''यह आखिरी गेम से एक सेटअप था. मैं वहां शतक से चूक गया लेकिन मुझे ये ऐहसास हुआ कि अगर मैं आधा-एक घंटा और खेल जाता तो हम उस मैच को जीत भी सकते थे. क्योंकि हमेशा ऐसे बड़े मौके नहीं मिलते. हालांकि हमें अगले मैच में ये बड़ा मौका मिल गया! इसलिए मैंने अपना ध्यान केंद्रित रखा.''ऋषभ पंत की तरह ही कोच रवि शास्त्री ने भी यही बात कही थी. रवि शास्त्री ने टीम इंडिया की इस ऐतिहासिक जीत के बाद कहा था कि अगर पंत सिडनी टेस्ट में कुछ देर और जम जाते तो टीम इंडिया सिडनी टेस्ट भी जीतती और सीरीज़ पर 3-1 से अपना कब्ज़ा जमाती. गाबा में खेले गए सीरीज़ के आखिरी टेस्ट में पंत ने 138 गेंदों में 89 रनों की नॉट-आउट पारी खेली और टीम इंडिया ने इस सीरीज़ को 2-1 से जीता.
ऋषभ पंत ने बताया, अगर ऐसा हो जाता तो सीरीज़ 3-1 से जिताकर लाता!
ऋषभ पंत को भारत लौटकर भी है कौन सा मलाल?
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ऋषभ पंत. फोटो: AP
ऋषभ पंत, टीम इंडिया के वो खिलाड़ी जिनके ऑस्ट्रेलिया जाने पर सबसे ज़्यादा सवाल उठे थे. सलेक्शन पर ही क्या, उनकी विकेटकीपिंग, उनकी बल्लेबाज़ी तकनीक, उनकी फिटनेस जैसी हर चीज़ पर सवाल उठाए जाते रहे. लेकिन ऑस्ट्रेलिया दौरे पर उनके शानदार प्रदर्शन के बाद कम से कम आलोचक अगली सीरीज़ तक के लिए तो चुप हो ही गए हैं. IPL में 343 रन होने के बावजूद उन्हें वनडे और T20 टीम में शामिल नहीं किया गया. लेकिन टेस्ट टीम में उन्हें शामिल करना टीम इंडिया के लिए फायदे का सौदा रहा. एडिलेड ओवल में खेले गए पहले मैच में ऋषभ को मौका नहीं मिला. इसके बाद टीम हारी, विराट वतन लौटे और दूसरे टेस्ट के लिए टीम में बड़े-बड़े बदलाव हो गए. पंत की टीम में एंट्री हुई और टीम ने जीतना शुरू कर दिया. ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ ऑस्ट्रेलिया में 2020-21 के दौरे पर सबसे ज़्यादा रन ऋषभ पंत ने बनाए और अपने सलेक्शन को सही साबित कर दिया. उन्होंने सिर्फ तीन मैच खेले और भारत के लिए 274 रन बनाए.
'30 मिनट खेलने पर भारत सिडनी भी जीतता'
भारत लौटने के बाद ऋषभ पंत का इंटरव्यू आया है. पंत ने स्पोर्ट्स टुडे से बात करते हुए कहा है कि अगर सिडनी क्रिकेट ग्राउंड पर वो 30 मिनट और खेल जाते तो वो मैच भी भारत की झोली में होता. यानी के भारत इस सीरीज़ को 3-1 से जीतकर लौटता. सीरीज़ का तीसरा टेस्ट पांचवे दिन ड्रॉ पर खत्म हुआ था. टीम इंडिया के सामने मैच में 407 रनों का लक्ष्य था. रहाणे जल्दी आउट हो गए. इसके बाद पंत ने 118 गेंदों में 97 रनों की तेज़ पारी खेली. टीम इंडिया तीन विकेट खोकर 250 रनों तक पहुंच भी गया था. लेकिन आखिरी दिन ऋषभ पंत के आउट होने के बाद हनुमा विहारी और अश्विन ने मैच बचाने का फैसला किया और मैच ड्रॉ करवाया. इंडिया टुडे से खास बात करते हुए ऋषभ पंत ने कहा,
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