मुंबई को सपनों का शहर कहा जाता है. वानखेड़े स्टेडियम में हमने नेपाल को ऐसे ही एक सपने को जीते देखा. सामने थी वो टीम, जो क्रिकेट की जननी है. इंग्लैंड. लेकिन, इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि सामने कौन था. नेपाल ने जिस दर्जे का क्रिकेट खेला. सबका दिल जीत लिया. मैच हो भले हार गए. लेकिन, इस मैच ने उनके वर्ल्ड कप कैंपेन में एक नई जान फूंक दी होगी. वो भरोसा कि सिर्फ खेलने नहीं आए. अंत तक फाइट बैक करने और जीतने के लिए आए हैं. भला हो विल जैक्स का, जिसने अंत में इंग्लैंड को 184 तक पहुंचा दिया. अंतर रहा सिर्फ लास्ट बॉल पर उस छक्के का, जो विल ने लगा दिया पर लोकेश नहीं लगा पाए.
नेपाल के कप्तान ने सुन ली होती दिल की बात तो इंग्लैंड की हार तय थी!
इंग्लैंड ने T20 वर्ल्ड कप के ग्रुप स्टेज के अपने पहले मुकाबले में नेपाल को 4 रनों से हराया. इस मैच का टर्निंग पॉइंट रहा लास्ट ओवर की लास्ट बॉल. Will Jacks ने इस पर छक्का लगाया, लेकिन Lokesh Bam एक रन ही ले सके.


इंग्लैंड ने 4 रन से मुकाबला तो जीत लिया. लेकिन, अंतिम गेंद तक अंग्रेजों की जान हलक में अटकी थी. एक समय नेपाल को जीत के लिए 9 गेंदों में सिर्फ 13 रन चाहिए थे. स्ट्राइक पर भी वही बैटर था, जिसने अंग्रेजों की हालत टाइट कर रखी थी. लोकेश बाम. लेकिन, जिस तरह 2024 में साउथ अफ्रीका के खिलाफ 1 रन से उन्हें हार्टब्रेक का सामना करना पड़ा था. वैसा ही कुछ इस बार भी हुआ. इस बार उन्हें इंग्लैंड के खिलाफ हार्ट ब्रेक झेलना पड़ा. तब दर्शक दीर्घा में लेकिन, इस टीम ने ये दर्शा दिया है कि इस वर्ल्ड कप में इन्हें हल्के में नहीं लिया जा सकता.
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इंग्लिश कप्तान ने मैच से पहले बैटिंग क्यों चुनी थी? मंशा साफ दी 300 बनाएंगे. लेकिन, नेपाल ने हालत ऐसी कर दी कि 18वें ओवर तक आधी दूरी ही तय कर पाए. वो तो विल जैक्स ने अंतिम ओवर में 21 रन बटोर लिए, वरना ये टीम 184 क्या 180 भी नहीं पहुंच पाती. नेपाल के कप्तान रोहित पॉडेल अंतिम ओवर में स्पिनर को लगाना चाहते थे. विकेटकीपर हेलमेट लगाकर आगे भी आ चुका था. दीपेंद्र और शेर मल्ला के तौर पर उनके पास विकल्प भी थे. दीपेंद्र ने तो 3 ओवर में महज 23 रन देकर 2 विकेट भी झटके थे. लेकिन, अंत में नेपाल के कप्तान ने फैसला बदला और गेंद को करन केसी के हाथों में सौंप दिया. जैक्स को मौका मिल गया. उन्होंने ओवर से 21 रन बटोर लिए. यही अगर 15 रन भी गए होते तो ये मैच नेपाल जीत गया होता.
सबसे अहम बात की अंतिम बॉल पर विल ने छक्का लगाया. वहीं, लोकेश चूक गए. लेकिन, इसका श्रेय जाता है इंग्लिश ऑलराउंडर सैम कर्रन को. अंतिम ओवर में उनके सामने 10 रन का बचाव करने का लक्ष्य था. इतने दबाव के बावजूद उन्होंने एक भी गेंद पर लेंथ मिस नहीं की. उन्होंने सटीक स्लोअर बॉल और यॉर्कर डाली. 15 गेंदों में 35 रन ठोक चुके लोकेश को उन्होंने न सिर्फ बाउंड्री लगाने से रोक दिया. बल्कि हाथ खोलने का कोई मौका ही नहीं दिया.
कोई टीम भी कर सकती है उलटफेरक्रिकेट अनिश्चितताओं का खेल है. ये एक बार फिर साबित हो गया. लेकिन, भारत और पाकिस्तान की तरह ही इंग्लैंड को भी इस मुकाबले ने रियालिटी चेक दे दिया है. जिस तरह टूर्नामेंट में असोसिएट नेशंस खेल रहे हैं. किसी को हल्के में नहीं लिया जा सकता है. इंग्लिश टीम ने शायद ही सोचा होगा कि 184 बनाने के बावजूद अंतिम गेंद तक उन्हें नेपाल के सामने संघर्ष करना पड़ेगा.
वीडियो: T20 World Cup 2026 में नेपाल ने इंग्लैंड को खूब नचाया!











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