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युद्ध के बीच साइप्रस में कैंडिडेट्स टूर्नामेंट कराने पर क्यों अड़ा FIDE?

कैंडिडेट्स टूर्नामेंट शतरंज का अहम टूर्नामेंट है. इस टूर्नामेंट का विजेता वर्ल्ड चैंपियनशिप खेलता है औऱ मौजूदा वर्ल्ड चैंपियन को चुनौती देता है. कैंडिडेट्स टूर्नामेंट 28 मार्च से शुरू होने वाला है. वर्ल्ड चैंपियनशिप के पुरुष वर्ग का खिताब भारत के डी गुकेश जबकि महिला वर्ग का खिताब चीन की जू वेनजुन के पास है.

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कोनेरू हंपी ने भी कैंडिडेट्स के लिए क्वालिफाई किया है. (Photo-PTI)

मिडिल ईस्ट में जारी युद्ध का असर खेल जगत पर भी पड़ा है. कई खिलाड़ी मुश्किल हालात में फंस गए. वहीं, कुछ टूर्नामेंट भी पोस्टपोन हो गए. ज्यादातर फेडरेशन खिलाड़ियों की सुरक्षा को ही सबसे ऊपर रख रहे हैं. लेकिन, लगता है कि चेस की अंतरराष्ट्रीय फेडरेशन के लिए टूर्नामेंट अहम है. उन्होंने साइप्रस में इस महीने होने वाले कैंडिडेट्स टूर्नामेंट को कहीं और शिफ्ट करने से इनकार कर दिया.  फिडे ने यह मानने से इनकार कर दिया कि साइप्रस पर फिलहाल कोई खतरा है.  

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कैंडिडेट्स क्यों है अहम?

कैंडिडेट्स टूर्नामेंट शतरंज का अहम टूर्नामेंट है. इस टूर्नामेंट का विजेता वर्ल्ड चैंपियनशिप खेलता है और मौजूदा वर्ल्ड चैंपियन को चुनौती देता है. कैंडिडेट्स टूर्नामेंट 28 मार्च से शुरू होने वाला है. वर्ल्ड चैंपियनशिप के पुरुष वर्ग का खिताब भारत के डी गुकेश जबकि महिला वर्ग का खिताब चीन की जू वेनजुन के पास है.

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कैंडिडेट्स का वेन्यू नहीं होगा शिफ्ट

इस महीने की शुरुआत में साइप्रस में एक ब्रिटिश हवाई अड्डे पर ड्रोन हमला हुआ था, जिससे यह डर पैदा हो गया था. फिडे के सीईओ एमिल सुतोवस्की ने ‘चेसबेस’ को बताया,

''हमारी योजनाएं नहीं बदली हैं. हम कैंडिडेट्स टूर्नामेंट की तैयारियों के अंतिम चरण में हैं. बेशक, हम स्थिति पर नजर रख रहे हैं. साइप्रस युद्ध क्षेत्र या संघर्ष क्षेत्र से बहुत दूर नहीं है, लेकिन साथ ही यह किसी भी तरह से सीधे तौर पर इसमें शामिल नहीं है और युद्ध की स्थिति में भी नहीं है. कोई आपात स्थिति या वैसी कोई बात नहीं है. लगभग 10 दिन पहले कुछ चिंताजनक खबरें आई थीं, लेकिन तब से स्थिति काफी शांत लग रही है.''

अपनी बात जारी रखते हुए उन्होंने कहा,

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''लेकिन हम सिर्फ यह उम्मीद नहीं कर रहे हैं कि कुछ नहीं होगा. हम लगातार स्थिति पर नजर रख रहे हैं और उन सरकारी अधिकारियों के भी संपर्क में हैं जो टूर्नामेंट से जुड़ी हर चीज में हमारी मदद कर रहे हैं.''

ओपन वर्ग में आर प्रज्ञाननंद मैदान में एकमात्र भारतीय हैं जबकि विश्व कप विजेता दिव्या देशमुख, हंपी और आर वैशाली ने महिलाओं के कैंडिडेट्स टूर्नामेंट के लिए क्वालीफाई किया है. हंपी टूर्नामेंट से हटने के बारे में सोच रही हैं. अगर हंपी टूर्नामेंट से हट जाती हैं तो उनकी जगह किसी दूसरे खिलाड़ी को मौका दिया जाएगा.

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