पंजाब की भगवंत मान सरकार ने इधर फ्लोर टेस्ट पास किया. उधर पंजाब पुलिस ने पार्टी के बागी नेता संदीप पाठक पर दो केस लाद दिए. संदीप पाठक एक जमाने में आम आदमी पार्टी के ‘चाणक्य’ कहे जाते थे. अब बीजेपी में हैं. राघव चड्ढा समेत 7 AAP सांसदों ने बीते दिनों जो पाला बदला था, पाठक भी उनमें से एक हैं. ऐसे में आम आदमी पार्टी के शासन वाले इकलौते राज्य पंजाब में उनके खिलाफ एफआईआर की टाइमिंग पर सवाल उठना तो बनता ही है. लिहाजा, बीजेपी और शिरोमणि अकाली दल ने भगवंत मान सरकार पर तीखे बयानों की बौछार कर दी है. इसे बदले की कार्रवाई बताया है.
बीजेपी में जाते ही संदीप पाठक पर पंजाब में 2 FIR हो गई, आरोप क्या हैं पता है?
पंजाब पुलिस ने बताया कि संदीप पाठक के खिलाफ दो अलग-अलग जिलों में मामले दर्ज किए गए हैं. एफआईआर में भ्रष्टाचार और महिलाओं से उत्पीड़न से जुड़े Non Bailable आरोप शामिल हैं.


इंडिया टुडे की रिपोर्ट के अनुसार, पंजाब पुलिस ने बताया कि संदीप पाठक के खिलाफ दो अलग-अलग जिलों में मामले दर्ज किए गए हैं. सूत्रों के अनुसार, एफआईआर में भ्रष्टाचार और महिलाओं से उत्पीड़न से जुड़े Non Bailable आरोप शामिल हैं. हालांकि, संदीप पाठक को इसकी जानकारी नहीं है. उन्होंने ये तो कहा कि मामला पॉलिटिकली मोटिवेटेड हो सकता है लेकिन किसी एफआईआर की जानकारी होने से साफ इनकार किया. पाठक ने कहा,
मुझे ऐसी किसी FIR की जानकारी नहीं है. न ही किसी पुलिस अफसर ने मुझे इसके बारे में बताया है. मैंने अपना पूरा जीवन ईमानदारी के साथ देश की सेवा में बिताया है. देश किसी भी पार्टी से बड़ा है. मैं कभी भी देश के साथ धोखा नहीं करूंगा. न ही किसी और को ऐसा करने दूंगा.
पाठक ने आगे कहा कि अगर उनके जैसे किसी व्यक्ति के खिलाफ कोई कार्रवाई शुरू की गई है तो यह केवल उनकी (पंजाब सरकार के) डर को दिखाता है. वो इस बारे में और कुछ नहीं कहना चाहते.
विपक्षी दलों का निशानाबीजेपी ने भी इस कार्रवाई पर भगवंत मान सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. पंजाब बीजेपी के कार्यकारी अध्यक्ष अश्वनी शर्मा ने आम आदमी पार्टी सरकार पर विरोधियों को निशाना बनाने के लिए पुलिस के मिसयूज का आरोप लगाया है. एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर एक पोस्ट में शर्मा ने कहा,
पंजाब में कोई कानून नहीं है. यहां सियासी बदला लेने की भावना हावी है. भगवंत मान और केजरीवाल का डर बेनकाब हो गया है. राज्यसभा सांसद संदीप पाठक के AAP छोड़कर BJP में शामिल होते ही पंजाब में उनके खिलाफ गैर-जमानती FIR दर्ज होना साफ दिखाता है कि केजरीवाल और भगवंत मान पुलिस को सियासी हथियार के रूप में इस्तेमाल कर रहे हैं.
उन्होंने आगे कहा कि ये बदले की राजनीति है और कानून की आड़ में राजनीतिक एजेंडा चलाने का शर्मनाक काम है.
शिरोमणि अकाली दल के महासचिव बिक्रम सिंह मजीठिया ने भी आम आदमी पार्टी पर अपने पूर्व ‘दोस्तों’ को चुन-चुनकर निशाना बनाने का आरोप लगाया. सोशल मीडिया पर उन्होंने लिखा,
हीरो से जीरो… आम आदमी पार्टी से मतभेद रखने वालों को चुन-चुनकर निशाना बनाया जा रहा है. संदीप पाठक कभी भगवंत मान और अरविंद केजरीवाल के भरोसेमंद सहयोगी थे. पार्टी बदलने के बाद गैर-जमानती धाराओं में एफआईआर बदले की राजनीति का संकेत है.
संदीप पाठक 2022 से राज्यसभा सांसद हैं. आम आदमी पार्टी ने उन्हें पंजाब के कोटे से राज्यसभा भेजा था. वह पार्टी के ‘थिंक टैंक’ कहे जाते थे. हाल ही में उन्होंने राघव चड्ढा, अशोक मित्तल, हरभजन सिंह, राजेंद्र गुप्ता, विक्रमजीत साहनी और स्वाति मालीवाल के साथ मिलकर बीजेपी जॉइन कर लिया. इसके बाद आम आदमी पार्टी के पास राज्यसभा में केवल 3 सांसद बचे हैं.
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