शोएब अख्तर और बाबर आज़म. एक पाकिस्तानी टीम के पूर्व पेसर हैं और एक करंट टीम के बल्लेबाज और कप्तान. बाबर आज़म कमाल के बल्लेबाज हैं. और उनकी इसी बल्लेबाजी की तारीफ पूरी दुनिया करती है. लेकिन शोएब को ऐसा नहीं लगता. शोएब का मानना है कि बाबर पाकिस्तान में कोई ब्रांड नहीं हैं. क्यों? क्योंकि वो ढंग से इंग्लिश नहीं बोल सकते.
बाबर को अंग्रेजी पर ट्रोल कर रहे शोएब अख्तर को सही सीख मिली है
पूर्व पाकिस्तानी कप्तान ने हौंक दिया.


इसके साथ शोएब ने पाकिस्तानी टीम के कैरेक्टर पर भी सवाल खड़े कर दिए. प्लेयर्स के अंदर कम्युनिकेशन स्किल ना होने के लिए टीम की आलोचना की और सुनो टीवी से कहा,
‘आप देख सकते हैं कि इस टीम में कोई कैरेक्टर नहीं है. ना ही उनको बात करना आता है. कितना अजीब लगता है जब वो प्रेजेंटेशन के लिए जाते हैं. कितना मुश्किल है इंग्लिश सीखकर बोलना? क्रिकेट एक अलग जॉब है और मीडिया को हैंडल करना अलग. अगर आप बोल नहीं सकते, मुझे माफ कीजिए, लेकिन आप फिर खुद को टीवी पर एक्सप्रेस नहीं कर पाएंगे.’
बाबर आज़म और टीम के लिए शोएब का ये बयान बड़ी जल्दी वायरल हो गया. और सबने इस पर अपनी प्रतिक्रियाएं दी जिसमें पूर्व पाकिस्तानी कप्तान सलमान बट भी शामिल रहे. बट ने अपने यूट्यूब चैनल पर कहा कि बाबर की क्रिकेटिंग स्किल्स पर फोकस करना चाहिए ना कि कम्युनिकेशन पर. उन्होंने कहा,
‘वो एक कमाल के प्लेयर हैं. और एक क्रिकेटर के तौर पर, उनको सिर्फ उनकी क्रिकेटिंग स्किल्स शोहरत देंगी. हां, बेहतर कम्युनिकेशन और स्पष्टता आपको और प्रभावी बनाती है. लेकिन ये कोई कमी नहीं है. अगर आप कम्युनिकेट करने में कोई एक्सपर्ट नहीं है, अगर आप नेचुरली इस चीज़ में अच्छे नहीं है तो ये कोई कमी नहीं है.
वो (बाबर) एक समझदार इंसान है. अगर दूसरी भाषा पर उनकी कमांड नहीं है, तो इसमें कोई गलत बात नहीं है. कई सारे एथलीट्स जब पोडियम पर टॉप पर होते हैं, तो वो जानबूझकर अपनी मातृभाषा में बात करते हैं. और ट्रांसलेटर से अपना मैसेज भिजवाते है. हमें गर्व होना चाहिए कि हमारी भाषा पर हमारा अधिकार है.’
इसके साथ बाबर के करियर और इंग्लिश ना सीखने पर बात करते हुए पूर्व कप्तान बोले,
‘हां, दूसरी भाषा जानने में कुछ गलत नहीं है. लेकिन बाबर को ना तो किसी ड्रामे में वाइस ओवर करना है, ना ही टीवी पर ख़बरें पढ़नी है. बाबर खुद में एक ब्रांड हैं. वो लगातार विश्व के नंबर वन प्लेयर है. मुझे बताओ.. बीते तीन-चार दशक में कितने पाकिस्तानी बल्लेबाज ऐसा कर पाए हैं? कम से कम हम यह कर सकते हैं कि उसे वह श्रेय दिया जाए जिसका वह हक़दार है. उससे बेहतर कोई नहीं है.
और हम उनके बारे में बात कर रहे हैं, यही स्पष्ट कर देता है कि वो एक ब्रांड हैं. आप उसी इंसान के बारे में बात करते हैं, जो उस क़ाबिल होते हैं. वो समय के साथ सीख जाएंगे. पाकिस्तान में ऐसे कई सारे प्लेयर्स हैं जिन्होंने ये भाषा विदेशों में रहकर सीखी. मुझे नहीं पता उनको (शोएब अख्तर को) ऐसी बातें क्यों करनी पड़ी.
हमें उसको (बाबर को) सपोर्ट करना चाहिए. आपको इस तरह की बातें पब्लिक प्लेटफॉर्म पर नहीं करनी चाहिए. अगर आप सही में उसको इम्प्रूव करते हुए देखना चाहते हैं, तो आपको उसको फोन करना चाहिए, उनसे मिलना चाहिए और प्राइवेट में ये बात बतानी चाहिए.'
बताते चलें, बाबर आज़म ICC की वनडे रैंकिंग में नंबर वन, जबकि T20 और टेस्ट में नंबर तीन के बल्लेबाज हैं.



















