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19 साल से बुजुर्गों को ₹200 पेंशन, सरकार बोली- 'लोग संतुष्ट, बढ़ाने का प्लान नहीं'

केंद्र सरकार ने लोकसभा में बताया कि 60 से 79 साल के बुजुर्गों को मिलने वाली 200 की मासिक केंद्रीय पेंशन बढ़ाने का फिलहाल कोई प्रस्ताव नहीं है. सरकार के मुताबिक अलग-अलग मूल्यांकन में लाभार्थियों ने योजना की प्रक्रिया को लेकर कुल मिलाकर संतुष्टि जताई है.

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सरकार ने बताया कि 200 की पेंशन में बढ़ोतरी की कोई योजना नहीं है. (PHOTO- AajTak)

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  • केंद्र सरकार की ओर से बुजुर्गों को इंदिरा गांधी नेशनल ओल्ड एज पेंशन स्कीम के तहत 200 रुपये प्रति माह पेंशन के रूप में दी जाती है, जिसमें अभी कोई राशि बढ़ाने की योजना नहीं है।
  • सरकार के मंत्रालय और नीति आयोग ने NSAP योजनाओं के असर का कई बार अध्ययन किया है, जिसमें अधिकांश लाभार्थी पेंशन भुगतान की प्रक्रिया से संतुष्ट पाए गए हैं।
  • राज्य और केंद्र शासित प्रदेश अतिरिक्त वित्तीय सहायता के तौर पर लाभार्थियों को 50 से 3,800 रुपये प्रति माह तक अतिरिक्त पेंशन दे सकते हैं, जबकि केंद्र सरकार NSAP की राशि बढ़ाने पर तत्काल कोई प्रस्ताव नहीं रख रही।

आज के समय में 200 रूपये में क्या मिलता है? बड़े ब्रांड का एक बर्गर, बढ़िया वाली कोल्ड कॉफी या ढाबे पर मिलने वाली स्पेशल थाली. इतना ही. यानी एक बार में ही 200 रुपये खत्म. लेकिन क्या आपको पता है कि केंद्र सरकार की ओर से बुजुर्गों को इतनी ही रकम मासिक पेंशन के तौर पर मिलती है. यानी एक दिन अगर किसी बुजुर्ग ने बढ़िया वाली थाली मंगा ली या फेमस ब्रांड वाला बर्गर खा लिया तो पेंशन खत्म. इसके बावजूद भी केंद्र सरकार को लगता है कि लोग पेंशन की इस रकम से संतुष्ट हैं. 

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11 अगस्त को ग्रामीण विकास राज्यमंत्री कमलेश पासवान ने लोकसभा में इस पर जवाब दिया. उन्होंने बताया कि इस राशि में बदलाव करने की सरकार की कोई योजना नहीं है. ये वैसे ही दी जाएगी, जैसे पिछले 19 सालों से दी जा रही है. द टेलीग्राफ की रिपोर्ट के मुताबिक, संसद में ये मामला कांग्रेस सांसद सुनील बोस ने उठाया था. उन्होंने पूछा था कि क्या सरकार ने पेंशन की राशि का कोई आकलन किया है? क्या राशि में बदलाव का कोई प्रस्ताव है?

कमलेश पासवान ने इस मुद्दे पर लिखित जवाब दिया. उन्होंने कहा, 

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समय-समय पर मंत्रालय और नीति आयोग NSAP योजनाओं के असर का पता लगाने के लिए कई स्टडीज और मूल्यांकन किए हैं. इन मूल्यांकनों से जमीनी स्तर पर ये कैसे काम करती है, इसका पता चलता है. अधिकतर लाभार्थियों ने पेंशन के चयन, मंजूरी और भुगतान की प्रक्रियाओं पर कुल मिलाकर संतुष्टि जाहिर की है.

उन्होंने आगे कहा,

स्टडीज से यह भी पता चला है कि पेंशन से लाभार्थियों को भोजन, स्वास्थ्य सेवा जैसे जरूरी खर्चों को पूरा करने में मदद मिली है, जिससे इन जरूरतों के लिए परिवार के सदस्यों पर उनकी निर्भरता कम हुई है.

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पैसे बढ़ाने पर मंत्री जी क्या बोले?

रकम में बदलाव के प्रस्ताव के सवाल पर मंत्री ने कहा कि राज्य और केंद्र शासित प्रदेश अपने संसाधनों से अतिरिक्त वित्तीय सहायता देकर केंद्र की मदद को बढ़ा सकते हैं. अभी, बुजुर्ग पेंशन योजना के तहत राज्य और केंद्र शासित प्रदेश हर लाभार्थी को 50 से 3,800 रुपये प्रति माह तक की अतिरिक्त सहायता देते हैं. मंत्री ने कहा कि अभी, NSAP के तहत सहायता की दर में बदलाव के किसी प्रस्ताव पर सरकार विचार नहीं कर रही.

(यह भी पढ़ें: हर महीने 50,000 रुपये पेंशन पाने का गणित: किस उम्र में शुरू करें निवेश कि बुढ़ापे में न फैलाना पड़े हाथ?)

लोगों के साथ हो रहा मजाक

सामाजिक कार्यकर्ता निखिल डे ने पेंशन में 200-300 रुपये प्रति माह को मजाक बताया. उन्होंने कहा,

NSAP के तहत मिलने वाली रकम को न तो महंगाई के हिसाब से एडजस्ट किया गया है. न ही पिछले लगभग दो दशकों में इसमें कोई बदलाव किया गया है. यह रकम लाभार्थियों के लिए एक दिन का खर्च चलाने के लिए भी काफी नहीं है. यह केंद्र द्वारा प्रायोजित योजना है, लेकिन केंद्र सरकार इस पर पैसे खर्च नहीं करना चाहती. वह चाहती है कि अगर राज्य 200 से ज्यादा देना चाहते हैं तो वे ही इसका खर्च उठाएं.

उन्होंने कहा कि लाभार्थी गरीबी रेखा से नीचे आते हैं और कई राज्य इस पैमाने में बदलाव नहीं कर रहे हैं. अब, कई गरीब लोगों को इसका फायदा ही नहीं मिल पा रहा है क्योंकि उनके नाम BPL लिस्ट में नहीं हैं.

कैसे दी जाती है पेंशन?

यह पेंशन ग्रामीण विकास मंत्रालय की ओर से दी जाती हैं. मंत्रायल एक 'नेशनल सोशल असिस्टेंस प्रोग्राम' (NSAP) चलाता है, जिसमें कमजोर वर्गों को पेंशन देने के लिए 3 तरह की योजनाएं शामिल हैं. 

'इंदिरा गांधी नेशनल ओल्ड एज पेंशन स्कीम' के तहत 60 से 79 साल के लोगों को 200 रुपये प्रति माह मिलते हैं. 

'इंदिरा गांधी नेशनल डिसेबिलिटी पेंशन स्कीम' में 18 साल से अधिक उम्र के दिव्यांग लोगों को 300 रुपये दिए जाते हैं. 

वहीं 'इंदिरा गांधी नेशनल विडो पेंशन स्कीम' में 40 साल से अधिक उम्र की विधवाओं को 300 रुपये मिलते हैं. 80 साल की उम्र पूरी होने पर, इन सभी को 500 रुपये प्रति माह मिलते हैं.

फिलहाल, NSAP के तहत 3.09 करोड़ लाभार्थी आते हैं. 

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