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दिल्ली में 5 मंजिला इमारत गिरने से 4 की मौत, बिल्डिंग मालिक के खिलाफ FIR दर्ज

Delhi Building Collapsed: दिल्ली की मुख्यमंत्री Rekha Gupta ने मौके पर गईं. उन्होंने रेस्क्यू ऑपरेशन का मुआयना करते हुए हादसे पर दुख जताया. उन्होंने आगे कहा कि रेस्क्यू टीम युद्धस्तर पर मलबे में फंसे लोगों की जान बचाने का काम कर रही है.

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दिल्ली के साकेत मेट्रो स्टेशन के पास इमारत गिरी. (ITG)

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  • दिल्ली के साकेत मेट्रो स्टेशन के पास एक पांच मंजिला बिल्डिंग गिर गई, जिसके कारण चार लोगों की मौत हो गई और कुछ लोग मलबे में दबे हुए हैं जिनका रेस्क्यू जारी है।
  • मलबा गिरने का कारण अवैध निर्माण बताया गया है और इस बात की जांच के लिए बिल्डिंग मालिक के खिलाफ गैर-इरादतन हत्या का मामला दर्ज किया गया है।
  • नेशनल डिजास्टर रिस्पॉन्स फोर्स (NDRF) थर्मल इमेजिंग तथा अन्य मॉडर्न तकनीकी का उपयोग कर रेस्क्यू ऑपरेशन कर रही है, और बिल्डिंग मालिक की गिरफ्तारी के लिए पुलिस छापेमारी कर रही है।
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अरविंद ओझा

दिल्ली में पांच मंजिला बिल्डिंग गिरने से चार लोगों की मौत हो गई है. कुछ लोगों के अभी भी मलबे में दबे होने की आशंका है. इन्हें निकालने के लिए नेशनल डिजास्टर रिस्पॉन्स फोर्स (NDRF) हाई-टेक मशीनों और एक्विपमेंट्स का इस्तेमाल कर रही है. 30 मई की शाम साढ़े 7 बजे साकेत मेट्रो स्टेशन के पास यह बिल्डिंग गिर गई थी. पुलिस ने बिल्डिंग मालिक के खिलाफ गैर-इरादतन हत्या के तहत FIR दर्ज कर ली है. फिलहाल, राहत और बचाव का काम जारी है.

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इंडिया टुडे से जुड़े अरविंद ओझा, अमरदीप कुमार और आशुतोष मिश्रा की रिपोर्ट के मुताबिक, आरोपी बिल्डिंग मालिक हादसे के बाद से छिप गया है. उसे ढूंढने के लिए कई पुलिस टीमें लगाई गई हैं, और उसकी गिरफ्तारी के लिए अभी कई संदिग्ध जगहों पर लगातार छापेमारी की जा रही है. 31 मई को दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने भी मौके पर जाकर दौरा किया.

रेस्क्यू ऑपरेशन का मुआयना करते हुए उन्होंने हादसे पर दुख जताया. उन्होंने आगे कहा कि रेस्क्यू टीम युद्धस्तर पर मलबे में फंसे लोगों की जान बचाने का काम कर रही है. मीडिया से बात करते हुए सीएम रेखा गुप्ता ने कहा कि अवैध निर्माण की शिकायत की जांच की जाएगी. कई स्थानीय लोगों ने बिल्डिंग में अवैध कंस्ट्रक्शन का आरोप लगाया है.

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चश्मदीदों ने बताया हाल

इंडिया टुडे से जुड़े आशुतोष मिश्रा ने ग्राउंड पर जाकर लोगों से बात की. चश्मदीदों ने बताया कि बिल्डिंग में एक कोचिंग सेंटर, एक मेस, एक पेइंग गेस्ट हाउस था और लोग यहां रहते थे. हादसे के तुरंत बाद कुछ लोगों को बाहर निकाल लिया गया. मौके पर पहुंची 102 एंबुलेंस के ड्राइवर ने बताया कि तीन लोगों को एंबुलेंस और PCR से हॉस्पिटल ले जाया गया और JCB भी आनी शुरू हो गई थीं.

रविवार, 31 मई की दोपहर तक मलबे से कुल 11 लोगों को निकाला जा चुका था. इनमें से अब तक 4 लोगों की मौत हो चुकी है. इस बीच, अपनों को ढूंढ रहे लोगों में गुस्सा था. उन्होंने रेस्क्यू ऑपरेशन को धीमा बताया.

कोई बेटी, तो कोई दास्तों को ढूंढ रहा

इस बिल्डिंग में बने कोचिंग सेंटर में मेडिकल क्लास चलती थी. अनुज कुमार नामक शख्स ने बताया कि उनके कई साथियों का फोन नहीं मिल रहा है. मौके पर एक पिता अपनी बेटी को ढूंढ रहा थे, जबकि कई युवा लड़के अपने साथियों के सही सलामत निकलने का इंतजार कर रहे थे.

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एक लड़की नेहा अपनी दोस्त एकता को ढूंढती हुई मिलीं. एकता अपनी मेडिकल कोचिंग के बाद उसी बिल्डिंग के मेस में आती थीं. हादसे के समय नेहा एकता के साथ नहीं थी, लेकिन अब वे अपनी दोस्त को ढूंढते हुए उसकी सलामती की दुआ कर रही हैं.

फायर डिपार्टमेंट-NDRF रेस्क्यू में जुटे

ऐसे हादसों में पहले छह घंटे गोल्डन आवर माने जाते हैं, जब बचने की उम्मीद ज्यादा होती है. दिल्ली फायर डिपार्टमेंट के साथ नेशनल डिजास्टर रिस्पॉन्स फोर्स (NDRF) की एक स्पेशल टीम सर्च और रेस्क्यू ऑपरेशन में लगी हुई है. NDRF ज्यादा से ज्यादा जिंदा बचे लोगों को ढूंढने के लिए थर्मल इमेजिंग कैमरे, विक्टिम लोकेटर कैमरे और EPR कैमरे जैसी मॉडर्न टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल कर रही है. स्निफर डॉग्स का भी इस्तेमाल किया जा रहा है.

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