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PM मोदी ने विपक्ष को फिर 'नाराज फूफा' बताया, इस बार क्या बोले?

PM Modi Naraz Fufa comment: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुजरात के वडोदरा में 35 हजार करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं का उद्घाटन किया. इस दौरान उन्होंने 'नाराज फूफा' मुहावरे का इस्तेमाल किया.

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पीएम मोदी ने वडोदरा में 35 हजार करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं का उद्घाटन किया. (फोटो-इंडिया टुडे)

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  • प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुजरात के वडोदरा में 'नमो फॉर विकसित भारत' कार्यक्रम में विपक्ष पर तंज कसते हुए 'नाराज फूफा' वाला जुमला दोबारा इस्तेमाल किया और 35 हजार करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं का उद्घाटन किया।
  • इस जुमले के इस्तेमाल के पीछे विपक्ष द्वारा कांग्रेस नेता राहुल गांधी समेत कई नेताओं की आपत्तियां और विवाद थे, जिन्होंने इसे अपमानजनक बताया था और सवाल पूछने वालों को शर्मिंदा करने का तरीका समझा था।
  • इस घटना के बाद विरोधी नेताओं ने पीएम मोदी की आलोचना जारी रखी है और इसके साथ ही ट्रांसपोर्टेशन क्षेत्र में डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर के संचालन से आर्थिक गतिविधियों में संभावित बदलाव देखे जा सकते हैं।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक बार फिर 'नाराज फूफा' वाले जुमले का इस्तेमाल किया है. उन्होंने गुजरात के वडोदरा में 'नमो फॉर विकसित भारत' कार्यक्रम में विपक्ष पर तंज कसते हुए कहा कि ‘अब फिर ये नाराज फूफा जी चिल्लाएंगे’. इससे पहले 5 सितंबर को पीएम मोदी ने जब विपक्ष के लिए इस मुहावरे का इस्तेमाल किया तो इस पर काफी विवाद हुआ. कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने इसे ‘अपमानजनक तमगा’ बताते हुए कहा कि यह ‘सवाल पूछने वालों को शर्मिंदा’ करने का तरीका है. 

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दरअसल, मंगलवार, 9 सितंबर को पीएम मोदी गुजरात के वडोदरा में एक कार्यक्रम में शामिल हुए. यहां उन्होंने 35 हजार करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं का उद्घाटन किया. इन परियोजनाओं में 2800 किलोमीटर लंबा डेडिकेटेड रेल फ्रेट कॉरिडोर भी शामिल है. इस कॉरिडोर का जिक्र करते हुए पीएम मोदी ने कहा, 

डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर तेजी से विकसित होते भारत की जीवन रेखा है. इसने भारत के ट्रांसपोर्टेशन सेक्टर का कायाकल्प कर दिया है. यह फ्रेट कॉरिडोर एक और वजह से कमाल का है. हाल ही में JNPT पोर्ट मुंबई से वडोदरा तक डबल स्टैक कंटेनर मालगाड़ी का संचालन किया गया है. इस मालगाड़ी के चलने से 250 से अधिक ट्रकों के बराबर का सामान मुंबई से वडोदरा चला आया.

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इसके बाद पीएम मोदी ने किसी का नाम लिए बगैर तंज कसते हुए कहा,

अब ये जो ‘नाराज फूफा जी’ हैं, वो चिल्लाएंगे कि ट्रक वालों का क्या होगा. ट्रक कहां जाएंगे. जिन्होंने ट्रक खरीदा. उनका क्या होगा. अब फूफा जी को काम मिल गया.

SRCC कॉलेज में भी नाराज फूफा का यूज

इससे पहले पीएम मोदी ने 5 सितंबर को श्रीराम कॉलेज ऑफ कॉमर्स (SRCC) के एक कार्यक्रम में विरोधियों के लिए इस शब्द का पहली बार यूज किया था. उन्होंने कहा था,

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कैंपस के बाहर आपको दो तरीके के लोग मिलेंगे. एक वो लोग जो सकारात्मक तरीके से समाज की शक्ति को राष्ट्र की शक्ति में बदलते हैं. दूसरी प्रजाति उन लोगों की है, जो कोई भी काम शुरू होने पर ‘नाराज फूफा’ बन जाते हैं. उनका फेवरेट काम होता है हर काम का विरोध करना.

कार्यक्रम में उन्होंने ‘दिमागी नक्सल’ शब्द भी कहा था. इस पर लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने आपत्ति जताई थी. उन्होंने दिल्ली में गिरी इमारत को पीएम मोदी के इस बयान से जोड़ते हुए कहा,

जवाबदेही मांगने पर प्रधानमंत्री ‘दिमागी नक्सल’ और ‘नाराज फूफा’ जैसे अपमानजनक तमगे देते हैं. ताकि शर्मिंदा करके सवाल पूछने वालों को चुप करा सकें.

ये भी पढ़ें: 'दिमागी नक्सल' पर पहली बार राहुल गांधी का पलटवार, PM मोदी की 'नीयत' पर सवाल उठाए

इससे पहले मल्लिकार्जुन खरगे ने प्रधानमंत्री के भाषण पर कहा था कि ‘नाराज फूफा, दिमागी नक्सल, अर्बन नक्सल, एडजेक्टिव्स बदलते रहते हैं, लेकिन मोदी सरकार की जन-विरोधी नीतियां नहीं बदलती.’

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