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LPG से GST तक 1 नवंबर से बदल रहे ये 5 नियम, किचन से लेकर बजट तक पर होगा असर

LPG GST Rule Change: एक नवंबर से कई अहम बदलाव होने जा रहे हैं. इसमें एलपीजी से लेकर जीएसटी तक में बदलाव होने वाले हैं. इनका असर सिर्फ आपके बजट तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि किचन से लेकर रोजमर्रा के खर्चों तक दिखेगा.

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1 नवंबर से GST से जुड़े नियमों में बदलाव होने जा रहा है (Courtesy: India Today)

नया महीना शुरू होने में चंद दिन बचे हैं. नवंबर का महीना इस साल त्योहारों का महीना भी है. 1 नवंबर से कुछ ऐसे बदलाव हो रहे हैं जिनका असर हमारी-आपकी जिंदगी पर पड़ेगा. इस बार भी एक नवंबर से भी घरेलू गैस सिलेंडर की कीमतों से लेकर जीएसटी से जुड़े कुछ बदलाव होने जा रहे हैं . इनका सीधा असर आपकी रसोई से लेकर मंथली बजट तक पड़ सकता है. आइए जानते हैं कि 1 नवंबर 2026 हर घर हर जेब पर असर डालने वाले वे कौन से 5 बदलाव हैं.

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LPG Price: कीमतों में बदलाव 

हर महीने की पहली तारीख को ऑयल मार्केटिंग कंपनियां नियमों में कुछ बदलाव करती हैं. इसलिए 1 नवंबर को एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में होने वाले बदलाव देखने को मिल सकता है.  इससे पहले 1 अक्टूबर 2026 को ऑयल मार्केटिंग कंपनियों ने एलपीजी सिलेंडर के दामों में बदलाव किया था. इस दौरान 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमत 62.50 रुपये की बढ़ोतरी की गई थी. 

हालांकि, 14 किलो वाले घरेलू एलपीजी सिलेंडर के दामों में कोई बदलाव नहीं किया गया था. LPG के अलावा हवाई ईंधन और जहाजों में पड़ने वाला तेल यानी एयरटरबाइन फ्यूल (ATF) की कीमतों में भी बदलाव देखने को मिल सकता है. इसका सीधा असर एयर फेयर पर दिखेगा.

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GST रूल बदलेंगे 

1 नवंबर से GST से जुड़े नियमों में बदलाव होने जा रहा है. इकोनॉमिक टाइम्स की एक रिपोर्ट बताती है कि टैक्स रिफंड प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए सरकार कदम उठाने जा रही है. इसके तहत कुछ मामलों में रिफंड ऑटोमैटिक अप्रूवल की व्यवस्था होगी. 

इसके अलावा सालाना 5 करोड़ रुपये से कम टर्नओवर वाले कारोबारियों के लिए नई रिटर्न व्यवस्था की जाएगी. इससे कारोबारियों और छोटे व्यापारियों को राहत मिल सकती है.

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मोबाइल यूजर्स को कॉलर दिखाना जरूरी

एक नवंबर से होने वाला बदलाव मोबाइल यूजर्स के बेहद काम का है. केंद्र सरकार के आदेश के बाद अब 1 नवंबर से नया नियम लागू होने जा रहा है. दूरसंचार विभाग (DoT) की तरफ से आदेश जारी कर दिया गया है. अब सभी मोबाइल यूजर्स को कॉलर का नाम दिखाना जरूरी होगा. 

दरअसल, कई बार अनजान नंबर से आने वाले कॉलर का नाम पता करने के लिए बहुत से लोग ट्रू कॉलर जैसे मोबाइल ऐप करते थे. DoT ने टेलीकॉम सर्विस प्रोवाइडर्स को कॉलिंग नेम प्रजेंटेशन (CNAP) को 1 नवंबर 2026 से लागू करने का आदेश दिया है.

पेंशन पाने वालों के लिए भी नई गाइडलाइन 

पेंशन पाने वाले रिटायर्ड सेंट्रल और स्टेट गवर्नमेंट एम्प्लॉई को नवंबर के आखिर तक अपना सालाना ' लाइफ सर्टिफिकेट ' (LC) सबसे पास की बैंक ब्रांच में जमा करना ज़रूरी है. मिंट के मुताबिक ऐसा नहीं करने पर पेंशन पेमेंट में देरी या रुकावट आ सकती है. 

आप अपना LC फिजिकली, आधार आइडेंटिफिकेशन के साथ जीवन प्रमाण पत्र फैसिलिटी का इस्तेमाल करके डिजिटली जमा कर सकते हैं. पोस्टल डिपार्टमेंट की डोरस्टेप लाइफ सर्टिफिकेट फैसिलिटी के जरिए भी लाइफ सर्टिफिकेट जमा कराया जा सकता है. 

सभी प्रोसेस फ्री हैं, लेकिन डॉक्यूमेंट जमा नहीं करने पर दिसंबर से आपकी पेंशन पर असर पड़ सकता है. 80 साल से ज़्यादा उम्र के पेंशनर्स के लिए यह प्रोसेस 1 अक्टूबर से शुरू हुआ, दूसरे रिटायर्ड लोगों के लिए यह प्रोसेस 1 नवंबर से शुरू होगा. खास बात यह है कि डेडलाइन 30 नवंबर है.

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ITR की डेडलाइन बढ़ी 

सेंट्रल बोर्ड ऑफ डायरेक्ट टैक्सेस (CBDT) ने फाइनेंशियल ईयर 2025-26 के लिए इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करने की डेडलाइन बढ़ा दी है. यह उन टैक्सपेयर्स के लिए है, जिन्हें अपना इनकम टैक्स रिटर्न ऑडिट कराना जरूरी होता है. इनके लिए रिटर्न की डेडलाइन 31 अक्टूबर से बदलकर 21 नवंबर, 2026 कर दी गई है. 

बिजनेस या प्रोफेशनल सर्विस से इनकम वाले किसी भी टैक्सपेयर को, जिसे ऑडिट रिपोर्ट भी जमा करनी होती है. पेनल्टी और टैक्स नोटिस से बचने के लिए इस डेडलाइन तक अपना रिटर्न फाइल करना होगा. जिन कंपनियों के अकाउंट कंपनी कानून के तहत ऑडिट होते हैं, उन्हें भी अपनी ऑडिट रिपोर्ट फाइल करनी होगी. 

यह जरूरत लागू ऑडिट प्रोविज़न के तहत आने वाली फर्मों, LLPs और दूसरी एंटिटीज़ पर भी लागू होती है. कुल बिक्री, सालाना टर्नओवर या ग्रॉस रिसीट किसी संबंधित फाइनेंशियल ईयर में 1 करोड़ रुपये से ज़्यादा वाले सभी कारोबार के लिए टैक्स ऑडिट ज़रूरी है. 

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