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'हम खिलाड़ी हैं या मोसाद के एजेंट', क्यों भड़क गए अमेरिकी ग्रैंडमास्टर?

हिकारू नाकामुरा ने फिडे के सख्त एंटी-चीटिंग उपायों की कड़ी आलोचना करते हुए उन्हें 'पूरी तरह बेतुका' बताया है. टूर्नामेंट के दौरान खिलाड़ियों के आसपास स्कैनर और मशीन लगाई गई हैं. नाकामुरा इससे सहज नहीं हैं.

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हिकारू वर्ल्ड नंबर 2 चेस खिलाड़ी हैं. (Photo- FIDE)

चेस फैंस का पूरा ध्यान इस समय साइप्रस पर है. इसी जगह कैंडिडेट्स टूर्नामेंट का आयोजन हो रहा है. इसी टूर्नामेंट से तय होगा कि मौजूदा वर्ल्ड चैंपियन डी गुकेश और जू वेनजुन को चुनौती कौन देगा. टूर्नामेंट में चेस के सभी दिग्गज खिलाड़ी हिस्सा ले रहे हैं. अमेरिका के ग्रैंडमास्टर हिकारू नाकामुरा भी चुनौती पेश कर रहे हैं. नाकामुरा टूर्नामेंट में खेलते हुए बहुत सहज महसूस नहीं कर रहे हैं. उनका कहना है कि ऐसा लग रहा है जैसे वह इरान में मोसाद के एजेंट हों.

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हिकारू नहीं हैं खुश

हिकारू नाकामुरा ने फिडे के सख्त एंटी-चीटिंग उपायों की कड़ी आलोचना करते हुए उन्हें ‘पूरी तरह बेतुका’ बताया है. टूर्नामेंट के दौरान खिलाड़ियों के आसपास स्कैनर और मशीन लगाई गई हैं. नाकामुरा इससे सहज नहीं हैं. उन्होंने कहा कि वह ऐसा महसूस कर हैं जैसे वह ईरान के भीतर काम कर रहे मोसाद (इजराइल की खुफिया एजेंसी) के एजेंट हों. आपको बता दें कि इस टूर्नामेंट में भारत की ओऱ से ग्रैंडमास्टर आर प्रज्ञाननंदा, आर वैशाली और दिव्या देशमुख हिस्सा ले रहे हैं. 

उन्होंने अपने यूट्यूब चैनल पर नॉर्वे के ग्रैंडमास्टर जॉन लुडविग हैमर और लक्जमबर्ग की विम फियोना स्टील-एंटोनी के साथ बातचीत में कहा,  

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खेल में देरी, बोर्ड पर धोखाधड़ी जैसी बातों के बारे में मेरी सोच यही है कि मैं इसे पूरी तरह बकवास मानता हूं. कमरे में खिलाड़ियों को स्कैन करने के लिए उनके पास मौजूद मशीनों की संख्या को देखते हुए, मुझे लगता है कि यह वाकई बकवास है.

हिकारू ने नियमों को बताया बकवास

ओपन वर्ग में कैंडिडेट्स के आठ खिलाड़ियों में शामिल नाकामुरा ने कहा कि फिडे को थोड़ा प्रैक्टिकल होना चाहिए. इतने मजबूत खिलाड़ियों और बड़ी संख्या में अंपायर्स की मौजूदगी में चीटिंग करना असंभव है. उन्होंने कहा,

मुझे लगता है यह सब बिल्कुल बकवास है. इसका मतलब यह नहीं है कि मुझे इससे कोई खास समस्या है, लेकिन मुझे लगता है कि कुछ खिलाड़ियों ने जो आशंकाएं व्यक्त की हैं, उसका कोई आधार नहीं हैं. उनके पास मेटल डिटेक्टर हैं, उनके पास अलग स्कैनर हैं, मतलब… मुझे लगता है कि हम सब क्या हैं? क्या हम ईरान में मोसाद के एजेंट हैं? हम तो शतरंज के खिलाड़ी हैं न.

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नाकामुरा ने इसे लेकर FIDE से कोई चर्चा नहीं की है. उन्हें इसकी जरूरत महसूस नहीं हुई है. उन्होंने कहा,

मेरा सामान्य नजरिया यही है कि यह सब बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया गया है. छोटे ओपन टूर्नामेंट में, जहां इतने स्कैनर और उपकरण नहीं होते, वहां चिंताएं समझ में आती हैं। लेकिन इस तरह के टूर्नामेंट में, जहां सभी खिलाड़ी एक ही हॉल में होते हैं, अंपायर हर किसी पर नजर रख रहे होते हैं और कैमरे भी लगे होते हैं, अंदरूनी मदद के बिना कुछ भी संभव नहीं है. मुझे लगता है यह सब बेमतलब है.

नाकामुरा टूर्नामेंट में अब तक अच्छा प्रदर्शन नहीं कर सके हैं. 4 राउंड के बाद वह 1.5 अंकों के साथ छठे पोजिशन पर हैं. वहीं जवोख‍िर सिंदारोव 3.5 पॉइंट्स के साथ लीड कर रहे हैं. टूर्नामेंट के ओपन कैटेगरी में भाग ले रहे इंडियन प्लेयर्स में आर प्रज्ञाननंदा 2 पॉइंट्स के साथ तीसरे स्थान पर हैं. वहीं, फाबियानो कारुआना 2.5 अंकों के साथ दूसरे पोजिशन पर हैं. टूर्नामेंट का 5वां राउंड 3 अप्रैल को खेला जाएगा. 

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