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वो पांच लड़कियां, जिन्होंने भारत को दुनिया जिता दी

U-19 वर्ल्ड कप चैंपियन बना भारत.

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शफाली वर्मा, अर्चना देवी और तितास साधू (Getty Images)

भारत की U-19 विमिंस क्रिकेट टीम ने इतिहास रच दिया है. अंडर-19 वर्ल्ड कप के फाइनल में शफाली वर्मा की अगुवाई वाली इस टीम ने इंग्लैंड को सात विकेट से हराया. ये भारत का पहला U-19 विमिंस वर्ल्ड कप खिताब है. बता दें कि ICC ने इसी बरस पहली बार इस इवेंट का आयोजन किया था.

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इस मैच में भारत ने टॉस जीता और शफाली ने बोलिंग करने का फैसला लिया. भारतीय बोलर्स ने इस फैसले को सही साबित किया. भारत ने इंग्लैंड को 68 पर ही ऑलआउट कर दिया. पेसर तितास साधू ने पहले ही ओवर में भारत को पहली सफलता दिलाई. इसके बाद लगातार विकेट्स गिरते रहे.

साधू, अर्चना देवी और पार्श्वी चोपड़ा ने दो-दो विकेट लिए. जवाब में भारत ने 14 ओवर में 69 रन बना दिए. सबसे ज्यादा रन बनाने वाली श्वेता सहरावत के अलावा भी पांच ऐसे प्लेयर्स रहे, जिन्होंने को वर्ल्ड चैंपियन बनाया. चलिए, अब आपको इन पांचों से मिलवाते हैं.

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# पार्श्वी चोपड़ा

लेग स्पिनर पार्श्वी चोपड़ा इस लिस्ट का पहला नाम हैं. पार्श्वी ने भारत के लिए शानदार बॉलिंग की और लगातार ब्रेकथ्रू दिलवाए. उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर से आने वाली पार्श्वी ने छह मैच में 11 विकेट निकाले. इस दौरान उनकी इकॉनमी 3.66 की रही. यानी पार्श्वी ने ना सिर्फ विकेट्स निकाल कर दिए, बल्कि उन्होंने रन भी रोके.

श्रीलंका के खिलाफ पार्श्वी ने भारत को एकतरफा मैच जिताया था. उस मैच में 16 साल की इस लड़की ने पांच रन देकर चार विकेट झटके थे. भारत ने वो मैच सात विकेट से अपने नाम किया था.

# मन्नत कश्यप

लेग स्पिन से पार्श्वी फंसा रही थीं, तो दूसरे छोर से लेफ्ट आर्म स्लो स्पिन कर मन्नत अपना काम कर रही थीं. छह मैच खेल मन्नत ने नौ विकेट निकाले हैं, और इस दौरान उनकी इकॉनमी 4.65 की रही. स्कॉटलैंड के खिलाफ मन्नत ने शानदार बोलिंग की. उन्होंने 12 रन देकर चार विकेट निकाले और भारत को 83 रन से मैच जिताया.

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# अर्चना देवी

स्पिन से पेस की ओर चलेंगे. और बात करेंगे उस बच्ची की, जिसकी मां ने किसी तरह पैसे जोड़कर फाइनल देखने के लिए घर में इन्वर्टर लगवाया था. यूपी के उन्नाव से आने वाली बोलिंग ऑलराउंडर अर्चना ने पूरे टूर्नामेंट में शानदार प्रदर्शन किया. अर्चना ने सात मैच खेल आठ विकेट लिए.

स्कॉटलैंड के खिलाफ जो काम मन्नत ने पूरा किया था, वो अर्चना ने ही शुरू किया था. अर्चना ने उस मैच में 14 रन देकर चार विकेट झटके. फाइनल में भी इस प्लेयर ने दो विकेट लेकर इंग्लैंड की पारी को थामा था.

# तितास साधू

और अब बात अर्चना की पार्टनर-इन-क्राइम तितास साधू की. नई बॉल के साथ तितास ने लगातार कमाल किया है. तितास ने फाइनल में भी शानदार बोलिंग की और पहले ही ओवर में लिबर्टी हीप को आउट किया. तितास बॉल को स्विंग करवाना जानती हैं. और उनमें बहुत टैलेंट है. वो इसे किस तरह निखारती हैं. और कितना आगे जाती हैं, ये तो वक्त ही बताएगा.

# शफाली वर्मा

टीम की कैप्टन. शफाली ने ज़िम्मेदारी के साथ बैटिंग की और कैप्टेंसी में भी अपना जलवा दिखाया. शफाली ने सात मैच में 172 रन बनाए. 24.57 की औसत और 193.25 का स्ट्राइक रेट. साउथ अफ्रीका के खिलाफ 45 और UAE के खिलाफ 78 रन बनाकर शफाली ने टीम को अच्छी शुरुआत दिलाई. 28 जनवरी को बर्थडे मनाने वाली शफाली को इससे बेहतर गिफ्ट शायद ही मिल सकता था.

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