ऑस्ट्रेलिया टूर पर ऐसा क्या हुआ जो टीम इंडिया ने आखिरी बार 1996 में किया था?
टीम में दादा और राठौर तब भी थे और अब भी हैं.
Advertisement

आलम ये है कि Gabba Test में Mohammed Siraj, Team India के सबसे अनुभवी बोलर हैं (एपी फोटो)
ब्रिसबेन टेस्ट का पहला दिन खत्म हो चुका है. चार बदलावों के साथ उतरी टीम इंडिया के लिए यह दिन मिलाजुला रहा. ऑस्ट्रेलिया को शुरुआती झटके देने के बाद टीम ने मार्नस लाबुशेन को जमने का मौका दिया. और उन्होंने सेंचुरी ठोक इसका पूरा फायदा भी उठाया. हालांकि उनकी इस सेंचुरी से पहले ही टीम इंडिया अपना एक कारनामा दोहरा चुकी थी. इस टेस्ट में भारत ने नटराजन और वॉशिंगटन सुंदर को टेस्ट डेब्यू का मौका दिया. इन दोनों को अश्विन और बुमराह की जगह मिली. नटराजन भारत के लिए टेस्ट खेलने वाले 300वें जबकि सुंदर 301वें क्रिकेटर हैं. इतना ही नहीं, यह दोनों इस टूर पर टेस्ट डेब्यू करने वाले चौथे और पांचवें भारतीय क्रिकेटर भी हैं. इनसे पहले शुभमन गिल, मोहम्मद सिराज और नवदीप सैनी ने इसी टूर पर टेस्ट डेब्यू किया था. गिल और सिराज ने सीरीज के दूसरे टेस्ट से डेब्यू किया था जबकि सैनी ने सिडनी में अपना पहला टेस्ट खेला. साल 1996 के इंग्लैंड टूर के बाद यह पहली बार है जब भारत ने किसी अवे टूर में पांच या उससे ज्यादा प्लेयर्स को डेब्यू कराया.
साल 1996 के इंग्लैंड टूर में छह भारतीय क्रिकेटर्स ने अपना डेब्यू किया था. बर्मिंघम में हुए सीरीज के पहले टेस्ट में पारस महाम्ब्रे, वेंकटेश प्रसाद, सुनील जोशी और विक्रम राठौर ने डेब्यू किया. जबकि लॉर्ड्स में हुए सीरीज के दूसरे टेस्ट में सौरव गांगुली और राहुल द्रविड़ ने अपना पहला टेस्ट खेला. इन प्लेयर्स में वेंकटेश प्रसाद और सुनील जोशी का टेस्ट करियर ठीकठाक रहा जबकि सौरव गांगुली और राहुल द्रविड़ आने वाले सालों में लेजेंड बने. पारस महाम्ब्रे और विक्रम राठौर का टेस्ट करियर बहुत लंबा नहीं चला. अभी की बात करें तो विक्रम राठौर मौजूदा टीम के बैटिंग कोच हैं जबकि गांगुली BCCI प्रेसिडेंट.
Add Lallantop as a Trusted Source

Advertisement
Advertisement
Advertisement





















