क्रिकेट के मैदान की बात हो, या फिर उसके बाहर की, आर अश्विन (R Ashwin) हमेशा से ही अपनी बात बड़ी बेबाकी से रखते हैं. हाल ही में उन्होंने क्रिकेट की दुनिया में फैन आर्मी के बढ़ते ट्रेंड और इसके असर को लेकर बात की. उन्होंने इसे बीमारी तक बता दिया. उन्होंने इशारों-इशारों में यह भी कहा कि सोशल मीडिया नैरेटिव बनाने में कुछ हद तक खिलाड़ी भी शामिल होते हैं.
अश्विन ने फैन आर्मी को बताया बीमारी? स्टार कल्चर पर बड़ी बात कह दी
पूर्व स्पिनर R Ashwin ने बताया कि जो बातें और क्रिकेट की दुनिया में सुनते हैं, वहीं बातें सोशल मीडिया पर फैन आर्मी दोहराती है. यह चीज उन्हें हैरान करती है.
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अश्विन ने इस बारे में खुलकर बात की. उन्होंने बताया कि जो बातें वो क्रिकेट की दुनिया में सुनते हैं, वहीं बातें सोशल मीडिया पर फैन आर्मी दोहराती है. यह चीज उन्हें हैरान करती है. अश्विन ने Revzpsorts Conclave में कहा,
''आजकल एक तरह की बीमारी फैली हुई है. सोशल मीडिया पर फैन आर्मी के ज़रिए जो राय सामने आती है, उनमें से कई मैंने खुद सुनी हैं. कभी-कभी तो मैंने इन्हीं बातों को नाश्ते या लंच के दौरान सुना है, और बाद में वे किसी और नाम से ऑनलाइन दिखाई देते हैं. तब मन में सवाल उठता है. आखिर ये सब हो कैसे रहा है?''
अश्विन ने कहा कि वह किसी खिलाड़ी पर आरोप नहीं लगा रहे, लेकिन यह जरूर मानते हैं कि यह पूरा बिजनेस सिस्टम है. उन्होंने कहा,
''मैं ये नहीं कह रहा कि खिलाड़ी खुद ये राय फैला रहे हैं, लेकिन ये डरावना है. क्या इसमें किसी तरह की जासूसी चल रही है? मैं ये नहीं कह रहा कि बिलकुल यही हो रहा है, लेकिन इसमें ज़रूर बिजनेस स्ट्रक्चर शामिल है. आज हर खिलाड़ी एक बिजनेसमैन है, और विचारों को बाहर फैलाना ब्रांड वैल्यू बढ़ा सकता है या एंगेजमेंट सुधार सकता है. मैं इसके पक्ष में हूं. लेकिन, किसी दूसरे क्रिकेटर के बारे में बुरा बोलना मैं कभी नहीं करूंगा.''
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पूर्व स्पिनर ने यहां टीम इंडिया के स्टार कल्चर को लेकर भी बात की. उन्होंने कहा कि लोग क्रिकेट की बात करना पसंद नहीं करते हैं. उन्होंने कहा,
''ये सब कहां से शुरू हुआ? हमने खिलाड़ियों के इर्द-गिर्द कहानियां गढ़नी शुरू कर दीं. हमने एक सुपरहीरो कल्चर बना दिया. एक फिल्मी कल्चर को बढ़ावा देना शुरू कर दिया. अब क्रिकेट की बात कौन करता है? खेल की बात ही कोई नहीं करता.''
अपनी बात जारी रखते हुए उन्होंने कहा,
''कुछ समय पहले, मैंने ट्विटर पर एक थ्रेड पोस्ट किया था जिसमें मैंने बताया था कि शुभमन एक खास तरीके से आउट क्यों हो रहे थे. मेरे लिए, हमेशा ‘क्या’ और ‘क्यों’ मायने रखता है, ‘कौन’ नहीं. लेकिन तुरंत ही बात तुलना पर आ गई. सिर्फ शुभमन ही क्यों, कोई और क्यों नहीं? मैंने सोचा, क्या आप लोग ये भी जानते हैं कि मैं क्या करता हूं?''
हेड कोच गौतम गंभीर ने लगातार यह कहा कि भारतीय क्रिकेट में सुपरस्टार कल्चर की जगह नहीं है. पूर्व भारतीय कप्तान सुनील गावस्कर ने भी टीम में बढ़ते स्टार कल्चर की कड़ी आलोचना करते हुए चेतावनी दी कि अगर इसे कंट्रोल नहीं किया गया तो यह भारतीय क्रिकेट के भविष्य को नुकसान पहुंचा सकती है.
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