एशियन गेम्स से पहले इंडियन रेसलिंग टीम को एक बड़ा झटका लगा है. 86 केजी कैटेगरी में मेडल के दावेदार माने जा रहे रेसलर मुकुल दहिया डोप टेस्ट में फेल हो गए हैं. NADA (National Anti Doping Agency) ने उन्हें अस्थायी रूप से सस्पेंड कर दिया है. दरअसल, दहिया मेंफेटरमाइन स्टिमुलेंट के टेस्ट में पॉजिटिव पाए गए हैं.
रेसलर मुकुल दहिया डोप टेस्ट में फेल, एशियन गेम्स में मेडल के थे दावेदार
Asian Games 2026 : भारतीय रेसलिंग दल को बड़ा झटका लगा है. एशियन चैंपियनशिप के 86 केजी कैटेगरी में सिल्वर मेडल जीतने वाले Mukul Dahiya डोप टेस्ट में पॉजिटिव पाए गए हैं. उन्हें NADA ने अस्थायी रूप से सस्पेंड कर दिया है.

जापान में होने वाले एशियन गेम्स 19 सितंबर से शुरू होने वाला है. इसके लिए भारतीय दल की पूरी लिस्ट पहले ही भेजी जा चुकी है. मतलब फेडरेशन (Wrestling Federation of India) के पास अब उनका रिप्लेसमेंट भेजने का भी टाइम नहीं है. दहिया वर्तमान में आर्मेनिया के येरेवान में हैं. एशियन गेम्स के लिए चुने गए सभी फ्रीस्टाइल रेसलर इस समय वहीं कैंप कर रहे हैं.
मेफेंटरमाइन को क्यों यूज करते हैं एथलीट्स?दरअसल, दहिया जिस मेफेंटरमाइन के लिए पॉजिटिव पाए गए हैं, वो एक पावरफुल स्टिमुलेंट है. इसका प्रयोग लो ब्लड प्रेशर को कंट्रोल करने के लिए किया जाता है. ये बेसिकली सेंट्रल नर्वस सिस्टम को एक्साइट करता है.
एथलीट्स अपनी शारीरिक क्षमता और प्रदर्शन को बढ़ाने के लिए इसका प्रयोग करते हैं. इससे थकान को कम करने, अलर्टनेस और सहनशक्ति को बढ़ाने में मदद मिलती है. यही कारण है कि WADA (World Anti Doping Agency) ने इसे बैन कर रखा है.
दीपांशु भी हाल ही में हुए सस्पेंडमुकुल ने इसी साल हुए एशियन रेसलिंग चैंपियनशिप में सिल्वर मेडल जीता था. 86 केजी कैटेगरी में उन्होंने अपनी पहचान एक उभरते हुए स्टार के रूप में बनाई थी. लेकिन, अब इस कैटेगरी में भारत की ओर से कोई रिप्रजेंट नहीं कर सकेगा.
हालांकि, ये पहला मामला नहीं है जिसमें डोपिंग के कारण इंडियन रेसलर सस्पेंड हुए हैं. दहियासे पहले ग्रीको-रोमन रेसलर दीपांशु भी हाल ही में पॉजिटिव पाए गए हैं. 130 केजी कैटेगरी में कॉम्पिटिशन से पहले कराए गए टेस्ट में उन्हें अस्थायी रूप से सस्पेंड किया गया था.
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हालांकि, उनके बारे में पहले ही पता लग गया था. इसके कारण WFI ने उनकी जगह रोनक दहिया को टीम में शामिल कर लिया था. दरअसल, रोनक ने 31 मई को लखनऊ में हुए सेलेक्शन ट्रायल्स में दीपांशु के बाद दूसरा स्थान हासिल किया था.
अब क्यों नहीं भेज सकेंगे रिप्लेसमेंट?दरअसल, WFI ने रेसलर्स की फाइनल लिस्ट जून के पहले सप्ताह में ही इंडियन ओलंपिक एसोसिएशन को भेज दी थी. द न्यू इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, दीपांशु वाले केस में फेडरेशन को 20 जुलाई को ही निलंबन का पता चल गया था. लेकिन, दहिया के सस्पेंशन के बारे में उन्हें कोई जानकारी नहीं थी. 4 अगस्त को जब NADA ने अपडेटेड सस्पेंशन लिस्ट जारी की, तब उन्हें इसकी जानकारी मिली.
अगर नियम की बात करें तो, जब किसी खिलाड़ी का नाम फाइनल एंट्री में दर्ज हो जाता है, उसमें बदलाव करना मुश्किल होता है. अगर खिलाड़ी को चोट, बीमारी या डोपिंग जैसे कारणों से बाहर होना पड़ता है, तो उस देश की नेशनल ओलिंपिक कमेटी के टेक्निकल डेलिगेट्स को ऑर्गेनाइजिंग कमेटी के सामने यह साबित करना होता है कि रिप्लेसमेंट उस खेल के उसी इवेंट का है. फेडरेशन के लिए अब ये सारी तैयारियां करना संभव नहीं है.
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