अमेरिका और इजरायल के साथ बढ़ते तनाव के बीच ईरान ने ‘स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज’ को बंद कर दिया है. दुनिया के तेल का बड़ा हिस्सा इस रास्ते गुजरता है. इसके चलते ब्रेंट क्रूड की कीमत 120 प्रति डॉलर तक पहुंच गई है. लेकिन भारत में पेट्रोल की कीमतों में ज्यादा उछाल नहीं आया है. खर्चा पानी के इस एपिसोड में हम आपको बताएंगे की भारत की तीन प्रमुख सरकारी तेल कंपनियां कैसे एक शॉक एब्जॉर्बर का काम करती हैं, ताकि सीधे कंज्यूमर्स को तेल की कीमतों में हो रही उतार चढ़ाव से बचाया जा सके.
खर्चा पानी: दुनियाभर में कच्चे तेल की कीमतों में भारी उछाल, भारत में स्थिर क्यों?
दुनिया भर में तेल की कीमतों में उछाल आई हैं. इसके पीछे का कारण अमेरिका और ईरान का संघर्ष है. क्योंकि दोनों देश कच्चे तेल के बड़े उत्पादकों में से एक हैं. साथ ही तेल के ट्रांसपोर्टेशन के लिए इस्तेमाल होने वाले सबसे व्यस्त रास्तों में से एक स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज को ईरान ने बंद कर रखा है. लेकिन फिर भी भारत में पेट्रोल की कीमतों में ज्यादा उछाल नहीं आया है.
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