा,

BCCI ने हमेशा यह कहा है कि पाकिस्तान के साथ बाइलेट्रल सीरीज़ से जुड़ा कोई भी फ़ैसला भारत सरकार की नीति पर निर्भर करता है. हम इस रुख का पूरी तरह सम्मान करते हैं और इसका पालन करते हैं. भविष्य में होने वाले किसी भी तरह के बदलाव उस वक्त के हालातों पर निर्भर करेंगे.

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मिथुन मन्हास ने नो-हैंडशेक पॉलिस पर भी अपनी राय सामने रखी. उन्होंने कहा,

अभी तो मुझे हैंडशेक होता हुआ नहीं दिख रहा है. हालांकि, यह खिलाड़ियों का अपना अधिकार है. अगर उनका मन नहीं होगा, तो वे ऐसा नहीं करेंगे. एक भारतीय के तौर पर, हमारी परंपरा नमस्ते करने की है. हम कभी भी हाथ मिलाने वाले लोग नहीं रहे हैं.

मिथुन मन्हास के सामने कई चुनौतियां

मिथुन ने यहां यह भी बताया कि उनके लिए बतौर अध्यक्ष पहला साल काफी चुनौतीपूर्ण रहा. लेकिन उन्हें बाकी लोगों का साथ मिला. उन्होंने कहा, 

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यह साल बहुत ही ज़्यादा व्यस्त और चुनौतियों से भरा रहा है. पहले महिला वर्ल्ड कप, उसके बाद WPL, फिर पुरुषों का T20 वर्ल्ड कप और आखिर में IPL. हालांकि मैं इस भूमिका में अभी नया हूं, मुझे BCCI में अपने साथियों से बहुत अच्छा सहयोग मिला.

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आपको बता दें कि भारत की नो-हैंडशेक पॉलिसी एशिया कप 2025 से शुरू हुई. पहलगाम अटैक के बाद भारतीय कप्तान सूर्यकुमार यादव ने एशिया कप में पाकिस्तानी कप्तान से हाथ नहीं मिलाया था. इसके बाद टीम के बाकी खिलाड़ियों ने भी मैच के बाद पाकिस्तानी प्लेयर्स से हाथ नहीं मिलाया. 

नवंबर 2025 में हुए महिला वर्ल्ड कप में भी यही देखने को मिला. इसके बाद क्रिकेट मैचों में यह रुटीन बन गया. भारत की अंडर 19 टीम हो या महिला टीम, कोई भी पाकिस्तानी खिलाड़ियों से हाथ मिलाता नजर नहीं आया. यही नहीं, एशिया कप जीतने के बाद भारत ने ACC (एशिया क्रिकेट काउंसिल) के चीफ मोहसिन नकवी से ट्रॉफी लेने से भी इनकार कर दिया. यह ट्रॉफी अब तक भारतीय टीम को नहीं मिली है. 

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