कांग्रेस सांसद और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने 29 अगस्त को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की. इसमें उन्होंने कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के हल्द्वानी दौरे के बाद हुए 'शुद्धीकरण' का मुद्दा उठाया. उन्होंने आरोप लगाया कि हल्द्वानी में मल्लिकार्जुन खरगे के भाषण के बाद स्टेज को शुद्ध किया गया. उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से इस मामले में दखल देने और FIR दर्ज करने की मांग की.
खरगे के मंच का 'शुद्धीकरण', राहुल गांधी ने SC-ST एक्ट में केस की मांग की, BJP-RSS को भी सुनाया
Rahul Gandhi ने कहा कि लड़ाई संविधान और BJP-RSS की विचारधारा के बीच है. उनका आरोप है कि कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष Mallikarjun Kharge के साथ हुई ये घटना BJP-RSS की दलित विरोधी मानसिकता को दिखाती है.

8 अगस्त को मल्लिकार्जुन खरगे ने उत्तराखंड के हल्द्वानी के रामलीला मैदान में एक रैली को संबोधित किया. दो दिन बाद उसी जगह पर श्री राम सेना के कुछ सदस्यों ने कथित तौर पर ‘शुद्धीकरण’ किया. आरोप है कि 'शुद्धीकरण हवन' आयोजित करने वाले लोग BJP से जुड़े थे.
28 अगस्त को राहुल गांधी नई दिल्ली में कांग्रेस हेडक्वार्टर इंदिरा भवन पहुंचे. उन्होंने एक प्रेजेंटेशन दिया और पीएम नरेंद्र मोदी से SC/ST एक्ट के तहत पूरे मामले की जांच का आदेश देने की मांग की.
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान राहुल गांधी ने कहा कि जब कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष के साथ इस तरह की घटना हो सकती है तो आम लोगों के खिलाफ भी ऐसी घटनाएं होती होंगी. उन्होंने बीजेपी और RSS (राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ) पर भी निशाना साधा.
आरोप लगाया कि भाजपा और RSS आज भी छुआछूत को बढ़ावा देते हैं, जबकि संविधान में इसे बैन किया गया है. संविधान में छुआछूत प्रैक्टिस करना एक ‘क्राइम’ है.
राहुल गांधी ने कॉन्फ्रेंस के दौरान उत्तराखंड में बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट का वीडियो भी चलाया. दावा किया कि महेंद्र भट्ट ने इस छुआछूत का समर्थन किया है. राहुल ने साफ किया कि जिन लोगों ने छुआछूत करके कानून तोड़ा, उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए. उन्होंने कहा कि देश के अलग-अलग हिस्सों में आज भी दलितों के साथ भेदभाव किया जाता है.
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‘दो विचारधाराओं की लड़ाई’राहुल गांधी ने आगे कहा कि लड़ाई संविधान और BJP-RSS की विचारधारा के बीच है. उनका आरोप है कि कांग्रेस नेता के साथ हुई ये घटना BJP-RSS की दलित विरोधी मानसिकता को दिखाती है.
इससे पहले मानसून सत्र के दौरान केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने राज्यसभा में इस घटना की आलोचना की थी. साथ ही आश्वासन दिया था कि स्ट्रिक्ट एक्शन लिया जाएगा. लेकिन राहुल गांधी का दावा है कि घटना के 20 दिन बाद भी कोई एक्शन नहीं हुआ.
कांग्रेस नेताओं ने ही साथ नहीं दिया?ये मामला कांग्रेस वर्किंग कमिटी की बैठक में भी उठा था. मल्लिकार्जुन खरगे ने दुख जाहिर करते हुए बताया था कि पार्टी के कई सदस्यों ने 'शुद्धीकरण' के मुद्दे पर खुलकर उनका समर्थन नहीं किया. आजतक के सीनियर स्पेशल कॉरेस्पोंडेंट राहुल गौतम ने राहुल गांधी इसका सच पूछा.
राहुल गांधी ने जवाब में कहा कि ऐसा नहीं है. उनके मुताबिक पार्टी के ज्यादातर सदस्यों ने खरगे का समर्थन किया था, जिसमें वो खुद भी शामिल थे. उन्होंने बताया कि मल्लिकार्जुन खरगे ने कांग्रेस के उन चुनिंदा नेताओं की बात की थी, जिन्होंने उनकी नजर में उनका समर्थन नहीं किया था.
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