मोहम्मद सिराज न्यूजीलैंड के खिलाफ ODI सीरीज में टीम इंडिया के स्क्वाड में शामिल हैं. 4 नवंबर को सीरीज का पहला मैच ऑकलैंड में हुआ. इस मुकाबले में सिराज के वर्कलोड को मैनेज किया गया और उन्हें चांस नहीं मिला. इसके बाद, 7 नवंबर को दूसरा ODI वेलिंगटन में शुरू हुआ. सिराज टीम के साथ हैं. लेकिन, इसके बावजूद उन्हें इस मैच की प्लेइंग-11 में भी शामिल नहीं किया गया. यह पहली बार नहीं है, जब सिराज की अनदेखी की गई हो. आंकड़ों पर गौर करें, तो बीते 3 साल में सिराज को वाइट बॉल क्रिकेट में बहुत कम चांस मिले हैं. इससे पता चलता है कि गौतम गंभीर और टीम मैनेजमेंट जसप्रीत बुमराह की तरह सिराज को भी टेस्ट फॉर्मेट तक सीमित करना चाहते हैं.
बुमराह के बाद सिराज भी बने वन फॉर्मेट बॉलर? 3 साल में खेले हैं सिर्फ 10 ODI
मोहम्मद सिराज को बीते 3 साल से वनडे में लगातार इग्नोर किया गया है. वह 2022 से लेकर 2023 तक भारत की ODI टीम का रेगुलर हिस्सा रहे. लेकिन, वर्ल्ड कप 2023 के बाद उन्हें टेस्ट फॉर्मेट तक सीमित कर दिया गया. बीते तीन सालों में देखा जाए, तो सिराज ने सिर्फ 10 ODI खेले हैं. इससे साफ है कि सिराज शायद टीम इंडिया की वर्ल्ड कप प्लान का हिस्सा नहीं हैं.

न्यूजीलैंड की कंडीशन पेस बॉलिंग के मुताबिक हैं. यहां पर मोहम्मद सिराज कारगर हो सकते हैं. 2027 वर्ल्ड कप शुरू होने में 11 महीने बचे हैं. अगर सिराज टीम इंडिया के प्लान में शामिल हैं, तो उन्हें हर ODI में चांस देना चाहिए. साउथ अफ्रीका की कंडीशन लगभग न्यूजीलैंड जैसी है. सिराज अगर न्यूजीलैंड टूर पर रेगुलर वनडे खेलते, तो उनका कॉन्फिडेंस बढ़ता. कीवी टीम के खिलाफ उन्हें ODI में प्रायोरिटी न मिलना, इससे मालूम होता है कि सिराज के बारे में टीम मैनेजमेंट के दिमाग में कुछ और चल रहा है.
गंभीर ODI टीम को बनाना चाहते हैं T20 जैसीक्रिकेट स्पेशलिस्ट कई सालों से कहते रहे हैं कि बैटर मैच जिताते हैं और बॉलर टूर्नामेंट. लेकिन, टीम इंडिया के हेड कोच गौतम गंभीर बैटिंग के दम पर हर मैच जीतना चाहते हैं. अब वह भारत की ODI टीम को T20 जैसी बना रहे हैं. गंभीर ने पहले T20 टीम में ऑलराउंडर भर दिए. अब वह ODI टीम में भी ज्यादातर ऑलराउंडर को तवज्जो दे रहे हैं. गंभीर ODI टीम में उसी बॉलर्स को टीम में जगह देते हैं, जो बैटिंग भी कर लेता हो. अंशुल कंबोज और मोहम्मद नबी इसके एग्जांपल हैं. सिराज बैटिंग के मामले में कमजोर हैं.
स्टैट्स पर नजर डालें, तो मोहम्मद सिराज को बीते 3 साल से वनडे में लगातार इग्नोर किया गया है. वह 2022 से लेकर 2023 तक भारत की ODI टीम का रेगुलर हिस्सा रहे. लेकिन, वर्ल्ड कप 2023 के बाद उन्हें टेस्ट फॉर्मेट तक सीमित कर दिया गया. बीते तीन सालों में देखा जाए, तो सिराज ने सिर्फ 10 ODI खेले हैं. इससे साफ है कि सिराज शायद टीम इंडिया की वर्ल्ड कप प्लान का हिस्सा नहीं हैं.
T20I में भी अनदेखीसिराज को सिर्फ ODI से दरकिनार नहीं किया जा रहा है. इससे पहले, उन्हें T20I से भी इग्नोर किया जा चुका है. सिराज अपना लास्ट T20I मैच T20 वर्ल्ड कप 2026 में खेले थे. T20 वर्ल्ड कप में उन्हें सीधे स्क्वाॅड में शामिल नहीं किया गया था. वह हर्षित राणा के रिप्लेसमेंट के तौर पर वर्ल्ड कप टीम में आए थे. हर्षित को साउथ अफ्रीका के खिलाफ प्रैक्टिस मैच में चोट लग गई थी.
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T20 वर्ल्ड कप टीम में आने के बाद सिराज को सिर्फ एक मैच खेलने का मौका मिला. वह 7 फरवरी को USA के खिलाफ मुंबई में मैच खेले. उन्हें जसप्रीत बुमराह की जगह टीम की प्लेइंग-11 में मौका मिला. बता दें कि सिराज ने 2017 में T20I में डेब्यू किया था. इसके बावजूद, वह सिर्फ अब तक भारत के लिए 17 T20I मैच खेले हैं.
बीते 3 साल से लगातार सिराज की वाइट बॉल क्रिकेट में अनदेखी हुई है. इससे पता चलता है कि वह वाइट बॉल क्रिकेट में टीम की प्रायोरिटी नहीं हैं. टीम मैनेजमेंट ने उन्हें अब टेस्ट क्रिकेट तक सीमित करने की तैयारी कर ली है.
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