क्रिकेट के इतिहास में ऐसा कई बार हुआ है जब गेंद के जादूगरों ने बल्ले से भी टीम की लाज बचाई. इन टेलएंडरों ने भी गजब की पारियां खेली हैं और कई ऐसे रिकॉर्ड भी अपने नाम किए हैं जो अक्सर धुरंधर बल्लेबाजों के नाम होते हैं. एक नजर कुछ ऐसे ही कारनामों पर...
अजीत अगरकर

वनडे में किसी भी भारतीय की सबसे तेज हाफ सेंचुरी अजीत अगरकर के नाम है. वही अगरकर जो अक्सर जीरो पर आउट हो जाते थे और इसके लिए काफी बदनाम भी थे. एक दिन सिर्फ 21 गेंदों पर 50 रन ठोंक डाले थे. साल 2000 में जिम्बाब्वे के खिलाफ वनडे मैच में अगरकर ने 25 गेंदों पर 67 रन की पारी खेली थी जिसमें 7 चौके और 4 छक्के शामिल थे. यही नहीं अजीत अगरकर उन चुनिंदा क्रिकेटरों में भी हैं जिन्होंने लॉर्ड्स के मैदान पर शतक भी जमाया है. इंग्लैंड के खिलाफ 2002 में.
जेसन ग्लेस्पी

इस ऑस्ट्रेलियन फास्ट बॉलर ने नाम एक गजब बैटिंग रिकॉर्ड है. ग्लेस्पी टेस्ट क्रिकेट में दुनिया के इकलौते नाइटवॉचमैन हैं जिसके नाम दोहरा शतक है. साल 2006 में बांग्लादेश के खिलाफ 201 रन मारे थे. माइकल हसी के साथ 320 रनों की पार्टनरशिप करने टीम के स्कोर को 581 रन तक पहुंचा दिया था. अपने इस डबल सेंचुरी में ग्लेस्पी ने 425 गेंदें खेलीं और 574 मिनट तक क्रीज पर डटे रहे.
एश्टन अगर

इस ऑस्ट्रेलियन बॉलर के नाम भी एक अद्भुत बैटिंग रिकॉर्ड है. ये रिकॉर्ड है नंबर 11 पर बैटिंग करते हुए सबसे बड़ी पारी खेलने का. 2013 में एश्टन ने इंग्लैंड के खिलाफ एशेज सीरिज के मैच के दौरान 98 रन की पारी खेली. ये आजतक टेस्ट क्रिकेट में बैंटिंग ऑर्डर के सबसे आखिरी बल्लेबाज के नाम का रिकॉर्ड है. मैच में एश्टन ने फिल ह्यूज के साथ 163 रनों की पार्टनरशिप की और टीम के लिए 280 रनों का सम्मानजनक स्कोर दिया. उस मैच में इस यंग खिलाड़ी ने दो विकेट भी लिए थे.
शेन वॉर्न

फिरकी का बादशाह. शेन वॉर्न. इस ऑस्ट्रेलियन लेग-स्पिनर के नाम 708 टेस्ट विकेट हैं. साथ ही अपने 145 टेस्ट मैचों में 3154 रन भी बनाए हैं. इसमें एक 99 रनों की पारी भी है. किसी भी फुल टाइम बॉलर के नाम 3000 से ज्यादा टेस्ट रन बनाने का ये रिकॉर्ड वॉर्न के नाम ही है. साथ ही इतने टेस्ट रन बिना किसी सेंचुरी के बनाने का रिकॉर्ड भी शेन वॉर्न के ही नाम है. बैटिंग करते हुए बड़े शॉट लगाने की क्षमता वाले वॉर्न को खतरनाक टेलएंडर माना जाता था.
वसीम अकरम

स्विंग के सुल्तान पाकिस्तान के वसीम अकरम ने 1996 में जिम्बाब्वे के खिलाफ टेस्ट मैच में 257 रनों की गजब पारी खेली जो एक कारण से रिकॉर्ड बुक में चढ़ गई. ये रिकॉर्ड था 12 छक्के मारने का. ये दुनिया में किसी भी बल्लेबाज का किसी भी टेस्ट पारी में सबसे ज्यादा छक्के मारने का रिकॉर्ड है. साथ ही टेस्ट क्रिकेट में नंबर आठ पर बल्लेबाजी करने वाले किसी भी बैट्समैन का टॉप स्कोर है.
अनिल कुंबले

टीम इंडिया का 2007 में इंग्लैंड दौरा था. टीम में सौरव गांगुली, सचिन तेंडुलकर, राहुल द्रविड़ और वीवीएस लक्ष्मण समेत कई धुंरधर थे. मगर तीन टेस्ट मैचों के इस पूरे दौरे में इनमें से कोई भी बैट्समैन सेंचुरी नहीं मार पाया. और यहां आगे आए अनिल कुंबले. ओवल के मैदान पर 110 रनों की नाबाद पारी खेली कुंबले ने जो किसी भी भारतीय की उस दौरे में पहली शतकीय पारी थी.
ये भी पढ़ें- सौरव गांगुली की दादागिरी के पांच किस्से वर्ल्ड कप में टीम इंडिया का मारक हथियार है ये लड़की