अजीत आगरकर (Ajit Agarkar) का बतौर टीम इंडिया के चीफ सेलेक्टर (Team India Chief Selector) कार्यकाल पूरा हो गया. उनकी विदाई पर अब सोशल मीडिया पर बधाई संदेशों का दौर शुरू हो गया है. लेकिन, इस बीच सबसे ज्यादा चर्चा टीम इंडिया के हेड कोच गौतम गंभीर (Gautam Gambhir) के पोस्ट को लेकर हो रही है. आगरकर ने अपने ‘अजीत भाई’ के लिए सोशल मीडिया पर एक इमोशनल पोस्ट शेयर किया है.
'इतिहास उदार रहेगा...' अजीत आगरकर की विदाई पर भावुक हुए कोच गंभीर
Gambhir on Agarkar : टीम इंडिया के हेड कोच Gautam Gambhir ने टीम के पूर्व चीफ सेलेक्टर Ajit Agarkar के कार्यकाल खत्म होने पर उनके लिए एक इमोशनल पोस्ट किया है. दरअसल, 4 अक्टूबर को आगरकर का कार्यकाल पूरा हो गया. उन्होंने BCCI से एक्सटेंशन नहीं लिया. अब नए सेलेक्टर के लिए वैकेंसी निकाली गई है.

गंभीर ने आगरकर की सोच को सलाम ठोका है. सोशल मीडिया पर उन्होंने लिखा,
डियर अजीत भाई. आपके साथ काम करना मेरे लिए बड़े सम्मान की बात रही. वो तीन ICC ट्रॉफियां आपके उस भरोसे की गवाही हैं, जिसमें हमेशा 'टीम फर्स्ट' रही. टीम को हमेशा सबसे आगे रखा गया. मुझे पूरा भरोसा है कि आप पर इतिहास ज्यादा उदार रहेगा (History will be kinder to you). हर चीज के लिए शुक्रिया. आपके भविष्य के लिए मेरी तरफ से दिल से शुभकामनाएं.
इस पूरे पोस्ट में जिस एक लाइन ने सबसे ज्यादा ध्यान खींच रही है, वो है- 'History will be kinder to you.' यानी इतिहास आपको लेकर ज्यादा उदार रहेगा. ये कोई रूटीन विदाई संदेश नहीं है. इसके मायने गहरे हैं.
गंभीर के पोस्ट के क्या हैं मायने?आगरकर के कार्यकाल में टीम चयन को लेकर खूब माथापच्ची हुई. कई बार बवाल भी मचा. कुछ प्लेयर्स के अंदर-बाहर होने पर सवाल उठे. लेकिन गंभीर का सीधा सा मतलब है कि वक्त बीतने के साथ जब लोग पीछे मुड़कर देखेंगे, तो आगरकर के फैसलों को उनके नतीजों के तराजू पर तौला जाएगा. और उस तराजू में तस्वीर एकदम सॉलिड नजर आती है. तीन-तीन ICC ट्रॉफियां चीख-चीख कर बता रही हैं कि बड़े टूर्नामेंट्स में टीम ने कैसा परफॉर्म किया है.
गंभीर ने सिर्फ 'थैंक यू' बोलकर बात खत्म नहीं की. उन्होंने 'Team first & Team ahead, always' लिखकर साफ कर दिया कि आगरकर के रडार पर कोई इंडिविजुअल खिलाड़ी नहीं था, बल्कि टीम थी. एक सेलेक्टर के लिए ये बहुत बड़ी तारीफ है. चीफ सेलेक्टर का काम हमेशा आलोचकों के निशाने पर होता है. क्योंकि उसे मुश्किल फैसले करने होते हैं. T20 वर्ल्ड कप 2026 से ठीक पहले ईशान किशन की एंट्री और वाइस कैप्टन शुभमन गिल का बाहर होना उनके सबसे कठिन फैसलों में से ही एक था.
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आगरकर और गंभीर की जोड़ी ने इंडियन क्रिकेट में एक तगड़ा दौर देखा. दोनों के काम करने के तरीके में एग्रेशन दिखा. अब आगरकर के जाने से इस जोड़ी का चैप्टर क्लोज हो गया है. क्रिकेट में किसी सेलेक्टर के फैसले का असर तुरंत नहीं दिखता. कुछ फैसलों का फायदा सालों बाद समझ आता है. गंभीर का संदेश भी यही कह रहा है कि फैसला वक्त पर छोड़ दीजिए, और जब वक्त के खाते में 3 ICC ट्रॉफियां हों, तो उससे बड़ा बचाव क्या ही होगा.
आगरकर का कार्यकाल कैसा रहा?अजीत आगरकर का कार्यकाल 4 अक्टूबर को ऑफिशियली खत्म हो गया. 2023 में उन्होंने ये कुर्सी संभाली थी. BCCI ने अब खाली हुए इस पद के लिए आवेदन निकाल दिया है. यानी नए सेलेक्टर की खोज शुरू हो गई है. सबकी नजरें इसी पर हैं कि अब ये हॉट-सीट किसे मिलेगी? फिलहाल के लिए प्रज्ञान ओझा अंतरिम चीफ सेलेक्टर का काम देख रहे हैं.
आगरकर का रिपोर्ट कार्ड देखें तो एकदम टॉप क्लास है. उनके चीफ सेलेक्टर बनने के बाद से टीम इंडिया ने 2023 ODI वर्ल्ड कप का फाइनल खेला. उसके बाद, 2024 T20 वर्ल्ड कप, 2025 की चैंपियंस ट्रॉफी और 2026 का T20 वर्ल्ड कप अपने नाम किया. यानी उनके कार्यकाल में टीम ने 3 ICC खिताब और एक वर्ल्ड कप रनर्स अप की ट्रॉफी जीती.
हालांकि, इस दौरान विवाद भी रहे. इसी साल वो रिपोर्ट खूब उड़ी थी कि रोहित शर्मा लॉर्ड्स में अपना आखिरी इंटरनेशनल मैच खेल सकते हैं. चर्चा थी कि आगरकर की अगुवाई वाली कमेटी 2027 ODI वर्ल्ड कप के विजन को ध्यान में रखते हुए यशस्वी जायसवाल को सेट करने की सोच रही है. इन्हीं कुछ कड़क फैसलों के कारण ही शायद गंभीर ने लिखा है कि इतिहास उन्हें बेहतर तरीके से याद रखेगा.
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