उस्मान क़ादिर. पाकिस्तान क्रिकेट टीम के लिए खेल चुके बोलर. क़ादिर कुछ वक्त पहले तक पाकिस्तानी T20I टीम के परमानेंट मेंबर थे. लेकिन आजकल वह टीम से बाहर हैं. और उन्हें लगता है कि टीम के कप्तान बाबर आज़म से दोस्ती ने उनका बड़ा नुकसान किया. दाहिने हाथ से लेग स्पिन फेंकने वाले उस्मान की जगह बाद में शादाब खान ने ली. वह टीम के वाइस-कैप्टन भी बने.
'बाबर की दोस्ती ने फायदे कम, नुकसान ज्यादा करा दिए'
बाबर के चक्कर में हुआ क़ादिर का नुकसान?


उस्मान इस कंपटिशन में काफी पीछे छूट चुके हैं. उस्मान के सेलेक्शन पर पहले भी काफी बातें हुई थीं. कई लोगों ने इसके लिए बाबर आज़म से उनकी दोस्ती को जिम्मेदार बताया था. लोगों को लगता था कि उस्मान को इसका फायदा मिला. टीम से बाहर होने के तक़रीबन एक साल बाद उस्मान ने बाबर के साथ अपनी दोस्ती पर बात की.
उस्मान का मानना है कि बाबर के साथ दोस्ती के चलते उन पर एक्स्ट्रा प्रेशर पड़ता था. साथ ही बाबर को भी समस्या होती थी. बता दें कि दोनों प्लेयर्स अंडर-15 के दिनों से ही साथ खेले हैं. उस्मान ने यह भी कहा कि उनका सेलेक्शन पूर्व कप्तान मिस्बाह उल हक़ ने किया था, बाबर ने नहीं. क्रिकेट पाकिस्तान से बात करते हुए उस्मान बोले,
'बाबर के साथ मेरे रिश्ते अंडर-15 के दिनों से ही हैं. हां, मैं टीम में तब आया जब बाबर कप्तान बना, लेकिन इसका अर्थ ये नहीं है कि बाबर मुझे टीम में लाया. मुझे टीम में मिस्बाह भाई लाए थे. मैंने उनके सामने बोलिंग की और मैं सोचता हूं कि वह इससे प्रभावित हुए.'
उस्मान ने आगे कहा,
'बाबर उस वक्त कप्तान बनाए गए थे. और आपको पता है, जब आप कप्तान बने हों, तुरंत ही आपको अपनी टीम नहीं मिल जाती. चीफ़ सेलेक्टर टीम चुनते हैं. बाबर मुझे क्यों लाएगा? यह बाबर की टीम नहीं है, यह पाकिस्तान की टीम है.
अगर मेरे टीम में आने का कारण दोस्ती होती, तो मैं टीम से बाहर ही ना होता, अब तक मैं पाकिस्तान के लिए 50-60 मैच खेल चुका होगा. चलिए, मान लेते हैं कि बाबर मुझे लाया क्योंकि मैं उसका दोस्त था. लेकिन मुझे तो परफ़ॉर्म करना ही पड़ता, है ना? बाबर मेरा हाथ पकड़, वहां मुझे परफ़ॉर्म थोड़े ना करा पाता.'
उस्मान ने आगे कहा कि बाबर की दोस्ती से उन्हें फायदे से नहीं, नुकसान हुआ है. वह बोले,
'बाबर की दोस्ती ने फायदे से ज्यादा मेरा नुकसान कराया है. मैंने दबाव महसूस किया, यहां तक कि बाबर पर भी दबाव होता था. लोग दोस्ती की बात करते. मुझसे ज्यादा बाबर का क़रीबी इमाम है, लेकिन इमाम परफ़ॉर्म कर रहा है. इसके बाद भी लोग उसकी आलोचना करते हैं. अगर आप इस तरह से अपने प्लेयर्स की आलोचना कर रहे हैं, तो बाक़ी देश क्या सोचेंगे?'
बता दें कि 30 साल के उस्मान के पिता लेजेंडरी लेग स्पिनर अब्दुल क़ादिर थे. उस्मान के चाचा अली बहादुर और भाई इमरान, रहमान और सुलेमान ने भी फ़र्स्ट क्लास क्रिकेट खेली है. जबकि, उस्मान के जीजा उमर अकमल लंबे वक्त तक पाकिस्तान क्रिकेट टीम के लिए खेल चुके हैं.
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