एशियन गेम्स 2026 में भारत के निशानेबाजों का शानदार प्रदर्शन जारी है. 25 सितंबर को सुरुचि इंदर सिंह और कमलजीत की जोड़ी ने 10 मीटर एयर पिस्टल मिक्स्ड टीम इवेंट में गोल्ड मेडल जीता. एशियन गेम्स 2026 में यह भारत का शूटिंग में पहला गोल्ड मेडल है. इन खेलों में ओवरऑल यह दूसरा गोल्ड मेडल है. इससे पहले, भारत की महिला क्रिकेट टीम ने सोने का तमगा अपने नाम किया था.
Asian Games : आखिरी वक्त के एक फैसले ने भारत को दिलाया गोल्ड मेडल!
10 मीटर एयर पिस्टल मिक्स्ड टीम इवेंट में भारत के गोल्ड मेडल जीतने की कहानी कुछ अलग है. दरअसल, इवेंट शुरू होने से पहले भारतीय टीम में ऐन वक्त बदलाव किया गया. पहले 10 मीटर एयर पिस्टल टीम इवेंट में सुरुचि इंदर सिंह के साथ केदारलिंग बालकृष्ण उचागनवे शामिल थे.

10 मीटर एयर पिस्टल मिक्स्ड टीम इवेंट में भारत के गोल्ड मेडल जीतने की कहानी कुछ अलग है. दरअसल, इवेंट शुरू होने से पहले भारतीय टीम में ऐन वक्त बदलाव किया गया. पहले 10 मीटर एयर पिस्टल टीम इवेंट में सुरुचि इंदर सिंह के साथ केदारलिंग बालकृष्ण उचागनवे शामिल थे. लेकिन, इवेंट से पहले नेशनल राइफल एसोसिएशन ऑफ इंडिया (NRAI) ने बड़ा फैसला लिया. NRAI ने सुरुचि के साथ जोड़ी में शामिल पुरुष केदारलिंग को बदल दिया. उनकी जगह एसोसिएशन ने कमलजीत को सुरुचि का जोड़ीदार बनाया.
क्यों बदलाव किया गया?एशियन गेम्स 2026 में 24 सितंबर को पुरुषों की 10 मीटर एयर पिस्टल व्यक्तिगत स्पर्धा के लिए क्वालिफिकेशन मुकाबला हुआ था. कमलजीत इस इवेंट में भारत के टॉप परफॉर्मर रहे. उन्होंने 580 पॉइंट हासिल करके 9वां स्थान हासिल किया. वह सिर्फ एक पॉंइंट से व्यक्तिगत स्पर्धा के फाइनल में एंट्री करने से चूक गए. इसके बाद NRAI ने उन्हें सुरुचि के साथ मिक्स्ड टीम इवेंट में शामिल करने का फैसला किया. इस बीच, केदारलिंग के लिए क्वालिफिकेशन राउंड अच्छा नहीं रहा. उन्होंने 568 अंक हासिल किए और 35वें नंबर पर रहे.
कमलजीत और सुरुचि ने क्वालिफिकेशन में शानदार प्रदर्शन किया. दोनों 587 पॉइंट्स के साथ टॉप पर रहे. कमलजीत और सुरुचि ने पहली सीरीज में 196 अंक बनाए. दूसरी सीरीज में 195 पॉइंट्स जोड़े. इससे उनके 391 पॉइंट्स हो गए. उस समय उनके 20 शॉट बाकी थे. तीसरी सीरीज में उन्होंने फिर 196 पॉइट्स हासिल किए. इसमें 29 इनर-10 शामिल थे. इस तरह उनका स्कोर 587 पॉइंट्स हो गया. इसके साथ ही उन्होंने फाइनल में अपनी जगह पक्की कर ली.
कमलजीत और सुरुचि की जोड़ी फाइनल में कुल 484.6 पॉइंट्स हासिल करके पहले नंबर पर रही. उन्होंने गोल्ड मेडल हासिल किया. वहीं, साउथ कोरिया की सुह्योन होंग और गाउन चू की जोड़ी 478.0 पॉइंट्स के साथ दूसरे नंबर पर रही. उसे सिल्वर मेडल मिला. इस इवेंट में ईरान ने 415.8 अंक हासिल करके ब्रॉन्ज मेडल हासिल किया.
कौन हैं सुरुचि इंदर सिंह?10 मीटर एयर पिस्टल मिक्स्ड टीम इवेंट में भारत को गोल्ड मेडल जिताने वाली सुरुचि इंदर सिंह की कहानी दिलचस्प है. सुरुचि का ताल्लुक हरियाणा के झज्जर जिले के सासरौली गांव से है. शुरुआत में सुरुचि के पिता हवलदार इंदर सिंह फोगाट चाहते थे कि उनकी बेटी पहलवान बने. इसलिए उन्होंने अपनी बेटी को अखाड़े में उतारा. कुश्ती में सुरुचि को ट्रनिंग करते अभी तीन महीने बीते थे. इस दौरान उन्हें कॉलरबोन की इंजरी हो गई. इसके बाद, कुश्ती में वापसी करना सुरुचि के लिए खतरे से खाली नहीं था. इसलिए उन्होंने कुश्ती छोड़ दी.
सुरुचि को निशानेबाजी जैसे टारगेट स्पोर्ट्स में भी दिलचस्पी थी. इसलिए उन्होंने कुश्ती छोड़ने के बाद, महज 13 साल की उम्र में शूटिंग का दामन थाम लिया. 2019 में वह भिवानी स्थिति गुरु द्रोणाचार्य शूटिंग एकेडमी में ट्रेनिंग लेने लगीं. इस दौरान पैसों कमी भी आड़े आई. लेकिन, उनके पिता ने अपनी बेटी के सपने को टूटने नहीं दिया. पिता इंदर सिंह फोगाट ने कर्ज लेकर अपनी बेटी के लिए पिस्टल खरीदी. इसके बाद, सुरुचि ने पीछे मुड़कर नहीं देखा. एशियन गेम्स 2026 में वह भारत को शूटिंग में पहला मेडल दिलाने वाली प्लेयर बनीं.
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एथलीट बनना चाहते थे कमलजीत10 मीटर एयर पिस्टल मिक्स्ड टीम इवेंट में सुरुचि के जोड़ीदार रहे कमलजीत का ताल्लुक हरियाणा के रेवाड़ी से है. कमलजीत शुरुआत में एथलीट बनना चाहते थे. उनका सपना ट्रैक पर दौड़ना था. इसके लिए उन्होंने कड़ी मेहनत भी शुरू कर दी थी. लेकिन, 2019 में वह गंभीर रूप से इंजर्ड हो गए. इस इंजरी ने उन्हें दूसरा खेल चुनने पर मजबूर कर दिया. तब कमलजीत की उम्र महज 15 साल थी.
एथलेटिक्स से सपना टूटने के बाद उन्होंने हार नहीं मानी. इसके बाद कमलजीत ने हाथ में पिस्टल थामी और शूटिंग में कदम रखा. साल 2019 में उन्होंने शूटिंग शुरू की. हालांकि, यह उनके लिए नई शुरुआत थी. एथलेटिक्स की अपेक्षा शूटिंग में, तकनीक, एक्यूरेसी और मेंटल मजबूती पर भी काम करना होता है. लेकिन, कमलजीत इन सब चीजों के प्रेशर में नहीं आए.
इस दौरान उनके परिवार ने भी उनसे कुछ नहीं पूछा. फैमिली ने कमलजीत का कदम दर कदम साथ दिया. यहां तक फैमिली ने उन्हें आगे बढ़ाने में अपनी छोटी-मोटी बचत भी उन पर खर्च कर दी. इसके बाद, कमलजीत की मेहनत रंग लाई. एशियन गेम्स 2026 में उन्होंने 10 मीटर एयर पिस्टल मिक्स्ड टीम इवेंट में पहला गोल्ड मेडल जीतकर देश का नाम रोशन कर दिया.
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